पाकिस्तान ने सऊदी को सैन्य मदद से किया इनकार, इजरायल से खुफिया सहयोग की तलाश
हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच सऊदी अरब ने इजरायल से सुरक्षा सहयोग की संभावनाएं तलाशनी शुरू की हैं
पाकिस्तान ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब को सीधे सैन्य मदद देने से इनकार किया है, लेकिन वह रक्षा प्रणालियां उपलब्ध कराने को तैयार है। इसके बाद सऊदी अरब ने इजरायल से खुफिया और सुरक्षा सहयोग की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं।
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सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के खिलाफ पाकिस्तान से सैन्य मदद फिलहाल नहीं मिल रही है। इस्लामाबाद ने यमन में सीधे सैन्य अभियान में शामिल होने से इनकार किया है, जिससे रियाद की नजर अब इजरायल से संभावित खुफिया और सुरक्षा सहयोग पर टिक गई है।
अगस्त में सऊदी अरब ने तुर्किए और पाकिस्तान के साथ मक्का संयुक्त रक्षा समझौता किया था, जिसके तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। इसके बावजूद पाकिस्तान ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ विदेशी धरती पर युद्ध अभियान में शामिल होने को अपनी 'रेड लाइन' बताया है।
ईरान समर्थित हूती यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए हैं और लाल सागर तथा बाब अल-मंदेब क्षेत्र में उनकी गतिविधियों से सऊदी अरब की सुरक्षा और समुद्री व्यापार पर दबाव बढ़ा है। पाकिस्तान ने हूती के खिलाफ अपने सामरिक हथियार या सैन्य बल तैनात करने से इनकार किया है, लेकिन सऊदी की रक्षा के लिए रक्षा प्रणालियां उपलब्ध कराने पर वह तैयार है। इसका मतलब है कि इस्लामाबाद सऊदी की रक्षा में सहयोग कर सकता है, लेकिन यमन की जमीन पर सीधे युद्ध में उतरने से बच रहा है।
सऊदी अरब ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड से दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता और हूती से निपटने के लिए खुफिया सहयोग दिलाने की अपील की है। इसके साथ ही क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अन्य खाड़ी देशों और मिस्र से भी सहयोग मांगा है। अमेरिका और ब्रिटेन भी हूती के खिलाफ सीधे सैन्य हमले से फिलहाल बच रहे हैं और खुफिया सहयोग तथा सैन्य सलाह तक सीमित रहने की नीति अपना रहे हैं।
गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से हूती ने लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया है। ऐसे में सऊदी अरब के सामने चुनौती यह है कि वह जिस इजरायल को मान्यता नहीं देता और जिसके साथ औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, उसी से सुरक्षा और खुफिया सहयोग की संभावनाएं तलाश रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पाकिस्तान ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य मदद क्यों देने से इनकार किया?
- पाकिस्तान ने विदेशी धरती पर सीधे युद्ध में शामिल होना अपनी 'रेड लाइन' बताया है, लेकिन वह रक्षा प्रणालियां उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
- सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ किस तरह का समर्थन मांगा है?
- सऊदी अरब ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड से मध्यस्थता और खुफिया सहयोग की अपील की है, साथ ही अन्य खाड़ी देशों और मिस्र से भी सहायता मांगी है।
- हूती विद्रोही किन क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए हुए हैं?
- हूती विद्रोही यमन के बड़े हिस्से और लाल सागर तथा बाब अल-मंदेब क्षेत्र में सक्रिय हैं, जिससे सऊदी अरब की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
- गाजा युद्ध का हूती विद्रोहियों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
- गाजा युद्ध के बाद से हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया है।
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