पीएम मोदी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति पर डीएम से की चर्चा
गंगा के जलस्तर में वृद्धि, राहत शिविरों में व्यवस्थाओं की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से बातचीत कर गंगा के बढ़ते जलस्तर और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की तत्क्षण व्यवस्था करने को कहा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 सितंबर को वाराणसी में बाढ़ की स्थिति पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने गंगा के बढ़ते जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों में की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली और राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न होने देने और राहत कार्यों में पूरी तत्परता बनाए रखने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारी से राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में राहत सामग्री की अतिरिक्त आवश्यकता हो, वहां तत्काल उसकी व्यवस्था की जाए और प्रभावित लोगों तक सहायता तेजी से पहुंचाई जाए।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है और जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
सुरक्षा के लिए गंगा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अस्सी घाट से केशव घाट तक नाव संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है और नदी में आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 3 से 8 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक मौसमी गतिविधि का पूर्वानुमान लगाया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गंगा का चेतावनी स्तर क्या है?
- गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है।
- गंगा के किनारे किस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई है?
- गंगा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और नाव संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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