राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — अजमेर: किशनगढ़ सभापति पद के लिए भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी आमने-सामने
प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता पर हमला, चार आरोपियों के खिलाफ केस | सीकर: सीकर में मानसून की औपचारिक विदाई तीन दिन बाद | चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ के नन्दवाई में भादवा सुदी छठ पर भगवान देवनारायण की पूजा | धौलपुर: धौलपुर में देवछठ पर पूर्वजों की याद में मेला लगा
राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में नगर परिषद सभापति पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी आपस में चुनाव लड़ रहे हैं। प्रतापगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता पर हमला हुआ है, जिसके आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। सीकर जिले में तीन दिन बाद मानसून की औपचारिक विदाई होगी।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — अजमेर: किशनगढ़ सभापति पद के लिए भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी आमने-सामने; प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता पर हमला, चार आरोपियों के खिलाफ केस; सीकर: सीकर में मानसून की औपचारिक विदाई तीन दिन बाद; चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ के नन्दवाई में भादवा सुदी छठ पर भगवान देवनारायण की पूजा; धौलपुर: धौलपुर में देवछठ पर पूर्वजों की याद में मेला लगा.
अजमेर: किशनगढ़ सभापति पद के लिए भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी आमने-सामने
किशनगढ़ नगर परिषद के सभापति पद के लिए भाजपा के राजकुमार बड़जात्या और कांग्रेस के मोहित खंडेलवाल ने नामांकन दाखिल किया है। दोनों के पास करीब तीन-तीन करोड़ रुपए की अचल संपत्ति दर्ज है।
राजकुमार बड़जात्या के नाम लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि मोहित खंडेलवाल के पास करीब 2 करोड़ 43 लाख रुपए की अचल संपत्ति है।
राजकुमार बड़जात्या मार्बल कमीशन का काम करते हैं और एक फर्म में नौकरी भी करते हैं। उनके शपथपत्र में 2014 मॉडल का स्कूटर भी शामिल है जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपए है।
मोहित खंडेलवाल के शपथपत्र में इको स्पोर्ट कार और इलेक्ट्रिक स्कूटी का विवरण दर्ज है। दोनों प्रत्याशियों की संपत्ति में वाणिज्यिक और आवासीय भवन शामिल हैं।
नामांकन के बाद अब पार्षदों के समर्थन और चुनावी समीकरणों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता पर हमला, चार आरोपियों के खिलाफ केस
प्रतापगढ़ के अरनोद में भाजपा कार्यकर्ता मुकेश बैरागी पर हमला हुआ है। वे गणपति उत्सव से लौट रहे थे जब आरोपियों ने उनकी बाइक में तोड़फोड़ की। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी शिवलाल मीणा ने बताया कि मुकेश बैरागी ने थाने में रिपोर्ट दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि रात करीब 9 बजे वे गणपति उत्सव से अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में भरत राणा और उसका भाई अपने घर के बाहर बैठे थे। आरोपियों ने उनकी बाइक में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी वहां से फरार हो गए।
यह मामला नगर पालिका चुनाव से जुड़ा हुआ है। वार्ड 8 से भाजपा प्रत्याशी राहुल मीणा के सामने पूर्व सरपंच पति भरत राणा ने बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। चुनाव के दौरान और नतीजों के बाद से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस आरोपियों की तलाश में कई जगह छापेमारी कर रही है।
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि वे पीड़ित के साथ हैं और इस मामले में कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि चुनावी मतभेदों को लेकर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि घटिया राजनीति का सहारा लेकर किसी पर हमला करना ठीक नहीं है। प्रभारी शिवलाल मीणा ने बताया कि इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
सीकर: सीकर में मानसून की औपचारिक विदाई तीन दिन बाद
सीकर जिले में मानसून की औपचारिक विदाई तीन दिन बाद होने जा रही है। इस साल मानसून के दौरान जिले में औसत से 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जिससे कई फसलें प्रभावित हुई हैं। मौसम में लगातार बदलाव के बीच आज हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
सीकर जिले के फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान केंद्र ने आज सुबह न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री दर्ज किया। इससे पहले बुधवार को न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 38 डिग्री था। जिले में धूप कम रहने के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
जयपुर मौसम केंद्र के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राजस्थान के कई इलाकों में मानसून की विशेष गतिविधियां नहीं दिखेंगी। हालांकि, लौटते मानसून से प्रदेश के कुछ उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश के आसार हैं। इस साल राजस्थान के 20 जिलों में औसत या उससे कम बारिश हुई है।
सीकर जिले में बाजरे की अगेती फसल ठीक रही, लेकिन बाकी फसलों पर कम बारिश का असर पड़ा है। जिले के कई इलाकों में फसलें प्रभावित हुई हैं। मौसम में अगले दो दिनों में फिर बदलाव आने की संभावना है।
चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ के नन्दवाई में भादवा सुदी छठ पर भगवान देवनारायण की पूजा
चित्तौड़गढ़ जिले के नन्दवाई गांव में भादवा सुदी छठ के दिन भगवान देवनारायण के प्राचीन मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। उन्होंने दूध, अगरबत्ती और नारियल चढ़ाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
नन्दवाई के पलका मंदिर देव दरबार और फुट बावड़ी का देवरा, साथ ही बारह गांव स्थान मंदिर में विशेष आयोजन हुए। दोनों मंदिरों में बीती रात जागरण का कार्यक्रम हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों ने भजन-कीर्तन कर भगवान देवनारायण का गुणगान किया। सुबह 5 बजे श्रद्धालुओं ने चावल का कासा भोग लगाया और विधिवत पूजा सामग्री अर्पित की।
ग्रामवासियों का मानना है कि देवनारायण स्थान पर पशुओं को लाने से उनकी बीमारियां दूर हो जाती हैं। भगवान की परिक्रमा लगाने से पशुओं और जानवरों के रोग-दोष मिट जाते हैं। इसके अलावा, यहां आने से अन्य बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं।
गांव की समस्याओं, प्राकृतिक आपदाओं या बरसात जैसी किसी भी आपदा का संकेत भी इस स्थान पर मिलता है। पूजा के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
धौलपुर: धौलपुर में देवछठ पर पूर्वजों की याद में मेला लगा
धौलपुर के बाड़ी शहर में गुरुवार को भाद्रपद मास की छठ को देवछठ मेला लगा। श्रद्धालु बामनी नदी के किनारे बने मंदिर परिसर में ठाकुर मुरली मनोहर और राधारानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। यह मेला पूर्वजों की याद में सैकड़ों सालों से चलता आ रहा है।
श्रद्धालु मंदिर की साफ-सफाई के बाद पितरों की याद में ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं। वे परिवार सहित अपने पूर्वजों की याद में बने चबूतरों पर आते हैं और खीर, पूरी, सब्जी जैसे भोजन लेकर आते हैं। इसके बाद परिवार के साथ प्रकृति के बीच भोजन करते हैं।
मेला ग्रामीण इलाकों से भी श्रद्धालु आकर्षित करता है। मनोरंजन के लिए खाने-पीने और अन्य सामान की दुकानें भी लगती हैं।
मंदिर के किनारे बहने वाली बामनी नदी में वे महिलाएं, जिनके घरों में बेटा या बेटी की शादी हुई होती है, दूल्हे के सेहरे की कलंगी और दुल्हन की मोहरी का विसर्जन करती हैं। वे परिवार की सुख-समृद्धि के लिए देवताओं से कामना करती हैं।
आचार्य गांधी पचौरी ने बताया कि देवछठ पर पूर्वजों और पितरों को याद करने का यह शास्त्रों में अनूठा तरीका है। ग्रामीण इलाकों में पूर्वजों की याद में बनाए गए चबूतरे इसी मेले से जुड़े हैं।
युवा विपिन गोयल ने कहा, "वे हर साल परिवार सहित अपने पूर्वजों की याद में बने चबूतरों पर आते हैं।" पंडित सीताराम शर्मा ने बताया, "यह मेला हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की छठ को लगता है।" श्रद्धालु आकाश सेठ ने कहा, "मेले में श्रद्धालु मंदिर के दर्शन तो करते ही हैं।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किशनगढ़ सभापति चुनाव में दोनों उम्मीदवारों की संपत्ति का क्या महत्व है?
- दोनों उम्मीदवारों की संपत्ति उनकी आर्थिक स्थिति को दर्शाती है, जो चुनावी संसाधनों और प्रचार में मददगार हो सकती है।
- प्रतापगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता पर हुए हमले की जांच कौन कर रहा है?
- पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी कर रही है।
- सीकर में मानसून की औपचारिक विदाई के बाद मौसम कैसा रहेगा?
- मौसम में अगले दो दिनों में फिर बदलाव आने की संभावना है और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
- धौलपुर में देवछठ मेले का क्या महत्त्व है?
- यह मेला पूर्वजों की याद में आयोजित होता है, जो सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण उत्सव है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.