राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — बांसवाड़ा: बांसवाड़ा की तीन निकायों में सभापति पद के लिए भाजपा-कांग्रेस का मुकाबला
डूंगरपुर: डूंगरपुर और सागवाड़ा में आज चेयरमैन पद के लिए वोटिंग | धौलपुर: गिरीश गर्ग बिना चुनाव लड़े बने धौलपुर के निर्विरोध सभापति | करौली: सपोटरा में खेल स्टेडियम के लिए 2 करोड़ रुपए मंजूर | बारां: बारां नगरपरिषद में सभापति पद के लिए मतदान आज
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की तीन निकायों में सभापति पद के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला है। डूंगरपुर और सागवाड़ा में आज चेयरमैन पद के लिए मतदान हो रहा है, जबकि धौलपुर में गिरीश गर्ग बिना चुनाव लड़े निर्विरोध सभापति बने हैं। करौली में खेल स्टेडियम के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और बारां नगरपरिषद में भी सभापति पद के लिए मतदान जारी है।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — बांसवाड़ा: बांसवाड़ा की तीन निकायों में सभापति पद के लिए भाजपा-कांग्रेस का मुकाबला; डूंगरपुर: डूंगरपुर और सागवाड़ा में आज चेयरमैन पद के लिए वोटिंग; धौलपुर: गिरीश गर्ग बिना चुनाव लड़े बने धौलपुर के निर्विरोध सभापति; करौली: सपोटरा में खेल स्टेडियम के लिए 2 करोड़ रुपए मंजूर; बारां: बारां नगरपरिषद में सभापति पद के लिए मतदान आज.
बांसवाड़ा: बांसवाड़ा की तीन निकायों में सभापति पद के लिए भाजपा-कांग्रेस का मुकाबला
बांसवाड़ा जिले की नगरपरिषद और दो नगरपालिकाओं में सभापति पद के चुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर है। नामांकन वापसी के बाद भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है। आज दोपहर तक तीनों निकायों में सभापति और अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला तय हो जाएगा।
60 वार्डों वाली नगरपरिषद में भाजपा के पास 34, कांग्रेस के पास 22 और चार निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा के मुकेश रावत और कांग्रेस के गौतम मईड़ा आमने-सामने हैं। स्पष्ट बहुमत के कारण नगरपरिषद में भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है।
25 सदस्यीय एक नगरपालिका बोर्ड में कांग्रेस के 12 और भाजपा के 11 पार्षद हैं। कांग्रेस के सुदीप पंचोरी और भाजपा के सुनील आचार्य के बीच मुकाबला है। संख्या बल में कांग्रेस आगे है, लेकिन निर्णय निर्दलीय पार्षदों के हाथ में है।
दूसरी नगरपालिका में भाजपा से हितेश पडियार और कांग्रेस से सुशीला प्रजापत मैदान में हैं। मतदान के बाद परिणामों से तीनों निकायों की कमान किसके हाथ में जाएगी, यह स्पष्ट हो जाएगा।
डूंगरपुर: डूंगरपुर और सागवाड़ा में आज चेयरमैन पद के लिए वोटिंग
डूंगरपुर नगर परिषद और सागवाड़ा नगर पालिका में आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चेयरमैन पद के लिए वोटिंग हो रही है। दोनों निकायों के चुने हुए पार्षद मतदान कर रहे हैं। मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम जारी किए जाएंगे।
डूंगरपुर नगर परिषद में भाजपा से पूर्व सभापति और स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता की पत्नी सुशीला गुप्ता चेयरमैन पद की प्रत्याशी हैं। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व नगर प्रभारी भरत नागदा मैदान में हैं। भाजपा से बागी और निर्दलीय सुनील जैन ने भाजपा का समर्थन किया है। बीएपी के तीन पार्षद हैं, लेकिन उन्होंने किस पार्टी को वोट देंगे, यह स्पष्ट नहीं है।
सागवाड़ा नगरपालिका में भाजपा के पास 23 पार्षदों के साथ बहुमत है। भाजपा से आशा पाटीदार चेयरमैन पद की प्रत्याशी हैं। कांग्रेस के आठ और बीएपी के चार पार्षद हैं। इस स्थिति में सागवाड़ा में भी भाजपा की चेयरमैन बनने की संभावना मजबूत है।
मतदान दोपहर 2 बजे तक नगर परिषद में बनाए गए मतदान केंद्रों पर जारी रहेगा। इसके बाद मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
धौलपुर: गिरीश गर्ग बिना चुनाव लड़े बने धौलपुर के निर्विरोध सभापति
धौलपुर नगर परिषद में कांग्रेस 27 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन सभापति पद गिरीश गर्ग के खाते में गया। गर्ग ने इस बार पार्षद का चुनाव नहीं लड़ा, फिर भी निर्विरोध सभापति चुने गए।
राजस्थान में निकाय चुनाव में सभापति या चेयरमैन बनने के लिए पहले पार्षद का चुनाव जीतना जरूरी नहीं है। इस 'हाइब्रिड सिस्टम' के तहत वार्ड चुनाव और निकाय प्रमुख का चुनाव अलग-अलग स्तर पर होता है। 2019 में लागू नियमों के अनुसार, बिना पार्षद बने निकाय प्रमुख चुने जाने की स्थिति में छह महीने के भीतर पार्षद बनने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
इस बार धौलपुर में कांग्रेस को 27 सीटें मिलीं, जबकि बहुमत के लिए 31 पार्षदों का समर्थन आवश्यक था। बीजेपी के 11, बसपा के 3 और 19 निर्दलीयों में से 17 ने गिरीश गर्ग का समर्थन किया, जिससे उनका समर्थन 31 तक पहुंच गया। सभापति पद के लिए सात नामांकन दाखिल हुए, जिनमें से छह उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया। अंततः गिरीश गर्ग अकेले बचे और निर्विरोध सभापति चुने गए।
निर्विरोध चुने जाने के बाद गर्ग ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे से मुलाकात की। राजे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि गर्ग ने उनसे मुलाकात कर आभार व्यक्त किया और धौलपुर के विकास का संकल्प लिया।
धौलपुर का यह मामला राजस्थान के निकाय चुनाव के 'हाइब्रिड सिस्टम' को समझने का महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है, जहां वार्ड चुनाव और निकाय प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया अलग-अलग रही। आज राजस्थान के अन्य निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष पदों के चुनाव पर नजर है।
करौली: सपोटरा में खेल स्टेडियम के लिए 2 करोड़ रुपए मंजूर
राजस्थान सरकार ने सपोटरा में खेल स्टेडियम निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। यह घोषणा युवा मामले एवं खेल विभाग के संयुक्त शासन सचिव ने बजट वर्ष 2025-26 की घोषणाओं के तहत की। क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है।
विधायक हंसराज मीना ने बताया कि स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति 21 अगस्त को वित्त विभाग के संयुक्त शासन सचिव ललित कुमार ने जारी की। स्टेडियम के लिए भूमि भी पहले ही आवंटित की जा चुकी है।
कलेक्टर करौली ने उपखंड अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत हरिया के मंदिर क्षेत्र में 0.24 हेक्टेयर और नगर पालिका क्षेत्र के रतनापुरा में 0.24 हेक्टेयर भूमि स्टेडियम निर्माण के लिए आवंटित की है।
बारां: बारां नगरपरिषद में सभापति पद के लिए मतदान आज
बारां नगरपरिषद में सभापति पद के लिए मतदान आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। इस चुनाव में केवल चुने हुए पार्षद ही वोट डाल सकेंगे। रिटर्निंग अधिकारी और एसडीएम रामावतार मीणा की देखरेख में यह प्रक्रिया पूरी सुरक्षा के साथ आयोजित की जा रही है।
मतदान स्थल पर तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है और निकाय भवन के बाहर बैरिकेडिंग कर अधिकृत लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। जिले की छह नगर निकायों में आज अध्यक्ष पद के लिए मतदान का अधिकार है।
अधिकारी बालमुकुंद असावा ने बताया, "मतदान स्थल पर सिर्फ चुने हुए सदस्यों को ही अंदर जाने दिया जा रहा है।" कानून व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गिरीश गर्ग के बिना चुनाव लड़े सभापति बनने का तरीका क्या है?
- राजस्थान के 'हाइब्रिड सिस्टम' के तहत निकाय प्रमुख का चुनाव वार्ड चुनाव से अलग होता है, जिससे बिना पार्षद चुने भी कोई व्यक्ति सभापति बन सकता है, लेकिन छह महीने के भीतर पार्षद बनना अनिवार्य होता है।
- धौलपुर में गिरीश गर्ग ने निर्विरोध सभापति बनने के बाद किससे मुलाकात की?
- निर्विरोध चुने जाने के बाद गिरीश गर्ग ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे से मुलाकात की और धौलपुर के विकास को लेकर संकल्प लिया।
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