राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — भरतपुर: भरतपुर के बांध बारेठा में बटरफ्लाई पार्क की उम्मीद
बूंदी: बूंदी में इस साल आधे से भी कम बारिश, किसानों को नुकसान | बारां: बारां के आदिवासी क्षेत्र में स्टोरेज प्लांट की मंजूरी पर वन विभाग ने रोक | राजसमंद: राजसमंद में 19-20 सितंबर दो दिवसीय माहेश मेला लगेगा | नागौर: संतोष टाक के साथ 29 पार्षदों का वीडियो सामने आया
भरतपुर के बांध बारेठा क्षेत्र में 27 तितली प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जिसके कारण वन विभाग यहां बटरफ्लाई पार्क विकसित करने की योजना बना रहा है। बूंदी जिले में इस साल औसत बारिश पहले से आधे से भी कम हुई है जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। बारां के आदिवासी क्षेत्र में प्रस्तावित बिजली स्टोरेज प्लांट को वन विभाग ने पेड़ काटने के कारण रोक लगाई है।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — भरतपुर: भरतपुर के बांध बारेठा में बटरफ्लाई पार्क की उम्मीद; बूंदी: बूंदी में इस साल आधे से भी कम बारिश, किसानों को नुकसान; बारां: बारां के आदिवासी क्षेत्र में स्टोरेज प्लांट की मंजूरी पर वन विभाग ने रोक; राजसमंद: राजसमंद में 19-20 सितंबर दो दिवसीय माहेश मेला लगेगा; नागौर: संतोष टाक के साथ 29 पार्षदों का वीडियो सामने आया.
भरतपुर: भरतपुर के बांध बारेठा में बटरफ्लाई पार्क की उम्मीद
भरतपुर के बांध बारेठा क्षेत्र में वन विभाग ने तितलियों की 27 अलग-अलग प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की है। यह क्षेत्र जैव विविधता के लिहाज से समृद्ध है और यहां तितलियों के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण पाया गया है। वन विभाग अब यहां बटरफ्लाई पार्क विकसित करने की योजना बना रहा है।
वन विभाग द्वारा हाल ही में बांध बारेठा में कराए गए सर्वेक्षण में तितलियों के अंडे और कैटरपिलर होस्ट पौधों पर बड़ी संख्या में पाए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र तितलियों के प्रजनन और जीवनचक्र के लिए उपयुक्त है।
बांध बारेठा अपने विशाल जलाशय, घने जंगल और विविध पक्षी प्रजातियों के लिए जाना जाता है। तितली संरक्षण की यह पहल इस क्षेत्र को प्रकृति पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाएगी।
वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि यदि आगामी सर्वेक्षणों में भी तितलियों की विविधता और प्रजनन गतिविधियां समान रूप से पाई जाती हैं, तो यहां एक व्यवस्थित बटरफ्लाई पार्क विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
यह पार्क वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए ज्ञानवर्धक केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
डीएफओ चेतन कुमार ने कहा, "बांध बारेठा क्षेत्र में जैव विविधता काफी समृद्ध है।"
बूंदी: बूंदी में इस साल आधे से भी कम बारिश, किसानों को नुकसान
बूंदी जिले में इस साल अब तक औसत से काफी कम बारिश हुई है। 18 सितंबर तक जिले में कुल 607.43 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले साल के औसत 1450.07 मिलीमीटर से आधे से भी कम है। कम बारिश के बावजूद बेमौसम बरसात ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
जयपुर मौसम विभाग ने बताया कि आज भी जिले के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। जिले की विभिन्न तहसीलों में बारिश की स्थिति औसत से कम रही है। नैनवां तहसील में सबसे ज्यादा 761 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इंद्रगढ़ में सबसे कम 465 मिलीमीटर बारिश हुई।
बूंदी तहसील में सामान्य औसत 983.15 मिलीमीटर के मुकाबले 643 मिलीमीटर बारिश हुई है। तालेड़ा में सामान्य 775.62 मिलीमीटर के मुकाबले 647 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जिसमें 1 जून से 17 सितंबर के बीच 584 मिलीमीटर बारिश शामिल है। केशोरायपाटन में सामान्य 976.70 मिलीमीटर के मुकाबले 683 मिलीमीटर बारिश हुई, जिसमें आज एक दिन में 85 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
पिछले 10 साल का औसत बारिश 907.34 मिलीमीटर और पिछले 5 साल का औसत 1076.60 मिलीमीटर रहा है। नैनवां में सबसे ज्यादा और इंद्रगढ़ में सबसे कम बारिश पिछले वर्षों के औसत के अनुसार भी दर्ज की गई।
बारां: बारां के आदिवासी क्षेत्र में स्टोरेज प्लांट की मंजूरी पर वन विभाग ने रोक
बारां जिले के आदिवासी क्षेत्र में प्रस्तावित बिजली स्टोरेज प्लांट को अंतिम मंजूरी मिलने से पहले वन विभाग ने पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई है। शाहाबाद के घने जंगल में इस प्रोजेक्ट के लिए 1 लाख 19 हजार से ज्यादा पेड़ काटने का प्रस्ताव है। वन विभाग ने इसे भूस्खलन और मिट्टी कटाव के लिए गंभीर खतरा बताया है।
एपीसीसीएफ और एफसीए की नोडल अधिकारी टीजे कविता ने सरकार को रिपोर्ट भेजी है जिसमें कहा गया है कि वाटर कंडक्टिंग सिस्टम और पावर हाउस के लिए अकेले 18 हजार 809 पेड़ काटने का प्रस्ताव है। इस संख्या में से करीब 10 हजार 551 पेड़ तो काटने ही पड़ेंगे।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने तेलंगाना की कंपनी ग्रीनको को सुझाव दिया था कि वाटर कंडक्टिंग सिस्टम को अंडरग्राउंड किया जाए ताकि 18 हजार 809 पेड़ बचाए जा सकें। कंपनी ने जवाब दिया कि कुछ हिस्सा अंडरग्राउंड करके 44 प्रतिशत यानी करीब 8258 पेड़ बचाए जा सकते हैं।
एपीसीसीएफ ने कंपनी के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में लिखा है कि ढलान पर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कटने से मिट्टी का कटाव और भूस्खलन का गंभीर खतरा होगा। कटाई से बारिश में ऊपरी मिट्टी बह जाएगी और पास के जल स्रोतों में तलछट जमा होगी।
राज्य सरकार ने अब तक इस पर कोई आपत्ति नहीं की थी और पॉजिटिव रिपोर्ट भेजी थी, जिसके आधार पर प्लांट को स्टेज-1 यानी सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब स्टेज-2 यानी अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। वन विभाग की आपत्ति ने पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है।
राजसमंद: राजसमंद में 19-20 सितंबर दो दिवसीय माहेश मेला लगेगा
राजसमंद में माहेश्वरी सेवा समिति के तत्वावधान में माहेश्वरी महिला मंडल राजनगर द्वारा 19 और 20 सितंबर को दो दिवसीय माहेश मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में करीब 50 स्टॉल लगेंगे जहां महिला उद्यमी अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगी।
माहेश मेले का आयोजन माहेश्वरी भवन राजनगर में होगा। इसमें राजस्थान के प्रमुख शहरों के साथ नीमच से भी स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में महिलाओं के कपड़े, ज्वेलरी, हाथ से बनी वस्तुएं, पापड़-पापड़ी, अचार, मुरब्बा, खाखरा, नमकीन सहित विविध उत्पाद उपलब्ध होंगे। त्योहारी खरीदारी के लिए दीपावली डेकोरेशन सामग्री, दीपक, नवरात्रि की ड्रेस, डांडिया, बच्चों के कपड़े और खिलौने भी मिलेंगे।
मेले में बर्गर, ब्राउनी, सैंडविच, पानीपुरी, भेलपुरी, सेवपुरी, वडा पाव और मसाला खींचा जैसे खाद्य पदार्थों के स्टॉल भी रहेंगे। बच्चों के लिए मिकी माउस और जंपिंग गेम्स की व्यवस्था भी की गई है।
सचिव लीला लढ्ढा ने बताया कि दोनों दिन हर घंटे लकी ड्रॉ निकलेगा और दोपहर 3 से 4 बजे तक तंबोला और फन गेम्स होंगे। आयोजकों ने कहा कि मेले का उद्देश्य महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देना और राजसमंद की महिलाओं को विविध उत्पादों की खरीदारी का अवसर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।
माहेश मेले के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इस दौरान प्रदेश सचिव मंजू गांधी, जिला अध्यक्ष चंदा देवपुरा, पूर्व अध्यक्ष मंजू निष्कलंक, वर्तमान अध्यक्ष कृष्णा लड्डा, सचिव लीला लड्ढा, कार्यकारिणी सदस्य सुनीता निष्कलंक, अंजू, सह सचिव सुमन देवपुरा, निर्मला और सुनीता लड्ढा मौजूद रहीं।
नागौर: संतोष टाक के साथ 29 पार्षदों का वीडियो सामने आया
नागौर में नगर परिषद सभापति चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी संतोष टाक के साथ 29 पार्षदों का एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि ये पार्षद टाक के पति हुकमीचंद टाक की बाड़ेबंदी में शामिल हैं।
वीडियो में निर्दलीय और कांग्रेस के पार्षद भी दिखे हैं। भाजपा की ओर से की गई बाड़ेबंदी में करीब 20 पार्षदों के होने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सभापति पद के लिए भाजपा की ओर से वार्ड 33 से विजयी संतोष टाक मैदान में हैं। वहीं वार्ड 17 से भाजपा टिकट पर चुनाव जीत चुकीं रमा सांखला ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। भाजपा संगठन उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए मनाने में लगा है।
यदि रमा सांखला मैदान में बनी रहती हैं तो सभापति पद का मुकाबला त्रिकोणीय होगा। नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन दोपहर 1 बजे तक तीनों में से कोई भी प्रत्याशी नामांकन वापस लेने के लिए कार्यालय नहीं पहुंचा था।
नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। नगर परिषद में बहुमत के आंकड़े को देखते हुए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भरतपुर के बांध बारेठा में बटरफ्लाई पार्क बनने पर स्थानीय लोगों को क्या लाभ होंगे?
- यह पार्क न केवल वन्यजीव संरक्षण में मदद करेगा बल्कि स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
- बूंदी में कम बारिश के कारण किसानों को किस तरह का नुकसान हुआ है?
- बेमौसम बारिश और कम वर्षा के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।
- बारां के आदिवासी क्षेत्र में स्टोरेज प्लांट को वन विभाग ने क्यों रोका है?
- वन विभाग ने पेड़ों की कटाई के कारण भू-स्खलन और मिट्टी कटाव के गंभीर खतरे को लेकर आपत्ति जताई है।
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