राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — उदयपुर: उदयपुर में मानसून की बारिश नहीं, अफ्रीका की गर्मी ने रोका
जोधपुर: 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने की मांग | अलवर: अलवर में भर्तृहरि मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे | सीकर: खंदड़ा जोहड़ मंदिर में विश्वकर्मा जयंती महोत्सव मनाया गया | जयपुर: एसएमएस में 15 वर्षीय किशोर का पहला केडेवर लिवर ट्रांसप्लांट
राजस्थान के उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में मानसून की बारिश कम हुई है, जिसका कारण अफ्रीका में तापमान वृद्धि के कारण मानसूनी हवाओं का अन्य दिशा में बदलना बताया गया है। जोधपुर में 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने और उस दिन अवकाश की मांग की गई है। अलवर में भर्तृहरि मेले का आयोजन हुआ, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — उदयपुर: उदयपुर में मानसून की बारिश नहीं, अफ्रीका की गर्मी ने रोका; जोधपुर: 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने की मांग; अलवर: अलवर में भर्तृहरि मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे; सीकर: खंदड़ा जोहड़ मंदिर में विश्वकर्मा जयंती महोत्सव मनाया गया; जयपुर: एसएमएस में 15 वर्षीय किशोर का पहला केडेवर लिवर ट्रांसप्लांट.
उदयपुर: उदयपुर में मानसून की बारिश नहीं, अफ्रीका की गर्मी ने रोका
उदयपुर सहित बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में इस बार मानसून की बारिश कम रही। जुलाई और अगस्त में सूखे माहौल के कारण नदियाँ और नाले सूखे रहे। अफ्रीका में तापमान बढ़ने से मानसूनी हवाएं पश्चिम की ओर खिंच गईं, जिससे मानसून राजस्थान के मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाया।
अरब सागर की शाखा मानसून की शुरुआत में बांसवाड़ा तक पहुंची, लेकिन फिर कमजोर हो गई। बंगाल की खाड़ी में बने मानसूनी सिस्टम ने भी राजस्थान के कई हिस्सों तक बारिश नहीं पहुंचाई और सीधे अरब सागर में समा गया। इस वजह से उदयपुर क्षेत्र में मानसून कमजोर रहा।
सामान्यतः सर्दियों में सक्रिय रहने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस बार मानसून के दौरान भी सक्रिय रहा। इसकी सूखी हवाओं ने मानसूनी बादलों को पूर्वी राजस्थान तक सीमित कर दिया, जिससे दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में बारिश का कोटा पूरा नहीं हो पाया।
मानसून के अंतिम चरण में अक्सर एक मजबूत बारिश का दौर देखने को मिलता है। पिछले आठ साल के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत तक बारिश होती रही है। उदाहरण के तौर पर, साल 2025 में 15 सितंबर, 2024 में 23 सितंबर, 2023 में 25 सितंबर, 2022 में 22 सितंबर, 2021 में 6 अक्टूबर, 2020 में 28 सितंबर, 2019 में 9 अक्टूबर और 2018 में 19 सितंबर तक बारिश हुई थी।
इसलिए मौसम में हल्का बदलाव होने पर मानसून के जाते-जाते बादल झमाझम बरसाकर जलस्रोतों को राहत दे सकते हैं। इस बार भी विदाई से पहले बारिश की उम्मीद बनी हुई है।
जोधपुर: 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने की मांग
भारतीय मजदूर संघ ने 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने और इस दिन प्रदेश के सभी श्रमिकों के लिए अवकाश देने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह दिन भगवान विश्वकर्मा जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो श्रम, हुनर और कारीगरी का प्रतीक हैं।
जिला अध्यक्ष चुन्नीनाथ ने बताया कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर मजदूर, कारीगर, मिस्त्री, तकनीकी कर्मचारी और निर्माण श्रमिक अपने औजारों की पूजा करते हैं। जिला मंत्री अमरसिंह ने कहा कि श्रमिक अपने परिश्रम से देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मंत्री दिनेश बाघेला ने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए संघ ने 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने और अवकाश की मांग की है।
अलवर: अलवर में भर्तृहरि मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
अलवर के भर्तृहरिधाम में तीन दिवसीय भर्तृहरि मेला शुरू हो गया है। पहले दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु मेले में पहुंचे। मेला कमेटी ने पंचायत भवन में कंट्रोलरूम और खोया-पाया केंद्र बनाया है।
गुरुवार को भर्तृहरि मंदिर में ध्वज चढ़ाने और पूजा अर्चना के साथ मेला शुरू हुआ। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, उनकी पत्नी गीता जूली, मेला संयोजक पदम गुर्जर और व्यवस्थापक पेमाराम सैनी सहित अन्य ने पंचायत भवन से ध्वज लेकर मंदिर तक जुलूस निकाला।
मेला स्थल पर नाथ संप्रदाय के साधु संत और श्रद्धालु देर रात तक आते रहे। कई श्रद्धालु दंडौती लगाकर भर्तृहरिधाम पहुंचे। मेला में 50 से अधिक स्थानों पर भंडारे चल रहे हैं और भामाशाहों व धार्मिक संगठनों ने 100 से अधिक प्याऊ लगाए हैं।
अलवर और टहला से भर्तृहरिधाम के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। गुरुवार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 55 बसें भर्तृहरि मेले में भेजी गईं। यात्रीभार के अनुसार 19 सितंबर तक 24 घंटे बस सेवा जारी रहेगी।
मेला कमेटी ने पंचायत भवन में कंट्रोलरूम और खोया-पाया केंद्र बनाया है। कंट्रोलरूम से माइक के जरिए श्रद्धालुओं से कचरा पात्र में कचरा डालने और सफाई में सहयोग देने का आवाहन किया जा रहा है। दिन-रात सफाई कर्मचारी सफाई कर रहे हैं।
मेला कमेटी ने भंडारे करने वालों को पत्तों के दूने-पत्तल निशुल्क उपलब्ध कराए हैं। हजरत निजामुद्दीन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के कुलियों ने भी प्याऊ लगाई है।
सीकर: खंदड़ा जोहड़ मंदिर में विश्वकर्मा जयंती महोत्सव मनाया गया
राजस्थान के खंदड़ा जोहड़ में स्थित विश्वकर्मा मंदिर में गुरुवार को विश्वकर्मा जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। सुबह 8.15 बजे पंडित अशोक शर्मा और शिवनंदन शर्मा के सानिध्य में हवन किया गया। इसके बाद भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
मंदिर में आसपास के गांवों जैसे रोड़वाल, माजरी खुर्द, विजय सिंह पुरा, दोसोद, रैवाणा, कायसा, डूमरोली, गण्डाला, पीपली से श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन कर धोक लगाई और मंदिर की परिक्रमा की।
महोत्सव में इंजीनियरिंग, निर्माण और हस्तकला उद्योग से जुड़े लोग भी शामिल हुए। लीलाराम जांगिड़, विक्रम यादव, सुशील यादव, राजेश जांगिड़, राजेन्द्र जांगिड़, मुकेश पंच, रामनिवास, रोहिताश्व जांगिड़, राजेन्द्र मास्टर, सुरेश जांगिड़, सतीश जांगिड़, मनोज जांगिड़, रामफल, प्रवीण जांगिड़ समेत अन्य लोग मौजूद थे।
भास्कर न्यूज के अनुसार, खाटूश्यामजी बाबा श्याम का अमावस्या के स्नान के बाद तिलक शृंगार किया गया। करीब 19 घंटे के अंतराल के बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने बाबा की मनमोहक छवि के दर्शन किए।
दर्शन के लिए 75 फीट मार्ग पर बनी 14 कतारों में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। श्रद्धालुओं ने तिलक शृंगार के दर्शन किए और मनोकामनाएं मांगीं। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए श्री श्याम मंदिर कमेटी एवं पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए। मंदिर परिसर व दर्शन मार्ग पर पुलिस व कमेटी के सुरक्षा गार्ड्स ने श्रद्धालुओं को सहयोग दिया।
तिलक शृंगार के कारण बुधवार रात्रि में बाबा श्याम के मंदिर के पट मंगल कर दिए गए थे।
जयपुर: एसएमएस में 15 वर्षीय किशोर का पहला केडेवर लिवर ट्रांसप्लांट
एसएमएस अस्पताल के हिमेटो पैक्रियाटों-बिलियरी एवं लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के डॉक्टरों ने प्रतापगढ़ निवासी 15 वर्षीय किशोर का केडेवर लिवर ट्रांसप्लांट किया है। यह सरकारी स्तर पर पहला पीडियाट्रिक लिवर ट्रांसप्लांट है।
डोनर जोधपुर की ब्रेन डेड 9 साल की बच्ची थी, जिसका लिवर किशोर में लगाया गया। किशोर को अब न केवल पीलिया से मुक्ति मिली है, बल्कि पेट में पानी भी नहीं भर रहा है।
परिजन पहले दिल्ली और गुजरात जैसे बड़े शहरों में इलाज के लिए ले गए थे। 20 दिन बाद किशोर को एसएमएस अस्पताल से गुरुवार को डिस्चार्ज किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राजस्थान में मानसून की बारिश क्यों कम रही?
- अफ्रीका में बढ़े तापमान के कारण मानसूनी हवाएं पश्चिम की ओर चली गईं, जिससे राजस्थान के मध्य और उत्तर-पश्चिमी इलाकों तक बारिश नहीं पहुँच पाई।
- अलवर मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
- मेला कमेटी ने कंट्रोलरूम, खोया-पाया केंद्र बनाए हैं, 55 रोडवेज बसें चलाई गई हैं, और सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
- जोधपुर में 17 सितंबर राष्ट्रीय श्रमिक दिवस कब तक मनाने की मांग की गई है?
- भारतीय मजदूर संघ ने इस दिन को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने और श्रमिकों को अवकाश देने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
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