राजस्थान के ज़िलों की 6 खबरें — खैरथल: कोटकासिम पुलिस ने मास्टरमाइंड अनिल को गिरफ्तार किया
जैसलमेर: जैसलमेर में पानी के हौद से कोबरा और बच्चे का सफल रेस्क्यू | जालोर: जालोर में महर्षि जाबालि का श्रद्धापूर्वक स्मरण | भीलवाड़ा: राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भीलवाड़ा के मालासेरी डूंगरी मंदिर में दर्शन किए | भरतपुर: रुदावल के भुने मावे के लड्डू दूर-दूर से आते हैं ऑर्डर | चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़
राजस्थान के खैरथल क्षेत्र में कोटकासिम पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के मुख्य आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया है, जो कई आपराधिक मामलों में वांछित था। जैसलमेर में पानी के हौद से एक कोबरा और उसके बच्चे को वन्यजीव टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। जालोर में महर्षि जाबालि का श्रद्धापूर्वक स्मरण समारोह आयोजित हुआ।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — खैरथल: कोटकासिम पुलिस ने मास्टरमाइंड अनिल को गिरफ्तार किया; जैसलमेर: जैसलमेर में पानी के हौद से कोबरा और बच्चे का सफल रेस्क्यू; जालोर: जालोर में महर्षि जाबालि का श्रद्धापूर्वक स्मरण; भीलवाड़ा: राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भीलवाड़ा के मालासेरी डूंगरी मंदिर में दर्शन किए; भरतपुर: रुदावल के भुने मावे के लड्डू दूर-दूर से आते हैं ऑर्डर; चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ में स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण पर कार्यक्रम.
खैरथल: कोटकासिम पुलिस ने मास्टरमाइंड अनिल को गिरफ्तार किया
कोटकासिम पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के मुख्य आरोपी अनिल उर्फ भोला उर्फ मन्नू को गिरफ्तार किया है। वह हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क में सक्रिय था और कई आपराधिक मामलों में वांछित था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी अनिल पुत्र अतरसिंह, निवासी सांचोद थाना कोटकासिम का रहने वाला है। वह अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ मारपीट, मादक पदार्थ, आबकारी, चोरी और लूट जैसे कई अपराधों में भी शामिल रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह मुंडावर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मुंडावर, कोटकासिम तथा हरियाणा के बावल और कसौला थाना क्षेत्रों में भी मामले दर्ज हैं।
एसपी उपाध्याय ने बताया कि थाना स्तर पर बनी टीम ने खुफिया जानकारी जुटाकर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। यह कार्रवाई अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान के तहत की गई है।
जैसलमेर: जैसलमेर में पानी के हौद से कोबरा और बच्चे का सफल रेस्क्यू
जैसलमेर के बबरमगरा क्षेत्र में बुधवार शाम एक रहवासी मकान के खाली पानी के हौद में दो जहरीले कोबरा सांप पाए गए। सूचना पर स्थानीय वन्यजीव और सर्प मित्र टीम ने करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद सांपों को सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया।
बबरमगरा निवासी परिवार के घर में पानी की जरूरत के चलते टैंकर मंगवाया गया था। जब टैंकर का पाइप हौद में डाला गया, तब अंदर छिपे एक बड़े कोबरा और उसके बच्चे ने हलचल मचाई। परिवार के सदस्यों ने तुरंत वन्यजीव और सर्प मित्र साहिल खान को सूचना दी।
स्नेक कैचर साहिल खान और उनके सहयोगी ईश्वर आवश्यक उपकरण लेकर मौके पर पहुंचे। हौद गहरा था और कोबरा अत्यंत विषैला होने के कारण रेस्क्यू में विशेष सावधानी बरती गई। दोनों ने बिना जल्दबाजी के स्थिति का जायजा लिया और करीब 30 से 40 मिनट तक सावधानी से सांपों को पकड़ने का प्रयास किया।
कोबरा और उसके बच्चे को हौद के कोने से निकालकर रेस्क्यू बैग में कैद किया गया। दोनों सर्प मित्रों के कुशल अनुभव से यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। इसके बाद सांपों को शहर से दूर एक घने और सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
जानकारों के अनुसार गर्मी या पानी की तलाश में जहरीले सांप रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर लेते हैं। समय रहते सही सूचना मिलने और कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
जालोर: जालोर में महर्षि जाबालि का श्रद्धापूर्वक स्मरण
जालोर के शांतिनगर बी-ब्लॉक कॉलोनी में गणपति पंडाल में ऋषि पंचमी के अवसर पर महर्षि जाबालि का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस दौरान कॉलोनी के महिला-पुरुष और युवा श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलित कर पूजन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महर्षि जाबालि के व्यक्तित्व, कृतित्व और दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने जाबालोपनिषद में प्रतिपादित चतुराश्रम व्यवस्था का उल्लेख करते हुए ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास के जीवन के विभिन्न चरणों में शिक्षा, पारिवारिक जिम्मेदारियों, संयम और त्याग के महत्व को समझाया।
वक्ताओं ने बताया कि प्राचीन काल में इस नगर का नाम जाबालीपुरम था, जो कालांतर में अपभ्रंश होकर जालोर हो गया। महर्षि जाबालि की तपस्या से इस क्षेत्र की पहचान जुड़ी है।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से ऋषि पूजन कर ज्ञान, संयम और परोपकार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विनायक मित्र मंडल के कार्यकर्ता और कॉलोनी के नागरिक उपस्थित रहे। अंत में मंडल की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया गया।
भीलवाड़ा: राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भीलवाड़ा के मालासेरी डूंगरी मंदिर में दर्शन किए
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 16 सितंबर को भीलवाड़ा के आसींद स्थित मालासेरी डूंगरी और सवाई भोज मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने मंदिर परिसर में भगवान देवनारायण के पेनोरमा का अवलोकन किया और 1115वें अवतरण दिवस समारोह में शामिल हुए।
राज्यपाल गहलोत ने मालासेरी डूंगरी मंदिर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व वाले कार्यक्रम में भाग लेकर श्रद्धालुओं के साथ समय बिताया। मालासेरी डूंगरी मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल ने भगवान देवनारायण के जीवन और लोक आस्था से जुड़े प्रसंगों की जानकारी दी।
गहलोत ने गरुड़ अवतार लीलाधर घोड़ा के 1115वें अवतरण दिवस समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उपखंड अधिकारी विकास मोहन भाटी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और आमजन भी मौजूद रहे।
भरतपुर: रुदावल के भुने मावे के लड्डू दूर-दूर से आते हैं ऑर्डर
भरतपुर के रुदावल कस्बे में पारंपरिक मिठाइयों में शुमार भुने मावे के लड्डू लोगों में खास लोकप्रिय हैं। भट्टी पर धीमी आंच पर भुने मावे से तैयार ये लड्डू स्वाद और खुशबू में अलग अनुभव देते हैं और खास मौकों पर ऑर्डर किए जाते हैं।
रुदावल के लड्डू बनाने की प्रक्रिया शुद्ध मावे से शुरू होती है। सबसे पहले मावे को कढ़ाई में भट्टी पर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भुना जाता है ताकि वह नीचे न लगे और समान रूप से भुन सके। भूनने के दौरान मावे का रंग और स्वाद बदल जाता है और उसमें एक अलग खुशबू आ जाती है जो इन लड्डुओं को सामान्य मावे के लड्डुओं से अलग बनाती है।
मावा भुनने के बाद उसे तापमान पर लाकर स्वादानुसार मिठास मिलाई जाती है। फिर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर लड्डू का आकार दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया में सामग्री की गुणवत्ता और मावे को सही तरीके से भूनने पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि लड्डुओं का स्वाद और बनावट बरकरार रहे।
भुने हुए मावे की वजह से इन लड्डुओं में खास खुशबू और स्वाद आता है जो खाने वालों को अलग अनुभव देता है। यही कारण है कि रुदावल के ये लड्डू स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले ग्राहकों के बीच भी आकर्षण का केंद्र हैं। खास आयोजनों और अवसरों पर लोग इन्हें ऑर्डर करते हैं।
रुदावल के ये लड्डू पारंपरिक मिठाई बनाने की कला और स्थानीय स्वाद की एक अलग पहचान बनाते हैं। इनकी कीमत 350 रुपए प्रति ऑर्डर बताई जाती है।
चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ में स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण पर कार्यक्रम
चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा वन विभाग ने स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए। इसमें बच्चों को ओजोन परत, पेड़-पौधे और वन्यजीवों के महत्व के बारे में बताया गया।
रावतभाटा रेंज ने राजकीय मॉडल स्कूल दीपपुरा में विश्व ओजोन दिवस मनाया। इस दौरान क्विज, वाद-विवाद और जागरूकता कैंप आयोजित किए गए। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह शक्तावत, क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोज कुमार शर्मा, वनरक्षक श्रवण राम, सोनू गवारिया, राम कुमार और राधा रोत मौजूद रहे।
भैंसरोड़गढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास के गांवों के स्कूलों में भी 'प्रकृति की पाठशाला' कार्यक्रम हुआ। वनरक्षक रिया ने बच्चों को ओजोन परत का महत्व समझाया और बताया कि इसके खराब होने से पर्यावरण, वन्यजीवों और इंसानों को नुकसान हो सकता है। वनरक्षक राजेंद्र चौधरी ने जंगल में पेड़-पौधों और वन्यजीवों की भूमिका बताई और बंदरों तथा मछलियों को खाना न देने की अपील की। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय वन अधिकारी दिनेश नाथ, वनरक्षक राजेंद्र चौधरी और रिया मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कोटकासिम पुलिस ने अनिल को कैसे गिरफ्तार किया?
- पुलिस ने थाना स्तर पर बनी टीम के जरिए खुफिया जानकारी जुटाकर अनिल को गिरफ्तार किया।
- जैसलमेर में कोबरा और बच्चे के रेस्क्यू में कौन शामिल था?
- वन्यजीव और सर्प मित्र टीम के स्नेक कैचर साहिल खान और उनके सहयोगी ने स्थानीय उपकरणों के साथ रेस्क्यू किया।
- जालोर में महर्षि जाबालि स्मरण कार्यक्रम में क्या मुख्य बातें कही गईं?
- वक्ताओं ने महर्षि जाबालि के व्यक्तित्व, कृतित्व और जाबालोपनिषद में प्रतिपादित चतुराश्रम व्यवस्था पर प्रकाश डाला।
- भीलवाड़ा में राज्यपाल गहलोत ने किस कार्यक्रम में भाग लिया?
- राज्यपाल ने मालासेरी डूंगरी मंदिर के 1115वें अवतरण दिवस समारोह एवं धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
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