राजस्थान के ज़िलों की 3 खबरें — दौसा: लालसोट में बच्चों ने उत्तम शौच धर्म पर नृत्य प्रस्तुतियां दीं
फलोदी: फलोदी के गोविंदगढ़ में 350 साल पुराने मंदिर में मेला भरा | झालावाड़: समिया गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया
राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट में बच्चों ने उत्तम शौच धर्म पर नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिसमें 5 से 15 वर्ष के बच्चों ने भाग लिया। फलोदी के गोविंदगढ़ में 350 साल पुराने कालका माता मंदिर में वार्षिक मेला आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। झालावाड़ के समिया गांव के ग्रामीणों ने आगामी पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — दौसा: लालसोट में बच्चों ने उत्तम शौच धर्म पर नृत्य प्रस्तुतियां दीं; फलोदी: फलोदी के गोविंदगढ़ में 350 साल पुराने मंदिर में मेला भरा; झालावाड़: समिया गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया.
दौसा: लालसोट में बच्चों ने उत्तम शौच धर्म पर नृत्य प्रस्तुतियां दीं
लालसोट में श्री दिगंबर जैन महिला मंडल ने पर्वाधिराज दशलक्षण महोत्सव के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म पर एकल नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया। पांच से पंद्रह साल के बच्चों ने जोश के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं और पुरस्कार भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत उषा बैनाड़ा ने मंगलाचरण से की। इस दौरान लोभ, ईर्ष्या और बुरे विचारों को छोड़कर मन को पवित्र बनाना उत्तम शौच धर्म बताया गया। यह शुद्ध विचार, शुद्ध व्यवहार और शुद्ध आत्मा की ओर बढ़ने का अहम कदम है।
एकल नृत्य कार्यक्रम में प्रिंजल, फलक, आराध्या, हार्दिक, यशी, शुभ, आकांक्षा, कृति, दर्शित, लविश, अथर्व, अनावी, सान्वी, प्रथम, सौम्या, ध्रुव, भूवि, आदित्य और भव्य ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में बच्चों को ताराचंद, कमलेश कुमार और अनिल कुमार बैनाड़ा ने पुरस्कार दिए। इस आयोजन की जिम्मेदारी तेजमती बड़जात्या और अन्नू बैनाड़ा ने संभाली।
इस मौके पर शिखर बड़जात्या, रविंद्र जैन, मोहित सोनी, मोहित बड़जात्या, रौनक सोनी, विमला कासलीवाल, पिंकी सोनी, रीटा श्रीमाल, प्रिया गंगवाल, वंशिका जैन सोनी, अंजलि बैनाड़ा समेत समाज के कई महिला-पुरुष मौजूद रहे।
अध्यक्ष श्वेता जैन ने बताया, "उत्तम आर्जव धर्म के दिन भी महेंद्र कुमार और शिखर चंद जैन सोनी ने पुरस्कार बांटे थे।"
फलोदी: फलोदी के गोविंदगढ़ में 350 साल पुराने मंदिर में मेला भरा
फलोदी के गोविंदगढ़ उपखंड क्षेत्र में स्थित 350 साल पुराने कालका माता मंदिर में भादवा शुक्ल अष्टमी के अवसर पर वार्षिक मेला श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उमड़ी। आसपास के दर्जनों गांवों से भक्त झंडे-ध्वज लेकर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे और माता से आशीर्वाद लिया।
गोविंदगढ़ के सागरमति नदी के पास करीब 150 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर को राठौड़ वंशजों की कुलदेवी माना जाता है। उपासक प्रकाश पाराशर ने बताया, "यह गोविंदगढ़ का प्रसिद्ध धार्मिक मेला है।" श्रद्धालुओं ने नारियल, खीर-चूरमा समेत प्रसाद चढ़ाकर माता के दरबार में मनोकामनाएं मांगी और देश-प्रदेश व गांव में खुशहाली की कामना की।
गांव में सुबह से ही उत्साह का माहौल था और अलग-अलग वर्ग के लोग समूह बनाकर माता के दरबार पहुंचे। मेले में खिलौने, चाट-पकौड़ी और अन्य दुकानों पर भी भीड़ रही। भक्तों का कहना था कि माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मेला धार्मिक आस्था, परंपरा और ग्रामीण संस्कृति का संगम दिखा। इसके अलावा लोकदेवता पाबूजी महाराज के मंदिर में सोमवार को मेला भरा जाएगा, जहां राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
पाबूजी महाराज का यह एकमात्र मंदिर कोलू पाबूजी गांव में स्थित है। श्रद्धालु पैदल चलकर दर्शन करने पहुंचेंगे और मंदिर परिसर में दुकानें भी लगेंगी। पाबूजी महाराज के भोपे उनकी जीवनी का फड़ वाचन करेंगे और मंदिर के पास उनके जीवन की विस्तृत जानकारी वाला पैनोरमा भी मौजूद है।
झालावाड़: समिया गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया
झालावाड़ के सुनेल तहसील में समिया गांव के ग्रामीणों ने आगामी पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। वे कहते हैं कि कॉलोनी में सड़क, नाली और जलभराव जैसी मूलभूत समस्याओं का सालों से समाधान नहीं हुआ है, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, समिया गांव में कनवाड़ा लघु सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र से विस्थापित लोगों के लिए एक कॉलोनी बनाई गई थी। 2016 से अब तक इस कॉलोनी में सड़क और नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दौरान पानी की निकासी न होने से बरसात का पानी घरों में घुस जाता है, जिससे परिवारों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए जिला कलेक्टर, एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए हैं। जनसुनवाई शिविरों में भी यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
नाराज ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि और प्रत्याशी वोट मांगने गांव आते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद मूलभूत समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इसी कारण उन्होंने मतदान का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। वे कहते हैं कि जब तक सड़क, नाली और जल निकासी की समस्या का समाधान नहीं होगा, वे मतदान से दूरी बनाए रखेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- लालसोट में आयोजित नृत्य कार्यक्रम का आयोजन कौन कर रहा था?
- यह कार्यक्रम श्री दिगंबर जैन महिला मंडल द्वारा पर्वाधिराज दशलक्षण महोत्सव के चौथे दिन आयोजित किया गया था।
- गोविंदगढ़ मंदिर में मेला कब और कैसे मनाया जाता है?
- मेला भादवा शुक्ल अष्टमी के अवसर पर वार्षिक रूप से मनाया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों से श्रद्धालु पूजा-अर्चना और प्रसाद चढ़ाने आते हैं।
- समिया गांव के ग्रामीणों ने मतदान क्यों बहिष्कार किया है?
- ग्रामीणों का कहना है कि कॉलोनी में सड़क, नाली और जलभराव जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने मतदान बहिष्कार की घोषणा की है।
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