राजस्थान के ज़िलों की 3 खबरें — सलूंबर: सलूम्बर नगर परिषद के नए पार्षदों को शपथ के बाद बाड़ेबंदी
राजसमंद: राजसमंद में ध्यान दिवस पर तप, त्याग और संयम का संदेश | जयपुर: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में कांग्रेस की जीत
राजस्थान के सलूम्बर नगर परिषद के नए पार्षदों को शपथ दिलाने के बाद दोनों प्रमुख दलों ने उन्हें अलग-अलग निजी बसों से अज्ञात स्थानों पर भेजा है। राजसमंद में पर्युषण महापर्व के सातवें दिन ध्यान दिवस मनाया गया, जिसमें तप, त्याग और संयम का संदेश दिया गया। जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में कांग्रेस ने चुनाव जीता है।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — सलूंबर: सलूम्बर नगर परिषद के नए पार्षदों को शपथ के बाद बाड़ेबंदी; राजसमंद: राजसमंद में ध्यान दिवस पर तप, त्याग और संयम का संदेश; जयपुर: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में कांग्रेस की जीत.
सलूंबर: सलूम्बर नगर परिषद के नए पार्षदों को शपथ के बाद बाड़ेबंदी
सलूम्बर नगर परिषद के 25 वार्डों में 11 सितंबर को मतदान हुआ था। 14 सितंबर को मतगणना पूरी होने के बाद नए पार्षदों को शपथ दिलाई गई और दोनों प्रमुख दलों ने उन्हें निजी बसों में बैठाकर अज्ञात जगह भेजा।
मतगणना के बाद दोपहर में सलूम्बर उपखंड कार्यालय स्थित निर्वाचन कार्यालय में नए पार्षदों को शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद भाजपा और कांग्रेस के पार्षद अलग-अलग समूहों में निजी बसों से अज्ञात स्थान के लिए रवाना हो गए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों दल अपने पार्षदों को सलूम्बर जिले से बाहर किसी होटल में ठहराने की तैयारी में हैं। नगर परिषद में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। बहुमत जुटाने और अध्यक्ष पद पर अपने उम्मीदवार को बैठाने के लिए भाजपा और कांग्रेस पूरी ताकत लगा रहे हैं।
चुनाव में कुल 62 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें भाजपा के 12, कांग्रेस के 11, बीएपी के 1 और निर्दलीय के 1 उम्मीदवार शामिल थे। अब पार्षदों के परिणाम आने के बाद नगर परिषद की सत्ता की अगली तस्वीर अध्यक्ष पद के चुनाव से साफ होगी।
पिछले दिनों बाड़ेबंदी को लेकर बांसवाड़ा और सलूम्बर में कांग्रेस पार्षदों की अलग-अलग जगहों पर बाड़ेबंदी की खबरें आ चुकी हैं। इस बार भी दोनों दलों ने अपने नए पार्षदों को एकजुट रखा और रणनीति के तहत कार्रवाई की।
राजसमंद: राजसमंद में ध्यान दिवस पर तप, त्याग और संयम का संदेश
राजसमंद के तेरापंथ सभा भवन आमेट में पर्युषण महापर्व के सातवें दिन ध्यान दिवस के रूप में मनाया गया। उपासकों ने तप, त्याग और संयम के महत्व को समझाया और तपस्या पूरी की। यह आयोजन युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के दिशा-निर्देशानुसार हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत महिला मंडल के मंगलाचरण से हुई, जिसमें प्रेक्षा वाहिनी संवाहक रेणु छाजेड़ ने प्रेक्षा गीत गाया और उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को ध्यान का अभ्यास करवाया। उपासक प्रवक्ता गणेशलाल मेहता ने भगवान पारसनाथ की जीवनी पर चर्चा करते हुए तप, त्याग, संयम और साधना के महत्व को बताया।
सुभाष सामोता ने ध्यान की उपयोगिता और आध्यात्मिक जीवन में उसकी भूमिका पर विस्तार से बताया और एक गीतिका के माध्यम से तप की महिमा का वर्णन किया। तपस्वी वैशाली श्रीश्रीमाल ने आठ और दिव्या श्रीश्रीमाल ने नौ दिन की तपस्या पूरी की, जो उन्होंने आत्मसाधना के जरिए पूरी की।
तपस्वियों के तप की सराहना तेरापंथ सभा अध्यक्ष यशवंत कुमार चोरड़िया, मोतीलाल डांगी, गौरव श्रीश्रीमाल और पवन कच्छारा ने की। महिला मंडल मंत्री संगीता चंडालिया सहित महिला मंडल और कन्या मंडल के सदस्यों ने भी गीतिका और भाषणों के जरिए तप की प्रशंसा की। महिला मंडल के पदाधिकारियों ने तपस्वियों का सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन सभा मंत्री ज्ञानेश्वर मेहता ने किया। सभी श्रावक-श्राविकाओं ने खुशी और जयघोष के साथ तपस्वियों के तप की सराहना की। कार्यक्रम की जानकारी प्रतिनिधि पवन कच्छारा ने दी।
पाँच दिन पहले झालावाड़ में पर्युषण महापर्व का भव्य शुभारंभ हुआ था, जिसमें मंत्री ने प्रवचन दिया था। इस बार ध्यान दिवस पर तप, त्याग और संयम का संदेश विशेष रूप से दिया गया।
जयपुर: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में कांग्रेस की जीत
जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड नंबर 61 में पहली बार हुए नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के सुरेश मीणा ने बीजेपी प्रत्याशी को 438 वोटों से हराकर जीत हासिल की है। यह इलाका पहले ग्राम पंचायत क्षेत्र था और नए परिसीमन के बाद नगर निगम क्षेत्र में शामिल हुआ है।
रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड की जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह इलाका अगस्त में सरकारी स्कूल की जर्जर हालत को लेकर चर्चा में रहा था। उस समय बच्चों को अस्थायी तौर पर पशुओं के बाड़े जैसी जगह में पढ़ाने की तस्वीरें सामने आई थीं।
स्कूल की खराब स्थिति देखने पहुंचे कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की भी हुई थी, जिससे यह मामला प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। बाद में प्रशासन ने स्कूल के लिए नए भवन और व्यवस्थाओं की प्रक्रिया शुरू की थी।
चुनाव नतीजों के बाद स्थानीय स्तर पर स्कूल से जुड़ा पुराना मुद्दा फिर चर्चा में है, लेकिन केवल चुनाव परिणाम को स्कूल विवाद से जोड़ना सही नहीं होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सलूम्बर में नए पार्षदों को बाड़ेबंदी क्यों की गई?
- दो प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस अपने पार्षदों को एकजुट रखने और अध्यक्ष पद के चुनाव तक रणनीति बनाए रखने के लिए उन्हें अज्ञात स्थानों पर रख रहे हैं।
- राजसमंद में ध्यान दिवस कैसे मनाया गया?
- तेरापंथ सभा भवन आमेट में महिला मंडल के मंगलाचरण और प्रेक्षा गीत के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ, जहां तप, त्याग और संयम के महत्व को समझाया गया।
- जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में चुनाव जीतने वाले कांग्रेस प्रत्याशी कौन हैं?
- सुरेश मीणा ने बीजेडी प्रत्याशी को 438 वोटों से हराकर यहां पहली बार हुए नगर निगम चुनाव में जीत हासिल की।
- रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में सरकारी स्कूल की समस्या का क्या हाल है?
- स्कूल की खराब स्थिति के बाद प्रशासन ने नए भवन और व्यवस्थाओं की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे शिक्षा व्यवस्था सुधारने की पहल हुई है।
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