ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पांच गांवों का संपर्क टूटा
बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने लगा, किसानों की फसलें बर्बाद, ग्रामीण प्रशासन से राहत की मांग
ऋषिकेश के अकिलपुर पंचायत में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण पांच गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों में दहशत के साथ-साथ आर्थिक संकट भी है क्योंकि सैकड़ों हेक्टेयर की फसलें जलमग्न हो गई हैं, और वे प्रशासन से तत्काल राहत और कटावरोधी उपायों की मांग कर रहे हैं।
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ऋषिकेश। ऋषिकेश के अकिलपुर पंचायत में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे पांच गांवों का संपर्क टूट गया है। बाढ़ का पानी कई रास्तों और घरों तक पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। किसान अपनी फसलें बर्बाद होने से चिंतित हैं और प्रशासन से राहत की मांग कर रहे हैं।
अकिलपुर पंचायत के दुधिया, अकिलपुर, बतरौली, रामदासचक और बंगलापर गांवों के रास्ते पानी में डूब गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। पंचायत की कई सड़कें जलमग्न हैं और बाढ़ का पानी अब घरों की ओर बढ़ रहा है।
पानी के तेज बढ़ने से मलखाचक के पास नदी का कटाव भी तेज हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के सैकड़ों हेक्टेयर खेत जलमग्न हो चुके हैं, जिनमें नेनुआ, करेला, लौकी, परवल, भिंडी, बैंगन के साथ मकई और मसूरिया की फसलें भी शामिल हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अकिलपुर पंचायत बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है, लेकिन अभी तक प्रशासन की कोई टीम गांव में नहीं पहुंची है। उन्होंने तत्काल राहत और कटावरोधी उपाय शुरू कराने की मांग की है।
ऋषिकेश में पहाड़ों में भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में नदी चेतावनी की रेखा से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। उफान के कारण घाट पूरी तरह जलमग्न हैं और सहायक नदियों में भी पानी का स्तर बढ़ रहा है।
प्रतिनिधि वकील राय ने बताया, "पानी लगातार बढ़ रहा है और अब घरों तक पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है।" इस स्थिति को देखते हुए कुछ लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
ग्रामीण प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने और कटावरोधी उपायों को तत्काल लागू करने की अपील कर रहे हैं।
किसानों के लिए यह समय आर्थिक संकट का है क्योंकि फसलें जलमग्न होने से बर्बाद हो रही हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावित इलाकों में पहुंचकर मदद करे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसानों का मुख्य चिंता क्या है?
- किसान अपनी फसलें बर्बाद होने और आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं।
- क्या प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में कोई कार्रवाई की है?
- ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक प्रशासन की कोई टीम प्रभावित गांवों में नहीं पहुंची है।
- ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
- ग्रामीणों ने आपदा राहत और कटावरोधी उपायों को तुरंत शुरू करने की मांग की है।
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