साहिबगंज में 11 टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित
वन प्रमंडल ने गोद लिए मरीजों को दूसरे माह का पोषण किट उपलब्ध कराया
साहिबगंज में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 11 टीबी मरीजों को दूसरे महीने के लिए पोषण किट वितरित की गई, जो छह महीने तक नियमित दी जाएगी। वन प्रमंडल के अधिकारी और अन्य कर्मी इन मरीजों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके अलावा, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में भी 50 से अधिक मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की गई।
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साहिबगंज। साहिबगंज में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत वन प्रमंडल ने गोद लिए 11 टीबी मरीजों को शुक्रवार को दूसरे माह का पोषण किट दिया। यह पोषण किट छह माह तक नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
वन प्रमंडल के डीएफओ प्रबल गर्ग और कार्यालय के अन्य कर्मियों ने निक्षय मित्र बनकर इन मरीजों को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है। डीएफओ ने तीन मरीजों को गोद लिया है, जबकि पंचम कुमार दुबे ने दो, विद्यापति कुमार, प्रवीण कुमार ठाकुर, जोशीमुद्दीन, अमित कुमार, हर्ष कुमार और मनोज कुमार ने एक-एक मरीज को गोद लिया है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 50 से अधिक टीबी मरीजों को पोषण पोटली बांटी गई। विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार ने मरीजों को अपने हाथों से पोषण पोटली दी और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रोफेसर विधु द्विवेदी, प्रोफेसर हीरक कांति चक्रवर्ती, डॉ. रविशंकर पांडेय, डॉ. रानी द्विवेदी और डॉ. कंचन मिश्रा भी मौजूद रहे।
टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज के सभी वर्ग इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। अमर उजाला में प्रकाशित एक बयान में कहा गया है कि सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से स्वस्थ एवं समर्थ भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पोषण किट वितरण किस अभियान के तहत हुआ?
- यह वितरण टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य टीबी मरीजों का बेहतर इलाज और पोषण सुनिश्चित करना है।
- संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कौन-कौन मौजूद थे?
- कार्यक्रम में कुलसचिव राकेश कुमार, नोडल अधिकारी प्रोफेसर विधु द्विवेदी, प्रोफेसर हीरक कांति चक्रवर्ती, डॉ. रविशंकर पांडेय, डॉ. रानी द्विवेदी और डॉ. कंचन मिश्रा उपस्थित थे।
- टीबी मुक्त भारत अभियान का लक्ष्य क्या है?
- अभियान का लक्ष्य है समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से टीबी मुक्त और स्वस्थ भारत का निर्माण।
- टीबी मरीजों के इलाज में सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका क्या है?
- सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से टीबी मरीजों को बेहतर इलाज और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित किया जा सकता है।
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