संजू सैमसन ने बाहरी आलोचनाओं पर खोला दिल, वैभव सूर्यवंशी को लेकर कही बड़ी बात
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने आलोचनाओं के असर और टीम के नए खिलाड़ियों पर अपनी राय दी
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन ने कहा कि भारत में क्रिकेटरों पर होने वाली बाहरी आलोचनाओं का असर पड़ता है, लेकिन मानसिकता मजबूत रखकर इसे संभाला जा सकता है। उन्होंने 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि टीम का हिस्सा बताया और कहा कि टीम के लिए एक साथ खेलना जरूरी है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 22 गेंदों पर 57 रन बनाने वाले संजू सैमसन ने भारत में क्रिकेटरों पर होने वाली बाहरी चर्चाओं का असर स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि इन बातों का खिलाड़ियों पर प्रभाव पड़ता है, लेकिन मानसिकता साफ़ रखकर इसे संभाला जा सकता है।
संजू सैमसन ने कहा कि भारत में क्रिकेटरों पर होने वाली बाहरी चर्चाओं का असर जरूर पड़ता है। उन्होंने बताया, "मैं वाई-फाई बंद करने की कोशिश करता हूं, लेकिन कभी-कभी वाई-फाई चालू हो जाता है और कमेंट्स दिखाई देने लगते हैं।" उन्होंने माना कि अगर वह इन बातों पर ज्यादा ध्यान दें, तो खुलकर बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाएगा।
संजू ने बताया कि टीम के अंदर इस मामले पर काफी बातचीत हुई और अब वह इतने मैच्योर और अनुभवी हो चुके हैं कि इन चीजों को संभाल सकें। उन्होंने कहा, "हम रोबोट नहीं हैं कि कह सकें कि इसका हम पर कोई असर नहीं पड़ता।" शॉट खेलने से पहले वह दस बार सोचते हैं कि आउट होने पर फिर से आलोचनाएं शुरू हो जाएंगी, इसलिए खुद से कहते हैं कि कोई बात नहीं।
टीम इंडिया में जगह को लेकर चर्चा के बीच संजू ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अपना प्रतिद्वंद्वी मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा दुनिया के लिए प्रतिस्पर्धी हैं, लेकिन हम एक टीम हैं और देश के लिए खेल रहे हैं।" वैभव ने हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया था और इस सीजन करीब 700-800 रन बनाए हैं, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत हुई है।
संजू ने आईपीएल में कप्तानी के अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि टीम में कई खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन के कारण सेलेक्शन के फैसले लेना आसान नहीं होता। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि नकारात्मक सोच में नहीं रहना चाहिए और निराश होकर बैठने की बजाय अपने मौके के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, "टीम चलाना आसान काम नहीं है। आप देखिए, 15 साल के लड़के ने 700-800 रन बनाए हैं।" संजू ने माना कि बाहर की चर्चाएं क्रिकेटरों को जरूर प्रभावित करती हैं, लेकिन मानसिकता साफ़ होना चाहिए कि तैयारी कैसे करनी है और किस सोच के साथ मैदान पर उतरना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- संजू सैमसन बाहरी आलोचनाओं को कैसे संभालते हैं?
- संजू मानते हैं कि आलोचनाओं का असर होता है, लेकिन वे मानसिक रूप से तैयार होकर इसका सामना करते हैं।
- संरक्षित टीम में मुकाबले की स्थिति क्या है?
- संजू कहते हैं कि सभी खिलाड़ी एक टीम हैं और देश के लिए खेल रहे हैं, न कि व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्वी।
- संजू सैमसन ने कप्तानी अनुभव का क्या महत्व बताया?
- उन्होंने कहा कि अनुभव से सेलेक्शन के फैसले लेना आसान होता है, क्योंकि कई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
- खिलाड़ियों को किस तरह का रवैया अपनाना चाहिए?
- संजू सलाह देते हैं कि नकारात्मक सोच में नहीं रहना चाहिए और निराश होकर बैठने की बजाय मौके की तैयारी करनी चाहिए।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद



Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.