सऊदी वायु रक्षा ने मक्का की ओर बढ़ते हूती ड्रोन को रोका
यमन में बढ़ती लड़ाई से 1 लाख से अधिक लोग विस्थापित, राहत अभियान पर दबाव
सऊदी अरब की वायु रक्षा ने मक्का की ओर बढ़ रहे हूती विद्रोहियों के ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया है। यमन में बढ़ती लड़ाई के कारण 1 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और मानवीय राहत कार्यों पर दबाव बढ़ गया है। यूएन ने सभी पक्षों से नागरिक सुरक्षा और राहत सामग्री की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उसकी वायु रक्षा ने मक्का की ओर बढ़ रहे हूती ड्रोन को रोक दिया है। यमन में जारी संघर्ष के कारण देश के अंदर 1 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और मानवीय राहत अभियान पर दबाव बढ़ गया है।
यमन में हूती विद्रोहियों के हमले तेज हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, पश्चिमी तट पर बढ़ती हिंसा के कारण 1 लाख से अधिक लोग देश के अंदर ही अपना घर छोड़ चुके हैं। हजारों लोग सुरक्षित जगह की तलाश में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पार कर जिबूती में शरण ले चुके हैं। कई परिवारों को अचानक अपना घर छोड़ना पड़ा और उनके पास सामान लेने का समय भी नहीं था।
यूएन के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि पहले से दबाव में चल रहे मानवीय राहत अभियान पर अब और दबाव बढ़ गया है। यूएन के इमरजेंसी रिलीफ कोऑर्डिनेटर टॉम फ्लेचर ने राहत के लिए 9 मिलियन डॉलर जारी किए हैं, जो विस्थापित परिवारों की मदद और शरणस्थलों में राहत सामग्री पहुंचाने में इस्तेमाल होंगे।
राहत एजेंसियों के सामने लोगों तक मदद पहुंचाना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि लड़ाई की वजह से कई प्रमुख रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। यूएन ने लड़ाई में शामिल सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा की अपील की है और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने, राहत सामग्री को सुरक्षित और बिना रुकावट के पहुंचाने की मांग की है।
अदन और ताइज में अस्थायी कैंप बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में परिवार रह रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के तट के पास कई इलाकों में बढ़त बनाई है, जिससे सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेना पर दबाव बढ़ा है। हूतियों ने देश के उत्तर से पश्चिमी हिस्से के कई शहरों और कस्बों पर भी नियंत्रण बढ़ाया है।
बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास बढ़ती लड़ाई ने चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह दुनिया के अहम समुद्री रास्तों में शामिल है। इस क्षेत्र में अस्थिरता का असर समुद्री व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।
सऊदी अरब की जॉइंट फोर्सेज कमांड ने बताया कि 15 सितंबर को शाम करीब 6:50 बजे रॉयल सऊदी एयर डिफेंस ने एक संदिग्ध ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। कमांड के अनुसार यह ड्रोन हूती मिलिशिया ने लॉन्च किया था और इसे मक्का अल-मुकर्रमा के दक्षिण में प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही रोक लिया गया। यह मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश थी।
मक्का, जेद्दा और ताइफ समेत कई इलाकों में थोड़े समय के लिए हवाई खतरे का अलर्ट जारी किया गया, जो मक्का में पहली बार था। कुछ ही देर बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने खतरा टलने की जानकारी दी। सोमवार के हमलों में 13 लोग घायल हुए थे।
यमन में नागरिकों पर लड़ाई का असर लगातार बढ़ रहा है और संघर्ष के बीच मानवीय राहत कार्यों को सुरक्षित बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यमन में विस्थापित लोगों की स्थिति क्या है?
- हजारों लोग बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पार कर जिबूती में शरण ले चुके हैं, कई परिवारों के पास सामान लेने का समय भी नहीं था।
- यूएन ने मानवीय राहत अभियान पर क्या बताया है?
- यूएन के प्रवक्ता ने कहा कि पहले से दबाव में चल रहे राहत अभियान पर अब और ज्यादा दबाव बढ़ गया है।
- हूती ड्रोन को रोकने का समय और स्थान क्या था?
- 15 सितंबर को शाम करीब 6:50 बजे मक्का अल-मुकर्रमा के दक्षिण में प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद



Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.