सीकर में VIP दर्शन घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
पुलिस ने हंसराज उर्फ टिंकू समेत आठ आरोपियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया
सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर पैसे लेकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड हंसराज उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ राजस्थान पर्यटन व्यवसाय अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है और मामले की जांच जारी है।
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सीकर। सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर पैसे लेकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड हंसराज उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ राजस्थान पर्यटन व्यवसाय अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के मुताबिक हंसराज (26) पुत्र किशनाराम धानका, लाडपुर का रहने वाला है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं से पैसे लेकर मंदिर में तैनात प्राइवेट सुरक्षा गार्ड की मदद से VIP दर्शन करवाता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें दर्शन के नाम पर किए गए कई लेनदेन मिले हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गैंग श्रद्धालुओं की संख्या और भीड़ के हिसाब से VIP दर्शन के पैसे तय करता था।
पुलिस के अनुसार भीड़ कम होने वाले दिनों में एक व्यक्ति से करीब 1000 रुपये लिए जाते थे। वहीं वीकेंड, एकादशी और द्वादशी जैसे खास मौकों पर यह राशि दो से तीन गुना तक बढ़ा दी जाती थी। यह गैंग पिछले काफी समय से खाटू में सक्रिय था।
पुलिस अभी आरोपी के मोबाइल और लेनदेन की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि कितने लोगों से कितनी रकम ली गई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मंदिर में तैनात कौन-कौन से कर्मचारी या गार्ड इस मामले में शामिल थे। अगर किसी प्राइवेट गार्ड की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने हंसराज के अलावा सागर गुर्जर, मोंटू शर्मा, बिट्टू शर्मा, प्रमोद, दीपक, शेखर, और महिपाल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार हंसराज को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- VIP दर्शन के लिए कितनी रकम ली जाती थी?
- भीड़ कम दिनों में लगभग 1000 रुपये लिए जाते थे, जबकि वीकेंड, एकादशी और द्वादशी जैसे खास मौकों पर यह राशि दो से तीन गुना बढ़ जाती थी।
- पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
- पुलिस ने हंसराज को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल फोन जब्त किए हैं और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
- क्या मंदिर के कर्मचारी इस घोटाले में शामिल थे?
- पुलिस जांच कर रही है कि मंदिर में तैनात कौन-कौन से कर्मचारी या गार्ड इस मामले में शामिल थे।
- हंसराज की गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?
- हंसराज को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
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