सोगरिया-मथुरा सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन 7 सितंबर तक बढ़ाया
रक्षाबंधन के बाद यात्रियों की भीड़ बढ़ी, अतिरिक्त फेरे जारी रहेंगे
सोगरिया-मथुरा-सोगरिया अनारक्षित सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का संचालन 7 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जो आठ अतिरिक्त फेरे के लिए है। रक्षाबंधन के बाद यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया, जबकि करौली में रोडवेज बसों की कमी और कर्मचारियों की कमी के कारण यात्री समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
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देलवाड़ा। सोगरिया-मथुरा-सोगरिया अनारक्षित सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का संचालन 7 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। रेलवे प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह विस्तार आठ अतिरिक्त फेरे के लिए किया गया है। रक्षाबंधन पर्व के बाद यात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है।
देलवाड़ा कस्बे के बस स्टैंड पर राजस्थान रोडवेज की बसों का लंबे समय से संचालन नहीं हो रहा है। इससे ग्रामीण और विद्यार्थी निजी साधनों से उदयपुर और नाथद्वारा जाने को मजबूर हैं। कलेक्टर अरुणकुमार हसीजा को इस समस्या की जानकारी दी गई है।
हिंडौन सिटी में रक्षाबंधन के बाद यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। रविवार को शहर की सड़कों पर सुबह से वाहनों का दबाव रहा, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई।
पिछले एक सप्ताह में उपखंड मुख्यालय और आसपास के गांवों से प्रवासी क्षेत्रवासियों का आगमन हुआ। कोटा, जयपुर और दिल्ली जैसे शहरों में काम करने वाले लोग त्योहार मनाने अपने गांव लौटे। दिल्ली और कोटा की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ थी और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की संख्या अधिक थी।
रोडवेज बस स्टैंड और लोक परिवहन की बसों में भी यात्रियों की अच्छी संख्या रही, खासकर जयपुर की ओर जाने वाली बसों में। शहर की सड़कों पर सुबह से वाहनों की आवाजाही बनी रही जो दोपहर तक बढ़ गई।
कोटा रेल मंडल ने रक्षाबंधन के दौरान अतिरिक्त यात्रीभार को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सोगरिया-मथुरा-सोगरिया अनारक्षित सुपरफास्ट स्पेशल और कोटा-हजरत निजामुद्दीन-कोटा एक्सप्रेस स्पेशल को अतिरिक्त फेरों के लिए विस्तारित किया गया है।
गाड़ी संख्या 02921 सोगरिया से प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे प्रस्थान कर दोपहर 2:10 बजे मथुरा जंक्शन पहुंचेगी।
करौली में पिछले लगभग 15 दिनों से रोडवेज बस व्यवस्था बदहाल है। केंद्रीय रोडवेज बस स्टैंड पर बसों की कमी और डिपो के कुप्रबंधन के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
करौली से जयपुर मार्ग पर जहां 55 बसें चलनी चाहिए, वहां केवल 35 बसें संचालित हो रही हैं। गंगापुर मार्ग पर बसों का संचालन 50 प्रतिशत तक कम हो गया है। पहले 20 से 22 बसें चलती थीं, अब यह संख्या घटकर 15 रह गई है। कैलादेवी-धौलपुर मार्ग पर 30 से 32 बसों के मुकाबले अब सिर्फ 22 गाड़ियां चल रही हैं।
इस अव्यवस्था का मुख्य कारण कर्मचारियों की भारी कमी है। संचालन के लिए जहां 10 कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां केवल 2 कर्मचारी तैनात हैं। चार बुकिंग क्लर्क, दो पूछताछ केंद्र और एक सुरक्षा प्रहरी के पद रिक्त हैं। कर्मचारियों को पिछले 10 से 12 दिनों से साप्ताहिक विश्राम भी नहीं मिला है।
कर्मचारियों की कमी और बसों के टोटे के कारण यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर आने-जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- रक्षाबंधन के बाद यात्रियों की संख्या में क्या परिवर्तन हुआ?
- रक्षाबंधन के बाद यात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जिससे ट्रेनों और बसों में भीड़ बढ़ी है।
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