अजमेर में जेएलएन अस्पताल ने एसिड पीने वाले युवक का सफल ऑपरेशन किया
छह माह पहले एसिड पीने से गले और नली में छेद, दो चरणों में सर्जरी कर नया रास्ता बनाया
अजमेर के जेएलएन अस्पताल में छह माह पहले एसिड पीने वाले युवक का दस घंटे का ऑपरेशन कर नया रास्ता बनाया गया, जिससे वह अब स्वस्थ है और नियमित काम कर रहा है। अस्पताल में इसके अलावा जबड़ा कटने वाले युवक की भी सफल सर्जरी की गई और एक चार वर्षीय बच्चे की दुर्लभ प्लास्टिक सर्जरी भी की गई। अस्पताल ने दिल के छेद वाले एक महिला का ऑपरेशन भी किया।
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अजमेर। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में छह माह पहले एसिड पीने वाले युवक का दस घंटे का सफल ऑपरेशन किया गया। गले और खाने की नली में छेद होने के कारण डॉक्टरों ने दो चरणों में बड़ी आंत से नया रास्ता बनाकर उपचार किया। अब युवक स्वस्थ है और नियमित काम कर रहा है।
ब्यावर निवासी युवक ने करीब छह माह पहले एसिड पी लिया था, जिससे गले और खाने की नली में छेद हो गए और आमाशय सिकुड़ गया। खाना-पानी निगलना मुश्किल होने पर परिजन उसे जेएलएन अस्पताल लेकर आए। जांच के बाद सर्जरी टीम ने पहले चरण में छोटी आंत में रास्ता बनाकर मरीज को पोषण दिया। आंत को आठ जगह से काटकर छाती के अंदर से रास्ता बनाते हुए गर्दन तक जोड़ा गया।
गैस्ट्रो सर्जन डॉ. विजय सैनी ने बताया कि गले में छेद के कारण वहां से खाना देने पर जलन की आशंका थी, इसलिए पेट में छेद कर नली लगाई गई और छह माह तक इसी से लिक्विड दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार वह अब स्वस्थ है और नियमित काम कर रहा है।
उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया कि ऑपरेशन मा योजना में निःशुल्क किया गया। इस टीम में एचओडी डॉ. रेखा माहेश्वरी, प्रो. डॉ. श्याम भूतड़ा, डॉ. शिव कुमार बुनकर, गैस्ट्रो एचओडी डॉ. एमपी शर्मा, एनेस्थीसिया एचओडी डॉ. अरविन्द खरे, डॉ. पूजा रावत, डॉ. रतन, डॉ. दीपिका, डॉ. गर्वित, डॉ. नितिका, डॉ. पवन और डॉ. अंकित शामिल रहे।
अजमेर जिले में एक सड़क हादसे में युवक का जबड़ा कटकर नीचे गिर गया था। गंभीर रूप से घायल युवक को जेएलएन अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर जबड़े को दोबारा जोड़ा।
अजमेर के जेएलएन अस्पताल के डॉक्टरों ने चार वर्षीय मासूम की जटिल और दुर्लभ प्लास्टिक सर्जरी भी की। अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित यादव और प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नेपो विद्यार्थी ने गुरुवार को मामले की जानकारी संयुक्त रूप से दी।
पुष्कर की 28 वर्षीय महिला का जन्म से दिल में 1.79 सेंटीमीटर का छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट) था, जिसका सफल ऑपरेशन जेएलएन अस्पताल में किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एसिड पीने वाले युवक को क्या समस्या हुई थी?
- युवक के गले और खाने की नली में छेद और आमाशय सिकुड़ गया था।
- ऑपरेशन कितने चरणों में किया गया?
- ऑपरेशन दो चरणों में किया गया जिसमें पहली बार छोटी आंत से रास्ता बनाया गया।
- क्या युवक को इलाज के दौरान पोषण भी दिया गया?
- हां, पेट में छेद कर नली लगाई गई जिससे छह माह तक लिक्विड पोषण दिया गया।
- जेएलएन अस्पताल में और कौन-कौन सी जटिल सर्जरी हुईं?
- यहां एक सड़क हादसे में जबड़ा कटे युवक का पुनः जोड़ा गया और चार वर्षीय बच्चे की दुर्लभ प्लास्टिक सर्जरी भी हुई।
- ऑपरेशन में किस-किस डॉक्टरों ने भाग लिया?
- एचओडी डॉ. रेखा माहेश्वरी, प्रो. डॉ. श्याम भूतड़ा, गैस्ट्रो एचओडी डॉ. एमपी शर्मा समेत कई विशेषज्ञ शामिल थे।
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