सुनील पाण्डेय: बिहार-झारखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सीनियर जर्नलिस्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सटीक संपादन और रिपोर्टिंग
सुनील पाण्डेय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की बिहार-झारखंड टीम में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और जनवरी 2021 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप से जुड़े हैं। उन्होंने 2005 से पत्रकारिता में काम किया है और राजनीति व भ्रष्टाचार पर रिपोर्टिंग की है। वे पटना विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं और प्रिंट, टीवी व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखते हैं।
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सुनील पाण्डेय नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की बिहार-झारखंड टीम में सीनियर जर्नलिस्ट हैं। जनवरी 2021 में वे टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप से जुड़े। उनकी खासियत रणनीतिक न्यूज़ प्लानिंग और धारदार ग्राउंड रिपोर्टिंग है।
सुनील पाण्डेय ने 2005 से पत्रकारिता में कदम रखा और राजनीति व व्हाइट कॉलर करप्शन पर गहरी पकड़ बनाई। उन्होंने दिल्ली, बिहार और तेलंगाना में पत्रकारिता के विभिन्न आयामों को अनुभव किया है। पटना विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल करने के बाद वे प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में काम कर चुके हैं।
उनकी रिपोर्टिंग का प्रभाव इतना गहरा रहा कि कई बार सरकारों को नीतियों में सुधार करना पड़ा। वे सोशल मीडिया एक्स पर @sunilpandeyjee के जरिए सक्रिय रहते हैं और राष्ट्रीय विमर्श बनाने की क्षमता रखते हैं।
सुनील ने कई प्रतिष्ठित हस्तियों का साक्षात्कार किया है और पत्रकारिता के दौरान कई अवॉर्ड भी प्राप्त किए हैं। उन्होंने डिजिटल युग की मांग को समझते हुए अपनी लेखनी और वीडियो दोनों माध्यमों से पाठकों से जुड़ाव बनाए रखा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सुनील पाण्डेय की पत्रकारिता की खासियत क्या है?
- उनकी खासियत रणनीतिक न्यूज़ प्लानिंग और धारदार ग्राउंड रिपोर्टिंग है।
- उन्होंने किन-किन क्षेत्रों में पत्रकारिता का अनुभव लिया है?
- उन्होंने दिल्ली, बिहार और तेलंगाना में पत्रकारिता के विभिन्न आयामों को अनुभव किया है।
- उनकी रिपोर्टिंग का सरकारों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
- उनकी रिपोर्टिंग के कारण कई बार सरकारों को नीतियों में सुधार करना पड़ा है।
- सुनील पाण्डेय ने किस प्रकार के माध्यमों में काम किया है?
- उन्होंने प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में काम किया है।
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