सुपौल में बाबा विश्वकर्मा मंदिर से निकाली कलश यात्रा
दो दिवसीय मेले का आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा उत्सव
सुपौल में बाबा विश्वकर्मा मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है जिसमें भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, साथ ही 16 से 24 सितंबर तक श्रीराम कथा का भी वाचन होगा।
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सुपौल में बाबा विश्वकर्मा मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर दो दिवसीय मेले का आयोजन भी किया गया है, जिसमें भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
मंदिर परिसर से शुरू हुई कलश यात्रा एनएच 327ई मार्ग से दिनापट्टी होते हुए सुखासनी के रास्ते परमानय नदी तक पहुंची। वहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया और फिर पुनः मंदिर परिसर लाया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालु जय बाबा विश्वकर्मा के जयकारे लगाते रहे।
पहले दिन भव्य जागरण का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय और बाहर से आए कलाकार भजन-कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। दूसरे दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और नृत्य का आयोजन होगा। बच्चों में मेले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति के सदस्य जगदीश यादव, पंकज कुमार, पप्पू यादव और सुजीत कुमार का अहम योगदान रहा। 16 से 24 सितंबर तक संध्या चार से आठ बजे तक श्रीराम कथा का वाचन वृंदावन के कथावाचक पुनीत भक्तमाल जी महाराज करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कलश यात्रा का शुभारंभ कहां से हुआ?
- कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर परमानय नदी तक गई।
- परमानय नदी पर क्या कार्यक्रम हुआ?
- परमानय नदी पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया।
- मेले में कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?
- पहले दिन भव्य जागरण और दूसरे दिन रंगारंग सांस्कृतिक व नृत्य कार्यक्रम होंगे।
- महोत्सव को सफल बनाने में किन व्यक्तियों का योगदान रहा?
- जगदीश यादव, पंकज कुमार, पप्पू यादव और सुजीत कुमार का अहम योगदान रहा।
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