सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच प्रदर्शन की जांच के लिए HPEC को चार टास्क दिए
कोर्ट ने कहा, कमेटी निष्पक्षता से आरोपों की जांच कर रिपोर्ट देगी
सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को चार मुख्य पहलुओं पर जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस और प्रदर्शनकारियों दोनों की हिंसा, पैलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों पर कथित हिंसा और संपत्ति के नुकसान की जांच कमेटी से कराने को कहा है। अदालत ने कमेटी को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ काम करने और संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा है।
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सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को चार मुख्य पहलुओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
जांच के दायरे और निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने HPEC को शुरुआत में पैलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा, पुलिसकर्मियों के घायल होने और दोनों पक्षों की ओर से हुई हिंसा तथा संपत्ति के नुकसान की जांच करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि व्यापक संवैधानिक सवालों पर फैसला खुद करेगी। मोहना की पीठ ने 10 सितंबर को जारी आदेश में यह निर्देश दिए।
कोर्ट ने कहा कि कमेटी को निष्पक्षता और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों के साथ काम करना होगा और किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं करना है। जांच शुरू होने से पहले कमेटी पर लगाए गए आरोपों को 'अटकलों और पहले से बनी धारणाओं' पर आधारित बताया गया। अदालत ने संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा पर भी जोर दिया और कहा कि उनके बयान और सबूत पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे।
जांच प्रक्रिया और अगली सुनवाई
अदालत ने HPEC को जल्द से जल्द सदस्य सचिव नियुक्त करने का निर्देश दिया है ताकि कमेटी को प्रशासनिक सहायता मिल सके। साथ ही, कमेटी को अपनी पहली रिपोर्ट जल्द सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 14 वर्षीय महिला प्रदर्शनकारी और उसके परिवार को सुरक्षा देने का आदेश दिया है। पुलिस को धमकी और उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर अगली सुनवाई में स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी।
मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि HPEC FIR दर्ज करने का आदेश नहीं दे सकती, आपराधिक जांच का अधिकार अदालत के पास ही रहेगा।
कमेटी इन आरोपों के तथ्यों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट के जरिए सुप्रीम कोर्ट की मदद करेगी।
सुप्रीम कोर्ट
HPEC का गठन निष्पक्षता और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों के साथ जांच में अदालत की सहायता के लिए किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट, पीठ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- HPEC की जांच में संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
- अदालत ने कहा है कि संवेदनशील गवाहों के बयान और सबूत पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- क्या HPEC FIR दर्ज करने का अधिकार रखती है?
- नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि FIR दर्ज करने का अधिकार केवल अदालत के पास रहेगा, HPEC ऐसा आदेश नहीं दे सकती।
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