सिरोही में निलंबित ग्राम विकास अधिकारी को मिला संदिग्ध तबादला
सांतपुर से फुगनी में एक दिन बाद तबादला, 60 किलोमीटर दूर पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार
सिरोही जिले में निलंबित ग्राम विकास अधिकारी नाथूलाल मीणा को एक दिन के भीतर दो बार तबादला कर सांतपुर और फिर फुगनी पंचायत समिति में तैनात किया गया। इसके साथ ही उन्हें शिकायतों के कारण निलंबित किए गए सिंदरत पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है, जिससे प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
सिरोही। सिरोही जिला परिषद ने निलंबित ग्राम विकास अधिकारी नाथूलाल मीणा को एक दिन के भीतर दो बार तबादला कर दिया। उन्हें पहले सांतपुर पंचायत समिति में तैनात किया गया, फिर 10 जुलाई 2026 को फुगनी पंचायत में भेजा गया। साथ ही सिंदरत पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया, जहां से उन्हें शिकायतों के कारण निलंबित किया गया था।
नाथूलाल मीणा को 17 दिसंबर 2025 को जिला स्थापना समिति की बैठक में निलंबित किया गया था। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय पंचायत समिति शिवगंज रखा गया। बाद में कोर्ट से राहत मिलने पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने निलंबित अधिकारियों को बहाल करने के निर्देश दिए, लेकिन जांच जारी रहने के कारण उनका मुख्यालय शिवगंज ही रखा गया।
काम संभालने के अगले ही दिन उन्हें आबूरोड पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सांतपुर में तैनात किया गया। इसके एक दिन बाद 10 जुलाई 2026 को सिरोही जिला परिषद ने उन्हें सांतपुर से फुगनी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत फुगनी में ट्रांसफर कर दिया। इस अचानक तबादले पर सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासनिक जरूरत क्या थी जो इतनी जल्दी बैठक बुलाकर तबादला करना पड़ा।
फुगनी में तैनाती के साथ ही उन्हें सिंदरत ग्राम पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया, जो उनसे करीब 60 किलोमीटर दूर है। सिंदरत वही पंचायत है जहां से उन्हें शिकायतों के आधार पर निलंबित किया गया था। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि निलंबित अधिकारी को उसी पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार देना पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि सिंदरत का अतिरिक्त कार्यभार देना था तो आसपास की ग्राम पंचायतों कृष्णगंज, खांबल और वेलांगरी में काम कर रहे अन्य ग्राम विकास अधिकारियों को यह जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई। यह तबादला और अतिरिक्त कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- नाथूलाल मीणा को निलंबित क्यों किया गया था?
- नाथूलाल को शिकायतों के आधार पर निलंबित किया गया था।
- प्रशासन ने निलंबित अधिकारी को सिंदरत पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार क्यों सौंपा?
- यह निर्णय पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है क्योंकि सिंदरत वह जगह है जहां से उन्हें निलंबित किया गया था।
- अन्य पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार क्यों नहीं दिया गया?
- सिंदरत की बजाय अन्य नजदीकी पंचायतों जैसे कृष्णगंज, खांबल और वेलांगरी के अधिकारियों को जिम्मेदारी नहीं दी गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद



Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.