मौसम 3 MIN READ

बंगाल की खाड़ी में सिस्टम 23 सितंबर को ओडिशा-आंध्र तट के करीब

डीप डिप्रेशन बनने की संभावना, नाम 'अर्नब' प्रस्तावित, भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

बंगाल की खाड़ी में बना मौजूदा सिस्टम 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है और स्थानीय स्तर पर भारी बारिश व तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।
AI सार

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम 23 सितंबर तक दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है, जो डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की जानकारी ध्यान से देखने को कहा है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

बंगाल की खाड़ी में बना मौसम प्रणाली
बंगाल की खाड़ी में बना मौसम प्रणाली / प्रतीकात्मक चित्र · निहारिका टाइम्स

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

बंगाल की खाड़ी में बना मौजूदा सिस्टम 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है और स्थानीय स्तर पर भारी बारिश व तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 22 सितंबर तक यह सिस्टम डीप डिप्रेशन बनने की संभावना रखता है। इसके 23 सितंबर को तट के पास पहुंचने का अनुमान है। मौजूदा समय में इसे चक्रवाती तूफान में बदलने की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल इसे खतरा माना जा रहा है।

इस सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव दक्षिण ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में देखने को मिल सकता है, जहां तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और पहले से समुद्र में मौजूद लोगों को सुरक्षित लौटने की सलाह दी है।

अगर यह सिस्टम चक्रवाती तूफान बनता है, तो तेज हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। तटीय इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम पहले से तय सूची के अनुसार दिए जाते हैं। इस बार 'अर्नब' नाम बांग्लादेश ने प्रस्तावित किया है, जिसका अर्थ बंगाली भाषा में 'समुद्र' या 'विशाल जलराशि' होता है। अगर यह सिस्टम चक्रवाती तूफान की श्रेणी तक पहुंचता है, तभी इसे 'अर्नब' नाम दिया जाएगा।

इस बीच, अमेरिकी NOAA के 10 सितंबर 2026 के अपडेट के अनुसार 'एल नीनो' मौसम प्रणाली मजबूत हो रही है, जिससे भारत में सितंबर की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। एल नीनो और बंगाल की खाड़ी का मौजूदा सिस्टम दो अलग-अलग मौसम प्रणालियां हैं और दोनों का प्रभाव अलग-अलग स्तरों पर होगा।

मौसम विभाग ने 22 से 24 सितंबर के दौरान ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। तटीय आंध्र प्रदेश में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को तेज बारिश हो सकती है। स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मौजूदा सिस्टम चक्रवाती तूफान बन जाएगा?
फिलहाल इसे चक्रवाती तूफान में बदलने की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए खतरा माना जा रहा है।
इस सिस्टम के कारण किन क्षेत्रों में जलभराव का खतरा है?
तटीय इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है, खासकर ओडिशा और आंध्र प्रदेश तटीय क्षेत्रों में।
एल नीनो प्रणाली का भारत में बारिश पर क्या प्रभाव होगा?
एल नीनो के मजबूत होने से सितंबर में भारत में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
02 दुनिया नेपाल में बाढ़ से 1259 मौतें, भारत ने डीएनए से पहचान की तैयारी शुरू की
03 दुनिया जयशंकर ने जेलेंस्की से मुलाकात कर मोदी का संदेश पहुंचाया
04 राजनीति भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा अभियान चलाएगी
Trust & Transparency

How this story was handled

Published22 सितंबर 2026, 21:00 IST IST
Last updated22 सितंबर 2026, 21:00 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under मौसम and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: ओडिशा, मौसम.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from मौसम.

मौसम

19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय होगा

मौसम

मौसम विभाग ने 8 से 14 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

बिजनेस

5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल बंद, बैंक खुले रहेंगे

Recommended Stories

More from मौसम
19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय होगा
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय होगा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 17 सितंबर 2026
मौसम विभाग ने 8 से 14 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

मौसम विभाग ने 8 से 14 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 8 सितंबर 2026
5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल बंद, बैंक खुले रहेंगे
बिजनेस
इससे जुड़ी ख़बरें

5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल बंद, बैंक खुले रहेंगे

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
02 दुनिया नेपाल में बाढ़ से 1259 मौतें, भारत ने डीएनए से पहचान की तैयारी शुरू की
03 दुनिया जयशंकर ने जेलेंस्की से मुलाकात कर मोदी का संदेश पहुंचाया
04 राजनीति भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा अभियान चलाएगी

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.