बोकारो थर्मल में सब्जी विक्रेता के खाते से 95 हजार रुपये की चोरी
एपीके फाइल से मोबाइल हैक कर बैंक खाते से रकम निकाली गई
बोकारो थर्मल के राज कुमार गुप्ता के बैंक ऑफ इंडिया खाते से मोबाइल हैकिंग के जरिये लगभग 95 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई है। पुलिस ने आरोपियों को खोजना शुरू कर दिया है और लोगों को अनजान लिंक या एप्लीकेशन इंस्टॉल न करने की सलाह दी है।
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बोकारो थर्मल। बोकारो थर्मल के हैदरनगर निवासी राज कुमार गुप्ता के मोबाइल पर 15 सितंबर 2026 को एक अज्ञात नंबर से संदेश आया। इसके बाद उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से 95 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था।
राज कुमार गुप्ता ने बताया कि 15 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया था। उन्होंने कहा, "15 सितंबर 2026 को मेरे मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया था।" इसके बाद उनके मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल हो गई, जिससे उनका फोन हैक हो गया।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल हैक होने के कारण ठगों को खाते से जुड़े मैसेज और अन्य जानकारियां सीधे मिल गईं, जिससे ओटीपी पूछने की जरूरत नहीं पड़ी। इसके चलते उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से तीन अलग-अलग लेनदेन कर कुल 88,955 रुपये निकाले गए।
पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था। थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा, "साइबर क्राइम स्पेशल यूनिट, पटना से संदिग्ध बैंक खातों की सूची थाने को भेजी गई थी।"
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध संदेश पर क्लिक न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
निरीक्षक राहुल देव ने बताया कि टोहाना निवासी जसपाल सिंह ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध कराए थे और वे छह माह से इस काम को कर रहे थे।
पीड़ित ने मामले की जांच कर राशि वापस कराने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और फोन पे नंबरों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें यह पैसा ट्रांसफर किया गया है।
पुलिस ने आमजन को सलाह दी है कि वे अपने फोन में किसी भी अनजान एप्लीकेशन को इंस्टॉल न करें और सिक्योरिटी अपडेट्स को हमेशा चालू रखें। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से ही पैसे वापस मिलने की उम्मीद रहती है।
कंपनी को एचडीएफसी बैंक से मिले एक सिस्टम अलर्ट के जरिये अनधिकृत लेन-देन की जानकारी मिली थी
गौरव त्यागी, उपायुक्त
आरोपियों से पूछताछ की जा रही है
राहुल देव, निरीक्षक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कैसे हुई ठगी?
- मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल होने से फोन हैक हुआ और खाते की जानकारी ठगों को मिली।
- साइबर ठगी से बचने के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए?
- किसी अनजान लिंक या एप्लीकेशन को न खोलें और सुरक्षा अपडेट चालू रखें।
- क्या शिकायत दर्ज कराई गई है?
- टोहाना निवासी जसपाल सिंह ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
- क्या आरोपियों का कोई संगठन है?
- आरोपी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध करा रहे थे।
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