यूएफबीयू ने 11 सितंबर से देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था में देरी, पीएलआई योजना और पेंशन सुधार को लेकर विरोध
यूएफबीयू ने 11 सितंबर से देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है, जिसमें उनकी प्रमुख मांगें पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की देरी, पीएलआई योजना में सुधार और पेंशन सुधार शामिल हैं। अगर उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल आरंभ होगी, जिससे बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
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यूएफबीयू ने 11 सितंबर को देशभर में हड़ताल करने का फैसला किया है। संगठन ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में देरी, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना और पेंशन सुधार समेत लंबित मांगों को लेकर विरोध जताया है। अगर सरकार और बैंक प्रबंधन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
हड़ताल की वजहें और प्रस्ताव
इसके तहत काम के समय में प्रतिदिन 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव था। संगठन ने बताया कि आईबीए ने बाद में सरकार को इस प्रस्ताव की सिफारिश की, लेकिन यह दो साल से अधिक समय से लंबित है।
पीएलआई योजना और पेंशन सुधार
यूएफबीयू ने प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना पर आपत्ति जताई है। संगठन के अनुसार, सरकार की मौजूदा योजना में स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिन के मूल वेतन के बराबर पीएलआई मिल सकता है, जबकि कर्मचारी और स्केल-III तक के अधिकारियों को अधिकतम 15 दिन के मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता दिया जाता है। यूएफबीयू ने कहा कि यह आईबीए के साथ बनी सहमति के विपरीत है, जिसमें पीएलआई को बैंक के समग्र प्रदर्शन से जोड़ने और स्केल-VII तक के कर्मचारियों के लिए समान व्यवस्था का प्रस्ताव था।
हड़ताल की संभावित अवधि और असर
यूएफबीयू ने 28 सितंबर से तीन दिन की एक और देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। संगठन ने कहा कि अगर सरकार और बैंक प्रबंधन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस हड़ताल के कारण देश के कई हिस्सों में, खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाएं लगातार प्रभावित हो सकती हैं। कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के कारण बैंक बंद रहेंगे, जिससे बैंकिंग सेवाओं पर लंबा असर पड़ने की संभावना है।
अन्य लंबित मांगें और संगठन की अपील
यूएफबीयू ने पेंशन के अपडेट और उसमें सुधार, सभी पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की समान गणना व्यवस्था तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प देने की मांग की है। संगठन ने सरकार और बैंक प्रबंधन से इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने 8 मार्च, 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और नौवें संयुक्त पत्र के तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। यूएफबीयू, संगठन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हड़ताल के मुख्य कारण क्या हैं?
- हड़ताल के मुख्य कारण पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था में देरी और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना हैं।
- पीएलआई योजना में यूएफबीयू की आपत्ति क्या है?
- यूएफबीयू का विरोध है कि पीएलआई को व्यक्तिगत प्रदर्शन से जोड़कर सभी कर्मचारियों के लिए समान व्यवस्था नहीं रखी गई।
- क्या पेंशन सुधार को लेकर भी कोई मांग है?
- यूएफबीयू ने पेंशन सुधार और पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ते की गणना की मांग की है।
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