अमेरिकी सेना ने ईरान की दो नावें तबाह कीं, ड्रोन कब्जे की कोशिश नाकाम
सेंट्रल कमांड ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नावों की ड्रोन नौका पर कब्जे की कोशिश रोकी
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्ये ईरान की दो नावों को तबाह कर दिया, जो एक अमेरिकी मानवरहित ड्रोन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही थीं। इस घटना से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ा है।
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि हाल ही में दो ईरानी नावों ने अमेरिका की मानवरहित ड्रोन नौका पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन उनकी सख्त कार्रवाई से वे असफल रहीं। इस दौरान अमेरिकी सेना ने दोनों नावों को तबाह कर दिया।
अमेरिकी सेना ने इस सप्ताह ईरान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में दो छोटी ईरानी नावों को गोलीबारी कर नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब ये नावें एक अमेरिकी मानवरहित सतही पोत पर कब्जा करने की कोशिश कर रही थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने कहा, "हाल में दो ईरानी नावों ने अमेरिका की मानवरहित ड्रोन नौका पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन सेंट्रल कमांड की सख्त कार्रवाई के कारण वे अपने मकसद में नाकाम रहीं।" उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने तुरंत ताकतवर जवाब दिया और इस प्रयास को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सदस्यों ने इस अहम जलमार्ग पर तैनात नौसेना के ड्रोन को हाईजैक करने के लिए इन नावों का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी हवाई ड्रोन ने दो मिसाइलें दागकर दोनों नावों को नष्ट कर दिया, जिसमें ज्यादातर सवार लोग मारे गए।
यह घटना सोमवार रात फारस की खाड़ी में ईरान के बंदरगाह शहर करगन के पास हुई, जो होर्मुज प्रांत में लराक द्वीप के नजदीक स्थित है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर छह महीने से चल रहे संघर्ष के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। इस टकराव ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है, जबकि राजनयिक स्तर पर इस अहम शिपिंग रूट को फिर से खोलने की कोशिशें जारी हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड समुद्री यातायात की निगरानी के लिए कई सालों से ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। कैप्टन टिम हॉकिंस ने कहा कि सतही ड्रोन अब भी अमेरिका के नियंत्रण में है।
नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक दबाव बन गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि संघर्ष खत्म होते ही तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तनाव घटाने और जलमार्ग खोलने के लिए ओमान के विदेश मंत्री से बात की है।
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे सऊदी अरब की सबसे बड़ी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी हमलों में मिडिल ईस्ट में सैकड़ों अमेरिकी इमारतों और दर्जनों विमानों व ड्रोन को नुकसान पहुंचा है।
अमेरिका ने हाल के हफ्तों में इस गलियारे पर ईरान की पकड़ को ढीला किया है, लेकिन युद्ध के कारण तेल और पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
इससे पहले नौ दिन पहले ही हमने रिपोर्ट किया था कि ईरान ने होर्मुज में तीन अमेरिकी जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था। यह नया घटनाक्रम उस तनाव को और बढ़ाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अमेरिकी सेना ने क्या जवाब दिया जब नावों ने ड्रोन पर हमला किया?
- अमेरिकी सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और दोनों नावों को मिसाइलों से तबाह कर दिया।
- यह घटना कहाँ और कब हुई?
- यह घटना फारस की खाड़ी में करगन के पास, होर्मुज प्रांत के नजदीक सोमवार रात हुई।
- अमेरिकी सतही ड्रोन किसके नियंत्रण में है?
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार सतही ड्रोन अभी भी अमेरिका के नियंत्रण में है।
- यह संघर्ष वैश्विक बाजार को कैसे प्रभावित कर रहा है?
- इस संघर्ष ने कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है।
- राजनीतिक स्तर पर इस घटना पर क्या प्रतिक्रियाएं हैं?
- राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल कीमतों में गिरावट का दावा किया, जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ओमान के विदेश मंत्री से तनाव घटाने की बातचीत की।
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