कैथवाड़ा में सीसी सड़क की मोटाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप, 9 इंच की जगह 7 इंच मोटी सड़क बनी, सुरक्षा इंतजाम भी कम
राजस्थान के डीग जिले के कैथवाड़ा में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई जा रही सीसी सड़क की मोटाई निर्धारित 9 इंच के बजाय करीब 7 इंच पाई गई है, जिसके कारण ग्रामीणों ने गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन और सुरक्षा संकेतों की आपूर्ति की मांग की है, जबकि विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
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डीग। राजस्थान के डीग जिले के कैथवाड़ा कस्बे में पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से बनाई जा रही सीसी सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क की मोटाई निर्धारित 9 इंच के बजाय करीब 7 इंच मिली है और सुरक्षा इंतजाम भी नाकाफी हैं।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में तकनीकी नियमों के पालन पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि सड़क की मोटाई करीब 9 इंच होनी चाहिए, लेकिन मौके पर जांच में यह लगभग 7 इंच पाई गई। इसके अलावा, निर्माण सामग्री और अन्य तकनीकी मानकों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा बोर्ड, रिफ्लेक्टर और बैरिकेडिंग के पर्याप्त इंतजाम न होने पर भी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि सड़क पर कई जगह कट और ऊबड़-खाबड़ हिस्से हैं, जिन पर रात के समय चेतावनी संकेत नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है। कई बार वाहन चालक अचानक आए कट या निर्माणाधीन हिस्से से टकराकर गिरने की स्थिति में पहुंच जाते हैं।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा संकेत लगाने की मांग की है ताकि दुर्घटना का खतरा न रहे।
पीडब्ल्यूडी विभाग के जेईएन मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने सड़क की मोटाई की जांच की, जिसमें यह करीब 7 इंच पाई गई। विभागीय जांच के बाद ही सीसी की गुणवत्ता, सामग्री का अनुपात और बेस की स्थिति जैसे अन्य तकनीकी मानकों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
निर्माण स्थल पर ठेकेदार से सवाल किए गए तो उन्होंने स्वयं को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताया और सांकेतिक चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की बात कही। विभाग के एईएन ने बताया, "वे अगले दिन मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे।"
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान विभागीय अधिकारियों की लगातार निगरानी जरूरी है। तकनीकी मानकों की जांच होती रहे तो सड़क तैयार होने के बाद गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं होंगी। उन्होंने जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की भी मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
- सुरक्षा बोर्ड, रिफ्लेक्टर और बैरिकेडिंग जैसे आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं, जिससे रात में वाहन चालकों को खतरा रहता है।
- ठेकेदार ने सुरक्षा इंतजाम पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- ठेकेदार ने खुद को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताया और कहा कि सांकेतिक चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
- ग्रामीण अन्य किस प्रकार की कार्रवाई की मांग कर रहे हैं?
- वे विभागीय अधिकारियों की लगातार निगरानी और तकनीकी मानकों की कड़ी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
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