फलोदी में सभापति चुनाव के लिए मतदान जारी, तीन उम्मीदवार मैदान में
भाजपा 20, कांग्रेस 13 और 7 निर्दलीय पार्षद चुने गए, बहुमत के लिए 21 जरूरी
फलोदी नगरपरिषद में सभापति पद के लिए मतदान सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा, जिसमें तीन उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के 20, कांग्रेस के 13 और 7 निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं, जबकि बहुमत के लिए 21 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
फलोदी। फलोदी नगरपरिषद में सभापति पद के लिए मतदान सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा। भाजपा ने 20 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस के 13 और 7 निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं। अब दोपहर बाद मतगणना के बाद परिणाम घोषित होगा।
फलोदी नगरपरिषद के रिटर्निंग अधिकारी और एसडीएम पूजा चौधरी ने बताया कि सभापति चुनाव के लिए मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कराया जा रहा है। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी।
नगरपरिषद में कुल 40 वार्ड हैं, जिनमें से भाजपा ने 20 सीटें जीती हैं। कांग्रेस के 13 पार्षद चुने गए हैं, जबकि 7 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। सभापति पद के लिए बहुमत के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। भाजपा पार्षदों की संख्या के बावजूद बहुमत से एक सीट दूर है।
सभापति पद के लिए शुरुआत में पांच उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें भाजपा के बागी उम्मीदवार जेपी जोशी और कांग्रेस के अशोक व्यास ने नामांकन वापस ले लिया। अब तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
सात निर्दलीय पार्षदों की जीत के बाद उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इनमें से ज्यादातर निर्दलीय पार्षद भाजपा प्रत्याशी मेघराज कल्ला के समर्थन में बताए जा रहे हैं।
पार्षद चुनाव के बाद करीब पांच निर्दलीय पार्षद अपने घरों से बाहर बताए गए हैं। कहा जा रहा है कि वे भाजपा के कथित प्रशिक्षण कैंप में हैं। भाजपा की ओर से बहुमत का आंकड़ा जुटाने का दावा किया गया है। हालांकि, किस उम्मीदवार को कितने पार्षदों का समर्थन मिला है, यह मतदान और मतगणना के बाद स्पष्ट होगा।
भाजपा के सभापति प्रत्याशी मेघराज कल्ला पहली बार पार्षद चुने गए हैं। उनकी पत्नी ममता कल्ला ने भी पार्षद का चुनाव जीता है। अब मेघराज कल्ला सभापति पद के लिए चुनाव मैदान में हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी श्रीकांता व्यास इस बार पार्षद का चुनाव हार गई थीं, जबकि वे इससे पहले दो बार पार्षद रह चुकी हैं। उनके ससुर स्वर्गीय पन्नालाल व्यास लदूभा कांग्रेस नेता और पार्षद रह चुके हैं।
निर्दलीय प्रत्याशी पन्नालाल व्यास इस बार पार्षद का चुनाव हार गए थे। वे पिछले नगरपरिषद बोर्ड में कांग्रेस के सभापति रह चुके हैं। इस बार कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया था। इसके बाद उन्होंने वार्ड 7 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।
पन्नालाल व्यास के छोटे बेटे अजय व्यास ने वार्ड 3 से पार्षद का चुनाव जीता है। पन्नालाल व्यास के सभापति पद के चुनाव में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
नगरपरिषद में जारी मतदान के बाद दोपहर में होने वाली मतगणना से साफ होगा कि सभापति की कुर्सी किसके खाते में जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मतगणना कब होगी और परिणाम कब घोषित होंगे?
- मतगणना मतदान समाप्ति के बाद दोपहर में शुरू होगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे।
- निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा का समर्थन क्यों किया है?
- ज्यादातर निर्दलीय पार्षद भाजपा प्रत्याशी मेघराज कल्ला के समर्थन में बताए जा रहे हैं, जिससे भाजपा को बहुमत की ओर मदद मिल सकती है।
- सभापति पद के लिए उम्मीदवार कौन-कौन हैं?
- तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें भाजपा के मेघराज कल्ला, कांग्रेस के अशोक व्यास और एक निर्दलीय शामिल हैं।
- कांग्रेस के पूर्व पार्षद श्रीकांता व्यास के बारे में क्या विशेष है?
- श्रीकांता व्यास इस बार चुनाव हार गईं जबकि वे पहले दो बार पार्षद रह चुकी हैं और उनके परिवार का नगर राजनीति में पुराना योगदान है।
- पारिवारिक राजनीति का प्रभाव इस चुनाव में कैसे दिख रहा है?
- मेघराज कल्ला और उनकी पत्नी दोनों पार्षद चुनी गईं हैं, जबकि पन्नालाल व्यास और उनके बेटे अजय व्यास भी चुनाव से जुड़े हुए हैं।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.