रेलवे कालोनी में जलभराव से गंदा पानी आवासों में घुसा
शाहजहानी पार्क की दीनदयाल रसोई में भी गंदे पानी से समस्या बढ़ी
शाहजहानी पार्क स्थित दीनदयाल रसोई केंद्र में भी बारिश का गंदा पानी सीधे परिसर में घुस रहा है, जिससे खाना पकाने और खिलाने में
रेलवे झांसी मंडल की रेलवे कालोनी में जलनिकासी की खराब व्यवस्था के कारण कई आवासों में गंदा पानी भर गया है, जिससे रेलकर्मियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ा है। शाहजहानी पार्क स्थित दीनदयाल रसोई केंद्र में भी बरसात का गंदा पानी परिसर में घुस रहा है, जिससे भोजन तैयार करने और वितरित करने में परेशानी हो रही है। विभाग ने समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कोई स्थाई कदम नहीं उठाया गया है।
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रेलवे कालोनी में जलनिकासी व्यवस्था खराब होने से कई आवासों में गंदा पानी भर गया है। इससे रेलकर्मियों और उनके परिवारों को असुविधा के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
शाहजहानी पार्क स्थित दीनदयाल रसोई केंद्र में भी बारिश का गंदा पानी सीधे परिसर में घुस रहा है, जिससे खाना पकाने और खिलाने में दिक्कत हो रही है।
रेलवे झांसी मंडल की कालोनी में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। शुक्रवार को कई जगह पानी जमा था, खासकर एडीएसटीई के सामने से कालोनी के रास्ते पर दोनों तरफ पानी भरा रहा। कई आवासों के साथ आरपीएफ की मैंस में भी पानी घुस गया।
रेलकर्मियों ने बताया कि आवासों के बाहर जमा गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कई दिनों से पानी भरा होने के कारण जहरीले कीड़े निकलने का डर भी है। बच्चे आवासों के बाहर खेलते हैं और सुबह-शाम बुजुर्ग टहलने निकलते हैं, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ सकता है।
रेलवे झांसी मंडल ने जलभराव की समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक कोई स्थाई कदम नहीं उठाया। विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की उदासीनता से लोग आक्रोशित हैं। स्थानीय विभाग हर साल लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
शाहजहानी पार्क की दीनदयाल रसोई केंद्र में भी बारिश का गंदा पानी मेन गेट से सीधे परिसर में घुस रहा है। सड़क से नीचे की ओर ढलान होने के कारण फर्श पर कीचड़ और पानी जमा हो जाता है। हल्की बारिश में भी फर्श गीला हो जाता है और तेज बारिश में पूरा परिसर तालाब जैसा हो जाता है।
महिलाएं गंदे माहौल में रोटियां बेल रही हैं और खुले बर्तनों में खाना तैयार हो रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों से आए मजदूर और जरूरतमंद पानी भरे फर्श पर बैठकर भोजन करने को मजबूर हैं।
उन्होंने सूचना मिलते ही टीम भेजकर समस्या का समाधान करा दिया है
अंकित गौतम, एएचओ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जलभराव की समस्या कब गंभीर हो गई?
- शुक्रवार को कई जगह जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई, खासकर एडीएसटीई के सामने कालोनी के रास्ते पर।
- स्थानीय विभाग जलभराव के लिए कितना खर्च करता है?
- स्थानीय विभाग हर साल लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं कर पाता।
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