70 मिनट में 7.5 एमएम बारिश से शहर की सड़कें जलमग्न
बारिश के बाद जलभराव से आवागमन बाधित, गड्ढे छिपे और हादसे का खतरा
करीब 70 मिनट में हुई 7.5 एमएम बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और जाम लगा। प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए नई नालियों में पानी निकासी व्यवस्था सुधारने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड की मांग की है।
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बुधवार को करीब 70 मिनट तक हुई 7.5 एमएम बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के बाद मालगोदाम रोड, सकलेनाबाद, लंका और बंशीबाजार समेत कई इलाकों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया।
बारिश के दौरान कई स्थानों पर आवागमन पूरी तरह ठहर गया और जलभराव के कारण करीब आधा घंटा तक जाम लगा रहा। वाहन चालकों को जर्जर सड़कों पर छिपे जानलेवा गड्ढों के कारण संभलकर चलना पड़ा। करीब 20 मिनट बाद बारिश बंद हुई और तेज धूप निकली, लेकिन दोपहर करीब 1.30 बजे फिर काले घने बादल छा गए और करीब 40 मिनट तक तेज बारिश हुई।
बारिश के बाद अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। जनपद का अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि पानी के बीच लोगों का फोटो और रील्स बनाने के लिए रुकना भी जोखिम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर बह रहे पानी की गहराई और तेज धार के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। प्रशासन को तत्काल सड़क पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रात में रोशनी की व्यवस्था करनी चाहिए।
आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि शहर में जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए अब जिन नालियों का निर्माण होगा, उनमें पानी निकासी की व्यवस्था ऊपर की ओर रखने का निर्णय लिया गया है। इससे जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बारिश के कारण कौन-कौन से इलाके जलमग्न हुए?
- मालगोदाम रोड, सकलेनाबाद, लंका और बंशीबाजार सहित कई इलाके प्रभावित हुए।
- जलभराव से सुरक्षा के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?
- सड़क पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रात में रोशनी की व्यवस्था जरूरी बताई गई है।
- शहर की जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए क्या योजना है?
- नालियों के निर्माण में पानी निकासी को ऊपर की ओर रखने का निर्णय लिया गया है।
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