मध्य प्रदेश में मानसून विदा से पहले फिर बदलेगा मौसम
अगले 24 से 48 घंटे में कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून के विदा होने से पहले मौसम में बदलाव आ रहा है और अगले 24 से 48 घंटे में कई इलाकों में बारिश व तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग ने भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है।
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मध्य प्रदेश में मानसून के दक्षिण-पश्चिमी विदा लेने से पहले मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे के दौरान कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। यह बदलाव एक नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से हो रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक नया सिस्टम दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखेगा। इस सिस्टम से लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।
इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में औसतन 33.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो कुल कोटे 37.3 इंच का 90.3 प्रतिशत है। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार, 96 से 104 प्रतिशत बारिश को ही सामान्य माना जाता है, इसलिए वर्तमान बारिश सामान्य से कम मानी जाएगी।
प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में पानी का कोटा पूरा नहीं हुआ है, खासकर इंदौर डिवीजन पीछे है। वहीं भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी और राजगढ़ समेत 22 जिलों में 100 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि चार जिलों में कोटा पूरा होने के करीब है।
मौसम विभाग ने मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मौसम बदलने की सूचना दी है। अगले दो दिन इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और रतलाम में दोपहर या शाम को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जगह 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की संभावना है।
भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, ग्वालियर और चंबल संभाग में अगले 24 से 48 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून का आखिरी दौर है, फिर भी कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है। ग्वालियर और बुंदेलखंड में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लखनऊ में सितंबर की शुरुआत में अच्छी बारिश के बाद उमस बढ़ी थी, लेकिन अब फिर से वर्षा हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
पूर्वांचल के कौशांबी, चित्रकूट, प्रयागराज, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, जौनपुर, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर और संत कबीर नगर में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। वाराणसी समेत अन्य इलाकों में भी बादल बनेंगे और हल्की वर्षा की संभावना है।
राजधानी समेत कई जिलों में मौसम मिला-जुला रहेगा, कुछ स्थानों पर धूप निकलने के साथ बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए रविवार को कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है। बारिश का दायरा व्यापक या लगातार रहने के बजाय स्थानीय और सीमित रहेगा।
प्रदेश में बारिश का यह दौर ऐसे समय आया है जब मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 21 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेजी से कम होने की संभावना है, जबकि 23 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क होने के आसार हैं।
शनिवार को लखनऊ में दिन का पारा 34 डिग्री सेल्सियस और रात का 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में एक से 18 सितंबर के बीच सामान्य के मुकाबले चार प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पृष्ठभूमि
मौसम में यह बदलाव मानसून की विदाई के दौरान आया है, जो पिछले 12 दिनों से जारी है। आमतौर पर सितंबर के आखिरी हफ्ते में प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मध्य प्रदेश में बारिश का कोटा पूरे जिलों की स्थिति क्या है?
- प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में पानी का कोटा पूरा नहीं हुआ है, खासकर इंदौर डिवीजन।
- मौसम में यह बदलाव कैसे हुआ है?
- यह बदलाव एक नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने और लो प्रेशर एरिया बनने से हुआ है।
- उत्तर प्रदेश में मौसम की वर्तमान स्थिति कैसी है?
- उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है और उमस में बढ़ोतरी भी देखी गई है।
- मौसम का सामान्य से कम बारिश का क्या कारण है?
- मध्य प्रदेश में अब तक हुई बारिश कुल कोटे का 90.3 प्रतिशत है, जो 96-104 प्रतिशत के मानक से कम है।
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