18 सितंबर को ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी और ज्येष्ठा गौरी पूजा
18 सितंबर 2026 को ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी और ज्येष्ठा गौरी पूजा का पर्व मनाया जाएगा। जानें इस दिन के पूजा मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा का समय।
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18 सितंबर 2026 को ललिता सप्तमी, दूर्वा अष्टमी और ज्येष्ठा गौरी पूजा का पर्व मनाया जाएगा। जानें इस दिन के पूजा मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा का समय।
हरतालिका तीज पर बालू से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाने की विधि, पूजा के दौरान ध्यान रखने वाली बातें और विसर्जन की प्रक्रिया जानें।
14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का दुर्लभ संगम है। सुबह 6:05 से 7:06 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। जानें व्रत और पूजा विधि।
उत्तराखंड की डोडीताल झील को स्थानीय लोग भगवान गणेश का जन्मस्थान मानते हैं। यहां पहुंचने के लिए संगमचट्टी से 21 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है।
14 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत रखा जा रहा है। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।
14 सितंबर 2026 का राशिफल: तीज व्रत और गणेश चतुर्थी का महत्व, चंद्रमा-शुक्र तुला राशि में, आर्थिक और धार्मिक अवसरों की जानकारी।
श्रावस्ती के श्रीराम जानकी मंदिर कटरा में 14 सितंबर को हरितालिका तीज पर मेला और कुश्ती, कबड्डी सहित लोक कला कार्यक्रम होंगे। पूजा सामग्री की पूरी जानकारी भी।
14 सितंबर को हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। पूजा मुहूर्त सुबह 6:26 से 7:06 बजे तक रहेगा। जानें शुभ संयोग और धार्मिक मान्यताएं।
गणेश जी की आरती में माता पार्वती और महादेव की महिमा का वर्णन, जिसमें भक्तों को सेवा और भोग लगाने का आह्वान किया गया है।
हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 से 7:06 बजे तक रहेगा। जानें पूजा विधि, व्रत का महत्व और दान की परंपरा।
डूंगरपुर में हरतालिका तीज पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर मिट्टी की शिव-पार्वती प्रतिमाएं बनाकर पूजा की और पति की दीर्घायु की कामना की।
14 सितंबर 2026 को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ मनाई जाएंगी। महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी और दोपहर में गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा।