धर्म / अध्यात्म 2 MIN READ

गणेश जी की आरती में माता पार्वती और महादेव का वर्णन

जय गणेश के साथ माता-पिता और देवताओं का गुणगान, धार्मिक भावनाओं का संचार

गणेश जी की आरती में माता पार्वती और पिता महादेव का वर्णन किया गया है। आरती में उनके चार भुजा धारण करने, सिंदूर से सजे माथे और मूसे की सवारी का उल्लेख है। इस आरती में भक्तों को लड्डू का भोग लगाने और सेवा करने का आह्वान भी किया गया है।
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गणेश जी की आरती में माता पार्वती और महादेव का वर्णन किया गया है, जिसमें उनके चार भुजा धारण करने, सिंदूर से सजे माथे और मूषक की सवारी का उल्लेख है। आरती में भक्तों को लड्डू का भोग लगाने, सेवा करने और विभिन्न प्रकार के भेंट चढ़ाने का आह्वान किया गया है। लेखिका सृष्टि चौबे ने इस आरती का संकलन किया है और उन्होंने ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर चार वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है।

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गणेश जी की आरती का धार्मिक संदर्भ
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गणेश जी की आरती में माता पार्वती और पिता महादेव का वर्णन किया गया है। आरती में उनके चार भुजा धारण करने, सिंदूर से सजे माथे और मूसे की सवारी का उल्लेख है। इस आरती में भक्तों को लड्डू का भोग लगाने और सेवा करने का आह्वान भी किया गया है।

आरती के शब्दों में माता पार्वती और महादेव की महिमा का वर्णन है, जिसमें कहा गया है कि वे दयावान हैं और चार भुजा धारण करते हैं। माथे पर सिंदूर सजा है और वे मूसे की सवारी करते हैं। भक्तों को पान, फल और मेवा चढ़ाने के साथ लड्डू का भोग लगाने और सेवा करने का आग्रह किया गया है।

आरती में यह भी कहा गया है कि वे अंधों को आंखें देते हैं, कोढ़ के रोगियों को स्वस्थ करते हैं, बांझ महिलाओं को संतान देते हैं और निर्धनों को माया प्रदान करते हैं। सूर और श्याम जैसे भक्त उनकी शरण में आते हैं और उनकी सेवा सफल होती है।

इसके अतिरिक्त, आरती में ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव के त्रिगुण रूपों का उल्लेख है, जो त्रिभुवन के जनों को मोहित करते हैं। काशी में विश्वनाथ की उपस्थिति का भी वर्णन है।

इस आरती के माध्यम से भक्तों से कामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है और उन्हें बलिहारी देने का संकल्प व्यक्त किया जाता है।

लेखिका सृष्टि चौबे, जो ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर चार वर्षों का अनुभव रखती हैं, ने इस आरती का संकलन किया है। वे ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न और वास्तु से संबंधित विषयों पर लेखन करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को सरल और तथ्य आधारित जानकारी प्रदान करना है।

सृष्टि ने डिजिटल मीडिया में वेब स्टोरी, यूट्यूब शॉर्ट्स और इंस्टाग्राम रील्स जैसे विभिन्न फॉर्मेट में काम किया है। वे सामाजिक मुद्दों पर डॉक्यूमेंट्री भी बना चुकी हैं और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त कर चुकी हैं।

उनका मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य उपयोगी जानकारी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है। वे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कर सही जानकारी पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखती हैं। उनकी व्यक्तिगत रुचियों में ट्रैवल करना, किताबें पढ़ना, म्यूजिक सुनना और नई चीजें सीखना शामिल है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आरती में माता पार्वती और महादेव की क्या विशेषताएं बताई गई हैं?
आरती में कहा गया है कि वे दयावान हैं और अंधों को आंखें, कोढ़ के रोगियों को स्वास्थ्य प्रदान करते हैं।
लेखिका सृष्टि चौबे के बारे में क्या जानकारी है?
सृष्टि चौबे ने ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन सहित कई विषयों पर लेखन किया है और उन्होंने जर्नलिज्म व मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी प्राप्त की है।
आरती में काशी की क्या भूमिका बताई गई है?
आरती में काशी में विश्वनाथ की उपस्थिति का वर्णन किया गया है, जो धार्मिक महत्व दर्शाता है।
सृष्टि चौबे का ज्योतिष के बारे में क्या दृष्टिकोण है?
वे ज्योतिष को उपयोगी जानकारी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाने का माध्यम मानती हैं और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करके सही जानकारी देना चाहती हैं।

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Published14 सितंबर 2026, 11:27 IST IST
Last updated14 सितंबर 2026, 11:27 IST IST
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