अजमेर के 250 वर्ष पुराने रामदेव मंदिर में भादवा माह के खास आयोजन
अजमेर के 250 वर्ष पुराने रामदेव मंदिर में भादवा माह में भजन संध्या और जागरण का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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अजमेर के 250 वर्ष पुराने रामदेव मंदिर में भादवा माह में भजन संध्या और जागरण का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
ब्यावर के रेलड़ा में तेजाजी महाराज का मेला और पादूकलां में गोगा नवमी श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ के साथ मनाई गई। पूजा-अर्चना और सामाजिक एकता का संदेश रहा।
सिरोही में राजस्थान सीमा पर बाबा रामदेव की 42वीं वार्षिक यात्रा के 150 श्रद्धालुओं का माला, तिलक और जलपान के साथ स्वागत किया गया। पांच दिन की यात्रा रामदेवरा तक चलेगी।
खंडवा में 12 बजे भादो की आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में पूजा-अर्चना और शोभायात्रा निकाली गई।
दौसा के बड़ियाल कलां में श्री पीपली वाले बालाजी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन हुआ। झांकियों और भक्ति गीतों से सजाए गए कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने खीर प्रसाद ग्रहण किया।
खंडवा में जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों को घंटियों से सजाया गया है। आधी रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण की जन्म आरती होगी। भक्त व्रत रख पूजा-अर्चना में जुटे हैं।
बीकानेर के नापासर मुख्य बाजार में संघ ने बाबा रामदेव की ध्वजा लगाई। 11 सितंबर को शाम 4.15 बजे सेन चौक से 21वीं पदयात्रा शुरू होगी। श्रद्धालुओं में उत्साह दिखा।
खैरथल के झींटियां से बाबा रामदेव जी महाराज के दर्शन के लिए 19 वर्षों से चल रही पैदल यात्रा का जत्था रवाना हुआ। ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का माला पहनाकर स्वागत किया।
शहर में हाथी-घोड़ा पालकी और जय कन्हैयालाल के जयघोष के साथ धार्मिक शोभायात्रा निकली। श्रद्धालुओं ने शेखपुर नहर के पंडाल में भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
प्रतापगढ़ के बंबोरी मंदिर में सातवें वर्ष लगातार पैदल यात्रियों को 1.71 क्विंटल चूरमे के लड्डू का प्रसाद बांटा गया और सेवा की गई।
अलवर के पचपड़ी गांव में भाद्रपद शुक्ल पंचमी को तेजाजी महाराज का वार्षिक मेला श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति के साथ आयोजित हुआ। मेले में पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन हुआ।
सावन माह के अंत में गोवर्धन गिरिराज जी धाम में राजस्थान सहित देशभर से श्रद्धालु पदयात्रा कर परिक्रमा कर रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बावजूद भक्तों की आस्था बनी हुई है।