राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — करौली: मांगलवाड़ा से भंदे बालाजी के लिए श्रद्धालुओं की पदयात्रा शुरू
भरतपुर: भरतपुर में शुरू हुआ खजला मिठाई का सीजन, कीमत 300 रुपए किलो | उदयपुर: एमएलएसयू में पीजी प्रथम सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर से शुरू | धौलपुर: धौलपुर में गणेश उत्सव में छप्पन भोग और भंडारे का आयोजन | सीकर: सीकर में मानसून की बारिश औसत से 7% कम, गर्मी बढ़ी
राजस्थान के करौली जिले में मांगलवाड़ा से भंदे बालाजी के लिए श्रद्धालुओं की पदयात्रा शुरू हुई है। भरतपुर में खजला मिठाई का सीजन शुरू हो गया है, जिसकी कीमत लगभग 300 रुपए प्रति किलो है। उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में पीजी प्रथम सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर से शुरू होंगे।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — करौली: मांगलवाड़ा से भंदे बालाजी के लिए श्रद्धालुओं की पदयात्रा शुरू; भरतपुर: भरतपुर में शुरू हुआ खजला मिठाई का सीजन, कीमत 300 रुपए किलो; उदयपुर: एमएलएसयू में पीजी प्रथम सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर से शुरू; धौलपुर: धौलपुर में गणेश उत्सव में छप्पन भोग और भंडारे का आयोजन; सीकर: सीकर में मानसून की बारिश औसत से 7% कम, गर्मी बढ़ी.
करौली: मांगलवाड़ा से भंदे बालाजी के लिए श्रद्धालुओं की पदयात्रा शुरू
करौली जिले के मांगलवाड़ा गांव से भंदे बालाजी के प्रति आस्था के चलते श्रद्धालुओं की पदयात्रा शुक्रवार को शुरू हुई। कनुआ बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा हाथों में ध्वज लेकर जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।
पदयात्रा की शुरुआत कनुआ बाबा मंदिर परिसर में आचार्य जयप्रकाश शर्मा के सान्निध्य में पूजा के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे डीजे पर बज रहे धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते हुए भंदे बालाजी के लिए रवाना हुए।
रास्ते में ग्रामीणों ने जगह-जगह उनका स्वागत किया। श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ भंदे बालाजी धाम पहुंचकर दर्शन और पूजा करेंगे।
यह पदयात्रा हर साल भंदे बालाजी के प्रति आस्था के कारण निकाली जाती है। इससे पहले करौली जिले के अन्य इलाकों में भी माता की पदयात्राएं धूमधाम से निकाली जा चुकी हैं।
भरतपुर: भरतपुर में शुरू हुआ खजला मिठाई का सीजन, कीमत 300 रुपए किलो
भरतपुर में खजला मिठाई का सीजन फिर शुरू हो गया है। यह मिठाई साल में केवल एक महीने के लिए सीमित समय में ही बाजारों और दुकानों में उपलब्ध होती है। इस दौरान खजला की मांग बढ़ जाती है और लोग इसे खास पसंद करते हैं।
खजला मिठाई की अपनी अलग पहचान है क्योंकि इसे बनाने की तकनीक और स्वाद खास होते हैं। इस मिठाई को तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश से विशेष कारीगर भरतपुर आते हैं जो पारंपरिक तरीके से खजला बनाते हैं। आटे की परतों को खास तरीके से तैयार कर तेल या घी में तलने के बाद चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे मिठाई में कुरकुरापन और मिठास का अनोखा स्वाद आता है।
भरतपुर में इस समय चार से पांच तरह के अलग-अलग खजले बनाए जा रहे हैं, जिनमें आकार, बनावट और मिठास के आधार पर भिन्नताएं होती हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार इन खजलों की खरीदारी कर रहे हैं।
खजला बनाने वाले कारीगर करीब एक महीने तक भरतपुर में रहते हैं और सुबह से ही दुकानों और कारीगरी वाले स्थानों पर मिठाई तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बड़ी संख्या में खजले तैयार कर बिक्री के लिए दुकानों तक पहुंचाए जाते हैं।
स्थानीय लोगों के अलावा दूसरे शहरों से आए लोग भी इस पारंपरिक मिठाई का स्वाद लेना पसंद करते हैं। साल में सीमित समय के कारण खजला लोगों के बीच खास आकर्षण बना रहता है और त्योहारों तथा विशेष अवसरों पर इसकी खरीदारी बढ़ जाती है।
खजला की कीमत 300 रुपए प्रति किलो से शुरू होती है और अलग-अलग किस्मों के अनुसार कीमत में अंतर होता है। पारंपरिक स्वाद और सीमित उपलब्धता के कारण यह मिठाई भरतपुर की खास मिठाइयों में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
उदयपुर: एमएलएसयू में पीजी प्रथम सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर से शुरू
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 सितंबर 2026 से शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि तीन अक्टूबर 2026 तय की गई है और पढ़ाई 16 अक्टूबर से शुरू होगी।
एमएलएसयू की वेबसाइट पर संबद्ध कॉलेजों की सूची उपलब्ध है, जिनमें उदयपुर और मेवाड़ क्षेत्र के कई कॉलेज शामिल हैं। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और विद्यार्थियों को अपने कॉलेज तथा विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल पर विषयवार योग्यता और प्रवेश संबंधी जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए।
आवेदन की जांच सात अक्टूबर तक की जाएगी, उसके बाद नौ अक्टूबर को फाइनल और वेटिंग लिस्ट जारी की जाएगी। छात्रों के दस्तावेजों की जांच तेरह अक्टूबर तक पूरी की जाएगी और उसी दिन ई-मित्र के माध्यम से फीस जमा करने की प्रक्रिया भी पूरी होगी।
पढ़ाई पंद्रह अक्टूबर को प्रवेश सूची जारी होने के बाद सोलह अक्टूबर से शुरू हो जाएगी।
पूर्व शिक्षा मंत्री हरिकुमार औदिच्य की बारहवीं पुण्यतिथि पर उदयपुर में विभिन्न सेवा कार्य किए गए। श्रद्धांजलि सभा में फिजिशियन ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. केके पारिक मुख्य अतिथि थे, जबकि डॉ. लोकेश चतुर्वेदी ने अध्यक्षता की। डॉ. लोकेश चतुर्वेदी ने स्व. हरिकुमार औदिच्य और ललितकिशोर चतुर्वेदी की गहरी मित्रता को याद किया।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के पूर्व आचार्य डॉ. विजय सरदाना, शिक्षाविद् अशोक शुक्ला, डॉ. अनिल औदिच्य सहित कई अन्य लोग मौजूद थे। एमबीएस अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए।
धौलपुर: धौलपुर में गणेश उत्सव में छप्पन भोग और भंडारे का आयोजन
धौलपुर के बाड़ी क्षेत्र में गणेश चतुर्थी से शुरू हुए गणेश महोत्सव में भक्ति का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार रात शहर के कई पांडालों में छप्पन भोग लगाया गया और भक्तों ने आरती में भाग लिया। यह आयोजन कॉलोनी के लोगों के सहयोग से हुआ है।
शहर के कोट पाड़ा बाल गणेश मंडल में सुबह-शाम की आरती में सैकड़ों भक्त पहुंचे। होद मोहल्ले के कुल्ली वाले हनुमान मंदिर पर भी मोहल्लेवासियों ने गणेश महोत्सव का आयोजन किया। अग्रवाल धर्मशाला में 23वां गणेश मंडल चल रहा है, जहां शुक्रवार शाम को रात्रि जागरण हुआ और भगवान गणेश को छप्पन भोग लगाया गया।
सात दिवसीय आयोजन वाले स्थानों से रविवार को गणेश प्रतिमाएं बैंड-बाजों के साथ बसेड़ी रोड स्थित पार्वती नदी ले जाई जाएंगी। वहां भोग प्रसादी और आरती के बाद भगवान गणेश का विसर्जन होगा।
भारतीय जनता पार्टी ने बालेश्वर महादेव मंदिर के गणेश महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन मनाया। इस दौरान भगवान गणेश की आरती की गई और भोलेनाथ को प्रसादी चढ़ाई गई। शहर मंडल अध्यक्ष वंदना शिवहरे, महामंत्री सतीश प्रजापति, नरेश यादव, शिप्रा गर्ग, मोंटी समेत कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद थे।
धौलपुर के पुजारी बलराम तिवारी ने बताया कि यह आयोजन कॉलोनी के लोगों के सहयोग से हुआ। भक्तों के सहयोग से एकादशी के दिन 56 भोग की प्रसादी लगाई जाएगी, यह जानकारी धीरज बंसल ने दी।
सीकर: सीकर में मानसून की बारिश औसत से 7% कम, गर्मी बढ़ी
सीकर जिले में मानसून की बारिश इस बार औसत से 7% कम दर्ज की गई है। मानसून की ट्रफ लाइन बार-बार शिफ्ट होने से बारिश प्रभावित हुई। पिछले तीन दिन से मौसम में बदलाव जारी है और गुरुवार शाम की बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आई।
आज सीकर में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई है। जिले के पूर्वी इलाकों में सुबह से हल्के बादल छाए हुए हैं। फतेहपुर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान केंद्र ने आज सुबह न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री दर्ज किया। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री और न्यूनतम 20.9 डिग्री था।
इस साल मानसून के पहले और दूसरे चरण में अच्छी बारिश नहीं हुई। सीकर समेत शेखावाटी क्षेत्र में औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार अल नीनो और वेदर डिस्टर्बेंस के कारण बरसाती हवाओं की दिशा बदल गई है। मानसून की विदाई तक तेज बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है।
दो दिन पहले हुई बारिश के बाद सीकर में फिर से गर्मी बढ़ गई है। बीती रात हवा चलने से न्यूनतम तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन अब तापमान बढ़ रहा है। स्थानीय लोग गर्मी से परेशान हैं।
मानसून की बारिश में कमी और मौसम के बदलाव को लेकर विशेषज्ञों ने बताया कि ट्रफ लाइन के बार-बार शिफ्ट होने से बारिश प्रभावित हुई है। अगले दो दिन में जिले में छिटपुट बारिश की संभावना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पदयात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कितनी होती है?
- पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल होते हैं जो भक्तिभाव से यात्रा में भाग लेते हैं।
- खजला मिठाई कब तक भरतपुर में उपलब्ध रहती है?
- खजला मिठाई साल में केवल एक महीने के सीमित समय के लिए भरतपुर में उपलब्ध रहती है, जिसके बाद इसकी बिक्री बंद हो जाती है।
- एमएलएसयू में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कैसे पूरी की जा सकती है?
- आवेदन एमएलएसयू की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित कॉलेजों के पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा सकता है, जहां प्रवेश के लिए जरूरी सभी जानकारी उपलब्ध रहती है।
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