हनुमानगढ़ में बारिश न होने से 80% खरीफ फसल बर्बाद
किसानों ने पल्लू तहसील को सूखाग्रस्त घोषित कर विशेष गिरदावरी की मांग की
हनुमानगढ़ के पल्लू तहसील में बारिश न होने के कारण खरीफ फसलें करीब 80% तक खराब हो गई हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट में हैं। किसानों ने तहसील को सूखाग्रस्त घोषित कर विशेष गिरदावरी और फसल बीमा कंपनियों से न्यूनतम 25% भुगतान तुरंत करने की मांग की है।
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हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ जिले के पल्लू तहसील क्षेत्र में बारिश न होने से खरीफ फसलें लगभग 80 फीसदी खराब हो गई हैं। किसानों ने प्रशासन से पल्लू तहसील को सूखाग्रस्त घोषित कर विशेष गिरदावरी कराने और फसल बीमा कंपनियों से कम से कम 25 फीसदी भुगतान तुरंत करने की मांग की है।
पूर्व जिला परिषद सदस्य गौरीशंकर थोरी ने मालासर, स्वरूपदेसर, लाडम, घणीयासर, रत्नदेशर, दूधली और नैयासर समेत कई गांवों के खेतों का निरीक्षण कर फसल खराबी का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को फसल खराबी की जानकारी दी।
बारिश न होने से ग्वार, मूंग, मोठ, बाजरा और मूंगफली जैसी खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों के मुताबिक ज्यादातर खेतों में 80 फीसदी से अधिक फसल खराब हो चुकी है, जिससे वे आर्थिक संकट में हैं।
किसान आज अपनी फसल बर्बाद होते देख चिंतित हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे महापड़ाव करेंगे।
समाजसेवी अनिरुद्ध जोशी, मंगलाराम बिजारणिया और राकेश सियाग भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे। आर्थिक संकट थोरी ने कहा, "खेतों की मौजूदा स्थिति बहुत खराब है।" उन्होंने यह भी कहा कि "कोरोना महामारी के दौरान किसानों ने देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य व्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- फसल खराबी की स्थिति का निरीक्षण किसने किया?
- पूर्व जिला परिषद सदस्य गौरीशंकर थोरी ने कई गांवों का निरीक्षण कर फसल खराबी की जानकारी प्रशासन को दी।
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