अलवर नगर निगम मेयर चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल जीतीं
65 पार्षदों के मतदान में भाजपा को 42 वोट, कांग्रेस 23 और निर्दलीय 13
अलवर नगर निगम में मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने 42 वोट पाकर जीत हासिल की है। कुल 65 पार्षदों के मतदान में भाजपा को बहुमत मिला, जबकि कांग्रेस को 23 और निर्दलीय को 13 वोट मिले। मतदान गोपनीय तरीके से हुआ और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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अलवर नगर निगम के मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने 42 वोट पाकर जीत हासिल की। कुल 65 पार्षदों के मतदान में भाजपा को बहुमत मिला, जबकि कांग्रेस को 23 और निर्दलीय को 13 वोट मिले। मतदान गोपनीय तरीके से हुआ और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
अलवर नगर निगम में कुल 65 पार्षद हैं और मेयर पद के लिए 33 वोट की जरूरत होती है। भाजपा के 28, कांग्रेस के 23, बसपा के एक और 13 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। भाजपा की सुमनलता अग्रवाल वार्ड 7 से और कांग्रेस की कमलेश शर्मा वार्ड 39 से पार्षद हैं। मतदान के दौरान मतदान केंद्रों पर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात था और नगर निगम परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी गई।
निर्वाचन विभाग ने मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय बनाए रखा, जिससे पार्षद किसे वोट देते हैं यह सार्वजनिक नहीं होगा। दोनों दलों ने निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए अंतिम समय तक प्रयास जारी रखे। मतदान के दिन पार्षदों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज की थी और महापौर पद पर कब्जा किया था। कांग्रेस के अनिल कल्ला ने महापौर चुनाव जीता था, जो पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के भतीजे हैं। भाजपा के पास 27 सीटें थीं, जबकि 10 निर्दलीय और एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का पार्षद भी निर्वाचित हुआ था।
अजमेर नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास बहुमत नहीं है। यहां 80 वार्ड हैं और कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा और कांग्रेस के बीच मेयर पद के लिए कड़ी टक्कर है, जिसमें निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
पंचकूला में तिजारा के लिए रवाना हुए कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने हिरासत में लिया। एसीपी राम कुमार ने बताया कि पुलिस को पार्षदों के लापता होने की जानकारी मिली थी। कांग्रेस के समर्थन वाले पार्षदों की टीम हिमाचल प्रदेश में थी और 20 सितंबर को वापस लौटते समय टोल के पास उन्हें हिरासत में लिया गया। एसीपी ने कहा, "हम सिर्फ उनके लापता होने की जांच कर रहे हैं।" इस घटना के कारण संबंधित लोग मतदान के समय तिजारा नहीं पहुंच पाएंगे।
यह चुनावी घटनाक्रम राजस्थान के नगर निगम चुनावों में राजनीतिक तनाव और सियासी घमासान को दर्शाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अलवर नगर निगम में मेयर पद के लिए कितने वोट आवश्यक हैं?
- मेयर पद के लिए कुल 65 पार्षदों में से 33 वोट जरूरी होते हैं।
- निर्वाचन प्रक्रिया में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे?
- मतदान केंद्रों पर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात था और निगम परिसर में आने-जाने पर नजर रखी गई।
- बीकानेर नगर निगम के हाल के चुनाव परिणाम क्या रहे?
- बीकानेर में कांग्रेस ने 42 सीट जीतीं और महापौर पद पर अनिल कल्ला का कब्जा हुआ।
- अजमेर नगर निगम में मेयर पद की स्थिति क्या है?
- अजमेर में कोई भी दल बहुमत में नहीं है और निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
- पंचकूला में हाल ही में क्यों राजनीतिक तनाव हुआ?
- कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने हिरासत में लिया, जिससे मतदान प्रभावित हुआ।
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