नवरतन डागा ने नामांकन वापस लिया, कांग्रेस को मेयर चुनाव में राहत
21 सितंबर को मेयर पद के लिए मतदान, कांग्रेस ने 42 सीटों पर बहुमत हासिल किया
बीकानेर नगर निगम मेयर चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नवरतन डागा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, जिससे कांग्रेस को राहत मिली है। कांग्रेस के पास नगर निगम में 42 सीटों पर बहुमत है और पार्टी अब अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के समर्थन में एकजुट हो गई है। मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होगा।
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बीकानेर। बीकानेर नगर निगम में मेयर पद के चुनाव को लेकर स्थिति साफ हो गई है। निर्दलीय प्रत्याशी नवरतन डागा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इससे कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है, जो 42 सीटों पर बहुमत के साथ चुनाव लड़ रही है।
नवरतन डागा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद नामांकन वापस लिया। डागा ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से एकजुट है और बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ऐसा काम करेगी, जिसे पूरे राजस्थान में उदाहरण के तौर पर देखा जा सके।
डागा के नामांकन वापस लेने के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिनमें पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और प्रदेश सचिव शिवलाल गोदारा शामिल थे। अब कांग्रेस का फोकस अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के पक्ष में पार्टी पार्षदों को एकजुट रखने पर रहेगा।
पूर्व मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को चुनाव आयोग तक पहुंचाया है। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने की सलाह दी और कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। कल्ला ने कहा, "लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी की रुचि चुनाव और राजनीति में है तो वह अपनी सरकारी सेवा से त्यागपत्र देकर चुनाव मैदान में उतर सकता है।
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस को 42 सीटों पर बहुमत मिला है, जबकि भाजपा 27 सीटों पर है। भाजपा जोड़-तोड़ करके मेयर पद के लिए सुरेंद्र सिंह शेखावत को बनाने की कोशिश कर रही है। मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को नगर निगम परिसर में होंगे।
कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई के होटल को बीकानेर विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिए जाने के मामले को लेकर भी बीडी कल्ला ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी कानून और नियमों के अनुसार निभानी चाहिए।
कांग्रेस पार्टी के सभी पार्षद मिलकर शहर के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा और सभी मिलकर शहर के विकास के लिए काम करेंगे।
पार्टी के बड़े नेताओं ने उनसे बातचीत कर उन्हें संतुष्ट किया है.
नवरतन डागा
वे पार्टी के खिलाफ नहीं हैं और अपनी बात पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के लिए उन्होंने नामांकन भरने का जरिया चुना था.
नवरतन डागा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- नवरतन डागा ने अपना नामांकन क्यों वापस लिया?
- डागा ने कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद नामांकन वापस लिया और कहा कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है।
- कांग्रेस की रणनीति अब क्या होगी?
- कांग्रेस अब अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के पक्ष में पार्टी पार्षदों को एकजुट रखने पर ध्यान देगी।
- बीडी कल्ला ने चुनाव आयोग से क्या मांग की?
- उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने की सलाह दी और कहा कि किसी पक्ष के साथ भेदभाव न हो।
- क्या भाजपा मेयर पद के लिए सुरेंद्र सिंह शेखावत को बना पाएगी?
- भाजपा जोड़-तोड़ कर प्रयास कर रही है लेकिन कांग्रेस के पास बहुमत होने के कारण चुनौती बनी रहेगी।
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