बलिया में 25 हजार के इनामी आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया
सीआरपीएफ के पूर्व जवान की हत्या के मामले में पिता-पुत्र फरार थे, कोर्ट ने जेल भेजा
बलिया के उभांव थाना क्षेत्र में अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी गिरीशचंद्र सिंह ने 19 सितंबर को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच जारी रखी है।
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बलिया। बलिया के उभांव थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ से रिटायर अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी गिरीशचंद्र सिंह ने 19 सितंबर को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी को चौदह दिन की न्यायायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
यह हत्या 11 सितंबर की रात हुई थी, जब अमरेश बहादुर सिंह अपने गांव सोनाडीह के डेयरी फार्म पर अकेले थे। मृतक की पुत्री कृतिका सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गिरीशचंद्र सिंह, उसके पुत्र रामकरन सिंह, पत्नी, बेटी और एक अन्य बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पत्नी, बेटी और बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि गिरीशचंद्र और रामकरन फरार थे।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने 14 सितंबर को फरार आरोपी पिता-पुत्र पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद 15 सितंबर को रामकरन सिंह ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस उसके पिता को पकड़ने के लिए प्रयासरत थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरीशचंद्र ने अपने अधिवक्ता के साथ शनिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उसे चौदह दिन की न्यायायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
मामला उभांव थाना क्षेत्र के सोनाडीह गांव का है। शिकायत में बताया गया कि डेयरी फार्म के गेट को खोलने को लेकर आरोपियों और मृतक पक्ष के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि हमलावरों ने अमरेश और उनके भाई मंजेश सिंह पर हंसिया से वार किए। हमले में अमरेश की मौत हो गई और मंजेश गंभीर रूप से घायल हुए।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की थी और घटना के तीन अन्य आरोपियों शीला, सूरज और खुशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने तथा एनकाउंटर की मांग की थी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने परिजनों से बात कर मुख्यमंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कोर्ट ने गिरीशचंद्र सिंह के साथ क्या कार्रवाई की?
- कोर्ट ने गिरीशचंद्र सिंह को चौदह दिन की न्यायायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
- मृतक अमरेश बहादुर सिंह की हत्या कैसे हुई?
- हत्या डेयरी फार्म के गेट खोलने को लेकर हुए विवाद में हंसिया से वार करके की गई।
- परिजनों के अंतिम संस्कार किस तरह से पूरा हुआ?
- परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुख्यमंत्री से मिलने का आश्वासन देने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
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