उत्तर प्रदेश में 34 आईएएस अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों के डीएम बदले
मुख्तार अंसारी किले को ध्वस्त करने वाले अधिकारी को साइडलाइन, नए जिलाधिकारी विधानसभा चुनाव कराएंगे
उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले 14 जिलों के 34 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इसमें कई जिलाधिकारियों को हटाकर अन्य पदों पर तैनात किया गया है और नए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का उद्देश्य चुनाव के दौरान प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करना है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात 34 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इनमें मुरादाबाद, कुशीनगर, कानपुर समेत 14 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं। सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नए जिलाधिकारी तैनात किए हैं जो चुनाव कराने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इनमें से पांच आईएएस अधिकारियों को फिर से जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि नौ अधिकारियों को हटाकर शासन में अन्य पदों पर लगाया गया है। मुरादाबाद में करीब साढ़े चार महीने डीएम रहे डॉ. राजेंद्र पेंसिया को कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं, मंगला प्रसाद सिंह को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शासन के वरिष्ठ अधिकारी इन जिलाधिकारियों की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं थे। माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव के दौरान इन अधिकारियों पर जिम्मेदारी छोड़ने से पार्टी और सरकार को नुकसान हो सकता है, इसलिए बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं।
जसजीत कौर को बिजनौर से हटाकर उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। उनके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जमानती वारंट जारी किया था। ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत से हटाकर बलिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वे ईंधन बचत की मुहिम के लिए चर्चा में रहे थे।
यूपी सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया को यूपीडा का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया है। उनके पास छह नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को धरातल पर उतारने और 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर की देखरेख की जिम्मेदारी होगी।
सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर यह बड़ा फेरबदल किया है। मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा और कांग्रेस ने प्रदेश को परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी है। उन्होंने कहा, "राम का नाम लेने से उन्हें उतनी ही चिढ़ होती थी, जितनी बाबर को थी। बाबर के अनुयायियों का जवाब केवल बजरंगबली ही दे सकते हैं।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्यों यूपी सरकार ने बड़े पैमाने पर तबादले किए?
- सरकार ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए विश्वसनीय और जिम्मेदार अधिकारियों को तैनात करने के लिए तबादले किए।
- डॉ. राजेंद्र पेंसिया की नई जिम्मेदारी क्या है?
- उन्हें कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है।
- शैलेंद्र भाटिया की नई भूमिका में क्या कार्य होंगे?
- वह छह नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लागू करने और 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर की देखरेख करेंगे।
- जसजीत कौर को क्यों हटाया गया और उनकी नई पोस्ट क्या है?
- जसजीत कौर को बिजनौर से हटाकर उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया, उनके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया था।
- ज्ञानेंद्र सिंह के कार्यकाल में कौन सी पहल चर्चा में आई?
- वे ईंधन बचत की मुहिम के लिए सुर्खियों में रहे।
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