कानून / कोर्ट 2 MIN READ

बस्तर केशकाल घाटी में देवी-देवता थाने में हाजिरी देते हैं

भंगाराम जात्रा में देवताओं की अदालत, क्षेत्र की शांति के लिए अनुमति ली जाती है

बस्तर की केशकाल घाटी में भंगाराम जात्रा शुरू हुई, जिसमें देवी-देवता थाने में हाजिरी देते हैं। यह परंपरा क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए देवताओं से अनुमति लेने की मान्यता पर आधारित है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धापूर्वक देवताओं का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।
AI सार

बस्तर की केशकाल घाटी में भंगाराम जात्रा का आयोजन हर साल भादो मास में होता है, जिसमें क्षेत्र के देवी-देवता थाने में हाजिरी देते हैं। यह परंपरा क्षेत्र की शांति और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए आयोजित की जाती है, जहां देवताओं से गांव की समस्याओं के निपटारे की मान्यता है। पुलिस अधिकारियों ने देवताओं का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

केशकाल घाटी में भंगाराम जात्रा का आयोजन
केशकाल घाटी में भंगाराम जात्रा का आयोजन / प्रतीकात्मक चित्र · निहारिका टाइम्स

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

बस्तर की केशकाल घाटी में भंगाराम जात्रा शुरू हुई, जिसमें देवी-देवता थाने में हाजिरी देते हैं। यह परंपरा क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए देवताओं से अनुमति लेने की मान्यता पर आधारित है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धापूर्वक देवताओं का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।

भंगाराम जात्रा का आयोजन हर साल भादो मास में होता है और इसमें अंचल के नौ परगना के देवी-देवता शामिल होते हैं। पहले दिन सभी देवताओं को सबसे पहले केशकाल थाना परिसर ले जाया गया। सैकड़ों भक्तों के साथ जब देवताओं के प्रतीक चिह्न थाने पहुंचे, तो पुलिस ने माला पहनाकर उनका सम्मान किया। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अरुण नेताम, नगर निरीक्षक विकास बघेल समेत सभी पुलिसकर्मियों ने देवताओं को प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया।

यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक महापंचायत भी है, जहां दूर-दराज के गांवों के लोग मिलते हैं और सुख-दुख साझा करते हैं। स्थानीय मान्यता है कि साल भर में देवताओं से जुड़े विवाद, परंपरा टूटने या गांव की समस्याओं का निपटारा इसी अदालत में होता है। थाने से लौटकर देवता भंगाराम बाबा के स्थल में ठहरते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भंगाराम जात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह परंपरा क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए देवताओं से अनुमति लेने पर आधारित है।
जात्रा के दौरान सामाजिक गतिविधियाँ क्या होती हैं?
यह आयोजन एक सामाजिक महापंचायत जैसा होता है जहां गांव के लोग सुख-दुख साझा करते हैं।
जात्रा के बाद देवताओं का अगला स्थान कौन सा होता है?
थाने से लौटकर देवता भंगाराम बाबा के स्थल में ठहरते हैं।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल
Trust & Transparency

How this story was handled

Published13 सितंबर 2026, 14:20 IST IST
Last updated13 सितंबर 2026, 14:20 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under कानून / कोर्ट and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: कानून-अदालत.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from कानून / कोर्ट.

कानून / कोर्ट

बस्तर में अनोखी देव अदालत ने 35 देवी-देवताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई

कानून / कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी की धारणा को खारिज किया

National

बस्तर में अधूरी सड़कों पर सरकार ने छह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की

क्राइम

झीरम घाटी नक्सली हमले में 10 आरोपी दोषी करार

मौसम

छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय, कई इलाकों में बारिश जारी

बस्तर में अनोखी देव अदालत ने 35 देवी-देवताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

बस्तर में अनोखी देव अदालत ने 35 देवी-देवताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 14 सितंबर 2026
सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी की धारणा को खारिज किया
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी की धारणा को खारिज किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 18 सितंबर 2026
बस्तर में अधूरी सड़कों पर सरकार ने छह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की
National
इससे जुड़ी ख़बरें

बस्तर में अधूरी सड़कों पर सरकार ने छह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 10 सितंबर 2026
झीरम घाटी नक्सली हमले में 10 आरोपी दोषी करार
क्राइम
इससे जुड़ी ख़बरें

झीरम घाटी नक्सली हमले में 10 आरोपी दोषी करार

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय, कई इलाकों में बारिश जारी
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय, कई इलाकों में बारिश जारी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 22 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बीच हसदेव नदी में तीन छात्र डूबे
शिक्षा
इससे जुड़ी ख़बरें

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बीच हसदेव नदी में तीन छात्र डूबे

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 12 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में 1812 पदों पर भर्ती, दिल्ली पुलिस में 1871 SI पद
नौकरी / करियर
इससे जुड़ी ख़बरें

छत्तीसगढ़ में 1812 पदों पर भर्ती, दिल्ली पुलिस में 1871 SI पद

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 10 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में बैंक कर्मचारी पांच दिन सप्ताह की मांग पर हड़ताल
राज्य
इससे जुड़ी ख़बरें

छत्तीसगढ़ में बैंक कर्मचारी पांच दिन सप्ताह की मांग पर हड़ताल

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 12 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 शिक्षा चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ वॉकाथॉन, प्रशासन ने हरी झंडी दिखाई
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.