बूंदी में भाजपा ने 5 और कांग्रेस ने 3 निकायों में अध्यक्ष बनाए
हिंडोली में कांग्रेस का कब्जा, भाजपा ने भरत शर्मा को सभापति चुना
बूंदी जिले के आठ नगर निकायों में अध्यक्ष-सभापति चुनाव में भाजपा ने पांच और कांग्रेस ने तीन निकायों में जीत हासिल की। चुनाव में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन और क्रॉस वोटिंग ने निर्णायक भूमिका निभाई। बूंदी नगर परिषद में भाजपा के भरत शर्मा और हिंडोली नगरपालिका में कांग्रेस के हनुमान व्यास अध्यक्ष बने।
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बूंदी। बूंदी जिले की आठ नगर निकायों में हुए अध्यक्ष-सभापति चुनाव में भाजपा ने पांच और कांग्रेस ने तीन निकायों में जीत दर्ज की। हिंडोली नगरपालिका में कांग्रेस के हनुमान व्यास चेयरमैन बने, जबकि बूंदी नगर परिषद में भाजपा के भरत शर्मा ने सभापति पद पर कब्जा किया।
हिंडोली नगरपालिका में कांग्रेस ने 11 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया है। यहां भाजपा के सात, कांग्रेस के 11 और दो निर्दलीय पार्षद हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 11 पार्षदों का समर्थन जरूरी था। चुनाव प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली, जिसके बाद वोटों की गिनती हुई और नतीजे घोषित किए गए। कांग्रेस के हनुमान व्यास ने भाजपा के लोकेश सैनी को चार वोटों के अंतर से हराकर चेयरमैन पद हासिल किया। कांग्रेस अपने 11 पार्षदों को एकजुट रखने में सावधानी बरत रही थी, जबकि भाजपा भी अपने पार्षदों के साथ रणनीति बना रही थी। दोनों पार्टियों की नजर दो निर्दलीय पार्षदों पर भी थी।
बूंदी नगर परिषद में भाजपा के भरत शर्मा ने कांग्रेस के टीकम जैन को 39-21 के मतों से हराकर सभापति पद पर कब्जा किया। यहां भाजपा के 29, कांग्रेस के 20 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा को सभापति चुनाव में 10 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला।
केशवरायपाटन नगर पालिका में भाजपा की अनुराधा मलिक ने 24 मतों से जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को केवल एक वोट मिला। कांग्रेस के दो पार्षदों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। इंद्रगढ़ नगर पालिका में भाजपा की बीना शर्मा को 13 मत मिले, जबकि कांग्रेस की ऋतु जैन को सात वोट प्राप्त हुए। यहां भी कांग्रेस खेमे से एक वोट क्रॉस हुआ।
देई नगर पालिका में भाजपा के महावीर सोयल चेयरमैन चुने गए। लाखेरी नगर पालिका में भाजपा के राकेश सैनी बाबा ने कांग्रेस के पवन गोयनका को हराया।
नैनवां नगर पालिका में कांग्रेस की कृष्णा मित्तल ने भाजपा की देवकी बाई को 13-10 के मतों से हराकर अध्यक्ष पद हासिल किया। निर्दलीय प्रत्याशी को एक वोट मिला और एक वोट निरस्त हुआ। कापरेन नगर पालिका में कांग्रेस की सुनीता अग्रवाल ने भाजपा की अनुपमा शर्मा को एक वोट के अंतर से हराया।
अध्यक्ष-सभापति चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट किया कि पार्षदों के चुनावी आंकड़ों के बाद सत्ता का अंतिम फैसला दलों की संख्या से नहीं बल्कि निर्दलीय पार्षदों के समर्थन और क्रॉस वोटिंग से तय हुआ। बूंदी जिले में भाजपा ने पांच और कांग्रेस ने तीन निकायों में अध्यक्ष पद हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हिंडोली नगरपालिका में अध्यक्ष चुनाव के दौरान कितने पार्षदों ने हिस्सा लिया?
- हिंडोली नगरपालिका में कुल 20 पार्षद हैं, जिनमें से कांग्रेस के 11, भाजपा के 7 और 2 निर्दलीय हैं।
- भाजपा को बूंदी नगर परिषद में सभापति चुनाव में किनका समर्थन मिला?
- भाजपा को बूंदी नगर परिषद में 10 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला।
- केशवरायपाटन नगर पालिका के अध्यक्ष चुनाव में क्रॉस वोटिंग कैसे प्रभावित हुई?
- कांग्रेस के दो पार्षदों ने भाजपा प्रत्याशी अनुराधा मलिक के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की, जिससे भाजपा को 24 वोट मिले।
- नैनवां नगर पालिका में अध्यक्ष पद किसने जीता और जीत का अंतर क्या था?
- कांग्रेस की कृष्णा मित्तल ने भाजपा की देवकी बाई को 13-10 के मतों से हराया।
- अध्यक्ष-सभापति चुनाव के परिणाम से क्या राजनीतिक निष्कर्ष निकला?
- निर्दलीय पार्षदों के समर्थन और क्रॉस वोटिंग ने सत्ता के अंतिम फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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