बीजेपी विधायक और पूर्व विधायक के बीच पावटा में तीखी बहस
नगर पालिका चुनाव में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच तनाव, पुलिस ने किया कड़ा नियंत्रण
जयपुर ग्रामीण के विराटनगर विधानसभा क्षेत्र में पावटा नगर पालिका चुनाव के दौरान बीजेपी विधायक कुलदीप धनकड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर के बीच तीखी बहस हुई, जिससे मतदान केंद्र पर तनाव बढ़ गया। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच स्थिति को नियंत्रित किया, जबकि इंद्राज गुर्जर ने चुनाव प्रक्रिया में अनैतिक दबाव और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
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जयपुर ग्रामीण जिले के विराटनगर विधानसभा क्षेत्र में पावटा नगर पालिका चुनाव के दौरान बीजेपी विधायक कुलदीप धनकड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर के बीच तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच मतदाता केंद्र पर तनाव बढ़ गया, जिसे पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के साथ नियंत्रित किया।
पावटा कस्बे में सुबह से दोनों दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। मतदान के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के शीर्ष नेता अपने-अपने प्रत्याशियों का समर्थन करने पहुंचे। दोपहर 2 बजे तक चलने वाले मतदान के दौरान दोनों नेताओं के बीच वोटिंग प्रक्रिया को लेकर तीखी कहासुनी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मौके पर तैनात निजी सुरक्षाकर्मी और स्थानीय पुलिस बल ने बीच-बचाव किया, अन्यथा दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति बन सकती थी। नेताओं की जुबानी जंग से समर्थकों में आक्रोश फैल गया और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और नारेबाजी शुरू हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों नेताओं को अलग किया और समर्थकों को पीछे हटाया।
पुलिस ने मतदान केंद्र के मुख्य द्वार पर कड़ा रुख अपनाकर शांति बहाल की। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर नगर पालिका परिसर के 200 मीटर के दायरे में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
घटना के बाद पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ तहसील व पालिका कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस और उपखंड प्रशासन सत्ताधारी दल भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। गुर्जर ने कहा कि निर्दलीय और विपक्षी पार्षदों पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है और वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी जा रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष चुनाव की गारंटी नहीं मिलती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
पावटा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में दोनों दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं क्योंकि यह चुनाव दोनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा और सियासी वर्चस्व की लड़ाई माना जा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में कुलदीप धनकड़ ने इंद्राज गुर्जर को हराया था।
निर्दलीय पार्षदों की निर्णायक भूमिका के कारण दोनों पक्ष अंतिम समय तक एक-एक वोट को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मतदान के बाद तुरंत वोटों की गिनती शुरू होगी, जिससे नगर पालिका अध्यक्ष का नाम तय हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पावटा नगर पालिका चुनाव में विवाद क्यों हुआ?
- दोनों नेताओं के बीच वोटिंग प्रक्रिया को लेकर कहासुनी हुई जिससे माहौल तनावपूर्ण बन गया।
- पुलिस ने विवाद को कैसे नियंत्रित किया?
- पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर मतदान केंद्र के आसपास 200 मीटर के दायरे में सुरक्षा बढ़ाई।
- इंद्राज गुर्जर ने पुलिस और प्रशासन पर क्या आरोप लगाया?
- उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं और वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है।
- पावटा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव का राजनीतिक महत्व क्या है?
- यह चुनाव दोनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा और सियासी वर्चस्व की लड़ाई माना जा रहा है।
- वोट गिनती कब शुरू होगी और उसका क्या महत्व है?
- मतदान के बाद तुरंत वोटों की गिनती शुरू होगी, जिससे नगर पालिका अध्यक्ष का नाम तय होगा।
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