राजसमंद नगर परिषद में भाजपा ने सभापति पद पर जीत दर्ज की
भाजपा के 27 पार्षदों ने मतदान में एकजुटता दिखाई, कांग्रेस के बागी पार्षदों ने भाजपा का साथ दिया
राजसमंद नगर परिषद के सभापति चुनाव में भाजपा ने पूरे 27 पार्षदों के समर्थन से जीत हासिल की। नाथद्वारा में भी भाजपा के परेश सोनी को चेयरमैन चुना गया, जहां कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने भाजपा का समर्थन किया। ऐसे में दोनों स्थानों पर भाजपा ने मजबूत बहुमत प्राप्त किया है।
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राजसमंद। राजसमंद नगर परिषद के सभापति चुनाव में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत के साथ जीत हासिल की। भाजपा के 27 पार्षदों ने मतदान में एकजुटता दिखाई, जबकि कांग्रेस के बागी पार्षदों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट दिया। इससे भाजपा को मजबूत समर्थन मिला।
राजसमंद में सभापति चुनाव के दौरान कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग से मोहन कुमावत को प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस को उम्मीद थी कि कुमावत समाज के नौ पार्षद भाजपा के खिलाफ खड़े होंगे, लेकिन भाजपा के पार्षदों ने एकजुटता दिखाई। वार्ड 30 के कांग्रेस के बागी पार्षद सत्तार हुसैन ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया, जबकि भाजपा के बागी हिम्मत मेहता ने भी पार्टी के साथ वापसी की। वार्ड 41 के निर्दलीय पार्षद ईश्वर पहाड़िया ने कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन किया, लेकिन कांग्रेस को इसका लाभ नहीं मिला।
भाजपा ने विधायक दीप्ति माहेश्वरी के नेतृत्व में पार्षदों को एकजुट रखा। पार्टी स्तर पर समन्वय बनाए रखा गया, जिससे मतदान में भाजपा के सभी 27 पार्षद पार्टी प्रत्याशी के साथ खड़े रहे।
नाथद्वारा में भी कांग्रेस की क्रॉस वोटिंग की उम्मीद फेल रही। भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रजापत के अपहरण के आरोप और कांग्रेस के समर्थन में नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा ने परेश सोनी को चेयरमैन प्रत्याशी बनाया। कांग्रेस के दो पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। परेश सोनी को कुल 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के अजय गुर्जर को 17 वोट मिले।
मतदान के दौरान नगर पालिका परिसर के बाहर दोनों दलों के समर्थकों की मौजूदगी रही। कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य प्रतापसिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष देवकीनंदन गुर्जर भी मतदान स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं के मतदान क्षेत्र में प्रवेश पर आपत्ति जताई, लेकिन प्रशासन ने निर्धारित व्यवस्था के तहत ही लोगों को प्रवेश दिया।
परेश सोनी के चेयरमैन बनने के साथ ही उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी को नगर पालिका का नेतृत्व मिला है। उनके दादा स्वर्गीय गिरधारी लाल सोनी नाथद्वारा की पहली जनसंघ पालिका के चेयरमैन थे, जबकि उनके पिता नवनीत सोनी 1999 से 2004 तक भाजपा से चेयरमैन रहे। परेश सोनी 2014 से 2019 तक नगर पालिका के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाजपा ने पार्षद एकजुटता कैसे बनाई?
- विधायक दीप्ति माहेश्वरी के नेतृत्व में पार्टी स्तर पर समन्वय बनाया गया।
- परेश सोनी के परिवार का नगर पालिका में इतिहास क्या है?
- उनके बड़े और दादा दोनों नाथद्वारा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं।
- मतदान के दौरान किन नेताओं ने मतदान स्थल का दौरा किया?
- कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य प्रतापसिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष देवकीनंदन गुर्जर वहां मौजूद रहे।
- नगर पालिका परिसर में मतदान के दौरान क्या विवाद हुआ?
- कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं के मतदान क्षेत्र में प्रवेश पर आपत्ति जताई।
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