भाजपा को 86 निकायों में बहुमत, कांग्रेस में गहलोत-पायलट में जुबानी जंग
राजस्थान के 309 नगर निकायों में भाजपा ने बढ़त बनाई, कांग्रेस में चुनावी रणनीति पर विवाद
राजस्थान के 309 नगर निकाय चुनावों में भाजपा को 86 निकायों में बहुमत मिला है, जबकि कांग्रेस के पास कुछ निकायों में बहुमत है। कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चुनाव परिणाम को लेकर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने इसे जनता का समर्थन बताया है।
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जयपुर। राजस्थान के 309 नगर निकाय चुनावों में भाजपा को 86 निकायों में स्पष्ट बहुमत मिला है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे सरकार के ढाई साल के कामकाज पर जनता की मुहर बताया है। वहीं कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं में भाजपा को करीब 86 निकायों में स्पष्ट बहुमत मिला है। इनमें उदयपुर में 80 में से 53, भीलवाड़ा में 70 में से 45, जयपुर में 150 में से 78 और कोटा में 100 में से 55 वार्ड भाजपा के खाते में गए हैं।
जोधपुर और भरतपुर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन बहुमत नहीं है। ऐसे निकायों में निर्दलियों के समर्थन से बोर्ड बन सकता है। बीकानेर में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है। पाली, अजमेर और अलवर में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और निर्दलियों के सहयोग से बोर्ड बना सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि जहां पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, वहां संगठन समीक्षा करेगा। भाजपा कमजोर आंकड़ों को निर्दलियों के सहयोग से सुधारने की कोशिश में है।
कांग्रेस में चुनाव परिणामों के बाद रणनीति को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अगर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बेहतर योजना बनती और सभी नेता एकजुट होकर प्रचार करते तो परिणाम बेहतर होते। उन्होंने कहा, "अगर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो के जवाब में कांग्रेस भी रोड शो करती तो अच्छा रहता।"
गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर बोर्ड बनाने में लगी है और पार्षदों को तोड़ने का अभियान ऊपर के स्तर से चल रहा है। उन्होंने कहा, "सत्ता और धनबल का इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।"
वहीं सचिन पायलट ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी को जिम्मेदारी दी थी और संगठन ने अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा, "टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रचार और प्रभारियों ने सभी ने अच्छा काम किया।"
गहलोत और पायलट के बीच जुबानी जंग ने कांग्रेस में नई हलचल पैदा कर दी है। इस विवाद को बीते दिनों पार्टी में हुए बवाल से जोड़ा जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि पार्टी व्यक्ति से नहीं संगठन से चलती है।
राजस्थान के निकाय चुनाव परिणामों के बाद भाजपा ने इसे जनादेश की बड़ी जीत बताया है और कांग्रेस में सियासी उठापटक तेज हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाजपा ने किन प्रमुख शहरों में अच्छी जीत दर्ज की?
- भाजपा ने जयपुर में 78 और कोटा में 55 वार्ड जीते हैं जो उसके मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
- निर्दलियों का चुनाव परिणामों में क्या प्रभाव रहा?
- कुछ निकायों में निर्दलियों के समर्थन से बोर्ड बनाने की संभावना है, खासकर जहां किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला।
- मदन राठौड़ ने कमजोर प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी संगठन कमजोर क्षेत्रों की समीक्षा करेगा और निर्दलियों के सहयोग से सुधार करेगा।
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