सीबीआई ने 40 लाख की रिश्वत मामले में CGST अफसरों को गिरफ्तार किया
बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पेशल कोर्ट के आदेश को रद्द कर आरोपियों को CBI कस्टडी में भेजा
सीबीआई ने मुंबई में CGST अफसरों को 40 लाख रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है, जिसमें आरोप है कि सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती से रिश्वत वसूली गई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए आरोपियों को CBI कस्टडी में भेजा। इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने भी विभिन्न रिश्वत मामलों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने मुंबई में CGST अफसरों के खिलाफ 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत मामले में कार्रवाई की है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पेशल कोर्ट के उस आदेश को रद्द किया जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी को गैर कानूनी बताते हुए उन्हें जमानत दी गई थी।
सीबीआई ने 26 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत में CGST, खांडेश्वर, रायगढ़ के सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर रिश्वत मांगने का आरोप था। आरोप था कि शिकायतकर्ता की फर्म से जुड़ी कार्रवाई के बदले डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई, जिसे बाद में घटाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया।
सीबीआई ने प्राइवेट व्यक्ति और कस्टम्स हाउस एजेंट नरिंदर राजपूत को 40 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा। सीबीआई का कहना है कि नरिंदर ये रकम CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती की ओर से ले रहा था। आरोपियों को गिरफ्तार कर ठाणे की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।
सीबीआई ने पांच दिन की कस्टडी की मांग की, जिसे स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद सीबीआई ने बॉम्बे हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिविजन एप्लीकेशन दायर की। 16 सितंबर को हाई कोर्ट ने सीबीआई की याचिका स्वीकार करते हुए स्पेशल कोर्ट का आदेश रद्द किया और आरोपियों को दो दिनों की CBI कस्टडी में भेजा।
हाई कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी के आधार सही थे और आरोपियों के परिवार के सदस्यों व वकीलों को सूचना दी गई थी। इसके बाद राकेश कुमार सिन्हा और नरिंदर राजपूत को CBI कस्टडी में लिया गया। CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती का पता लगाने की कोशिश जारी है।
दूसरी ओर, दिल्ली नगर निगम की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 15 लाख रुपये की रिश्वत मामले में वरिष्ठ सचिवालय सहायक अनिल कुमार उर्फ खत्री समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि टेंडर अवधि खत्म होने के बाद भी बिलबोर्ड, होर्डिंग और एलईडी डिस्प्ले लगाने की मंजूरी देने के एवज में रिश्वत वसूली जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपियों में नैक्स क्रिएटर्स के निदेशक अनंत कुमार शर्मा और कंपनी के स्टाफ दिलीप पटेल शामिल हैं। आरोपियों के ठिकानों से 25.25 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
एमसीडी में करीब तीन दशक सेवा देने वाले पूर्व सफाई कर्मचारी के पेंशन फंड के लिए रिश्वत मांगने के मामले में भी कार्रवाई हुई है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने शाहदरा दक्षिण जोन के डीलिंग असिस्टेंट संजय को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, संजय ने पेंशन फंड जारी करने के लिए पहले भी अलग-अलग मौकों पर रिश्वत ली थी। 14 सितंबर को शिकायत मिलने पर एसीबी की टीम ने कार्रवाई की। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सीबीआई ने CGST अफसरों के खिलाफ कब मामला दर्ज किया?
- सीबीआई ने 26 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज किया था।
- रिश्वत की रकम कैसे घटाई गई थी?
- शिकायत में बताया गया कि रिश्वत की मांग डेढ़ करोड़ रुपये से घटाकर 40 लाख रुपये की गई।
- CGST अधिशासी कमिश्नर का क्या हाल है?
- CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंठेती का पता लगाने की कोशिश जारी है।
- शाहदरा दक्षिण जोन के डीलिंग असिस्टेंट संजय पर क्या आरोप हैं?
- संजय पर पेंशन फंड जारी करने के लिए पहले भी अलग-अलग मौकों पर रिश्वत लेने का आरोप है।
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