CJP और BJP प्रवक्ताओं के बीच ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट पर तीखी बहस
सौरव दास ने पोस्ट हटाई, कहा AI से बनी; गौरव भाटिया ने माफी का अल्टीमेटम दिया
CJP प्रवक्ता सौरव दास और भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया के बीच ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट को लेकर विवाद हुआ। दास ने यह पोस्ट शेयर की थी, जिसे भाटिया ने फर्जी बताया और उसे हटाने तथा माफी मांगने को कहा। इस विवाद की पृष्ठभूमि में दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर कथित हमले का मामला है, जिसमें पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया।
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CJP प्रवक्ता सौरव दास और भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया के बीच शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल’ वाले पोस्ट को लेकर विवाद हुआ। भाटिया ने इसे फर्जी बताते हुए दास को 24 घंटे के अंदर पोस्ट डिलीट करने और बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया।
यह विवाद उस पोस्ट को लेकर शुरू हुआ जिसमें दावा किया गया था कि भाटिया ने स्वतंत्र भारद्वाज को ‘दिमागी नक्सल’ कहा है। दास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर यह पोस्ट शेयर की थी, जिसमें कथित तौर पर भाटिया के हवाले से यह लिखा था कि ‘‘स्वतंत्र भारद्वाज नाम का व्यक्ति ‘दिमागी नक्सल’ है और भाजपा का इस व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है।’'
भाटिया ने इस पोस्ट को फर्जी बताया और दास को 24 घंटे के भीतर इसे हटाने और बिना शर्त माफी मांगने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मिली तो अगले दिन एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। दास ने पोस्ट डिलीट कर दी और कहा कि यह AI से बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने भाजपा नेताओं को इस लाइन को दोहराने की चुनौती दी और भाटिया से पूछा कि क्या वे इस बयान से असहमत हैं।
यह विवाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले से जुड़ा है। CJP का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने संजय कुमार पर हमला किया था। भारद्वाज ने खुद दावा किया था कि उन्होंने आजाद के पिता की ‘‘खोपड़ी तोड़ दी’’ लेकिन उन्हें जेल नहीं हुई और वह पूरी रात बाहर घूमते रहे।
इस मामले में शुक्रवार को CJP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। संगठन के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिला और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बाद में भारद्वाज को हिरासत में लिया और गिरफ्तार किया।
शुरुआत में 21 वर्षीय आरोपी के खिलाफ साधारण चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं।
भाटिया ने कहा कि पोस्ट को डिलीट होने में 83 मिनट लगे, लेकिन अभी तक बिना शर्त माफी नहीं मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दास ने भाजपा से सवाल किया कि जब सहयोगी चिराग पासवान ने भी स्वतंत्र भारद्वाज से दूरी बनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, तो भाजपा इस मामले पर कुछ क्यों नहीं कह रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- CJP ने निशु आजाद के पिता पर क्या आरोप लगाए हैं?
- CJP का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला किया था।
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