बालोतरा के कल्याणपुर में बाबा रामदेवजी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बाबा दशमी पर मंदिर में दिनभर पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन
बालोतरा के कल्याणपुर और आसपास के मंदिरों में बाबा रामदेवजी के वार्षिक मेले और दशमी उत्सव के दौरान हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल हुए। मंदिरों को सजाया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सभी उम्र के लोग भाग ले रहे थे। इस अवसर पर व्यापारिक स्टॉल भी लगाए गए और क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना रहा।
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बालोतरा। बालोतरा के कल्याणपुर कस्बे में सोमवार को बाबा रामदेवजी के मंदिर पर सालाना मेला और दशमी का उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन और भक्ति का माहौल बना रहा।
पऊं गांव के बाबा रामदेवजी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर बाबा रामदेवजी के जयकारों से गूंज उठा।
कई श्रद्धालु समूहों में भजन-कीर्तन करते हुए मंदिर पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में भक्ति का माहौल बना रहा। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में माथा टेका, प्रसाद चढ़ाया और मन्नतें मांगीं। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी उम्र के लोग दर्शन के लिए आए।
मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण दिनभर रौनक रही। पैदल आने वाले जत्थों के पहुंचने से भक्ति का उत्साह और बढ़ गया।
पंचायत समिति सरनाऊ के पास कूड़ा गांव में स्थित बाबा रामदेवजी मंदिर में भी रामदेव दशमी के मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना रहा।
मंदिर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया था। बाबा रामदेवजी का श्रृंगार सुबह करीब चार बजे किया गया और मंदिर परिसर को सवा लाख रुद्राक्ष से सजाया गया था। पूजा और अखंड ज्योति के बाद दिनभर अलग-अलग भजन मंडलियों की प्रस्तुतियां होती रहीं।
स्थानीय गायक मदन नाथ सिंगर और जसवीर सिसोदिया एंड पार्टी ने भजन प्रस्तुत किए। बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे और पूजा की। मेले में दूर-दूर से लोग बाबा के दर्शन और मेले में शामिल होने आए।
व्यापारियों ने अलग-अलग दुकानें लगाईं, जहां सजावटी सामान और अन्य वस्तुएं लोगों को पसंद आईं। रावला चौक के पास भी बाबा रामदेव मंदिर के आसपास मेला लगा। मेघवालों की वास स्थित बाबा रामदेवजी मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन और नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए।
दौलाराम कुआं ने बताया, "कल्याणपुर में साल 1993 से बाबा रामदेवजी के मंदिर पर मेला लगता आ रहा है।" रविवार रात भजन संध्या हुई, जिसमें स्थानीय और बाहर से आए कलाकारों ने भजन सुनाकर माहौल को भक्ति से भर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मेला में कौन-कौन से कार्यक्रम होते हैं?
- मेला में भजन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नृत्य और अखंड ज्योति शामिल होते हैं।
- मंदिर का श्रृंगार कब किया जाता है?
- मंदिर का श्रृंगार सुबह करीब चार बजे किया जाता है।
- मेले में व्यापारियों का क्या योगदान होता है?
- व्यापारी सजावटी सामान और अन्य वस्तुओं की दुकानें लगाते हैं, जिससे मेले में खरीदारी का अनुभव होता है।
- मेले में कौन-कौन से लोग शामिल होते हैं?
- मेले में महिलाएं, युवा, बुजुर्ग, पुरुष और बच्चे सभी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।
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