बूंदी में प्रसूता की मौत, परिजन ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की
बूंदी जिले के जनना अस्पताल में 16 सितंबर को प्रसूता कविता कुमावत की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के बाद वार्ड में अत्यधिक ब्लीडिंग के दौरान समय पर उचित देखभाल नहीं की गई, जिससे कविता की मौत हुई। परिजन चेतावनी देते हैं कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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बूंदी। बूंदी के जिला जनना अस्पताल में 16 सितंबर को एक प्रसूता की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि कविता कुमावत को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां अचानक अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई। परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन उनका आरोप है कि समय पर ध्यान नहीं दिया गया।
गंभीर हालत में कविता को कोटा रेफर किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों का कहना है कि कविता की पहले भी सामान्य डिलीवरी हो चुकी थी और यह घटना डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है।
पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में भागचंद कुमावत, हीरालाल, अशोक, गोपाल, करण, राधेश्याम, बंशीलाल और मुकेश कुमावत शामिल थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कविता कुमावत को अस्पताल में क्या समस्या हुई?
- ऑपरेशन के बाद वार्ड में उन्हें अचानक अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई थी।
- क्या कविता को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट किया गया?
- गंभीर हालत में उन्हें कोटा रेफर किया गया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
- परिजन कारवाही क्यों मांग रहे हैं?
- वे डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही को कारण मानते हैं और न्याय चाहते हैं।
- ज्ञापन सौंपने वालों में कौन-कौन शामिल थे?
- भागचंद कुमावत, हीरालाल, अशोक, गोपाल, करण, राधेश्याम, बंशीलाल और मुकेश कुमावत थे।
- परिजन आगे क्या कदम उठाने की योजना बना रहे हैं?
- उनका कहना है कि मांगें पूरी न होने पर वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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