पानीपत में प्रसूता की मौत, परिजन ने गिरफ्तारी की मांग की
सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दर्द से तड़पती रही महिला, नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप
पानीपत के सिविल अस्पताल में 25 वर्षीय प्रसूता किरण की इलाज के दौरान मौत हो गई, परिजन ने नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वैशाली नगर में भी एक महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए।
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जयपुर। पानीपत के सिविल अस्पताल में 25 वर्षीय प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की कथित लापरवाही से महिला की हालत बिगड़ी और इलाज में देरी हुई।
डाबर कॉलोनी निवासी किरण ने रविवार को अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था। नॉर्मल डिलीवरी के बाद मंगलवार को उसे और बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर लौटने के बाद बाथरूम में पैर फिसलने से चोट लगने पर परिजन उसे फिर से सिविल अस्पताल ले आए। वहां दोबारा लेबर वार्ड में भर्ती किया गया और इलाज चल रहा था। मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद किरण का दर्द कम नहीं हो रहा था।
शनिवार-रविवार की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे तेज दर्द व सांस लेने में तकलीफ होने लगी। वार्ड में उसकी सास और मां देखभाल के लिए मौजूद थीं। परिजन ने बताया कि वे रातभर कम से कम 15 बार नर्सिंग स्टाफ के कमरे में गए और मरीज की बिगड़ती हालत की सूचना दी, लेकिन स्टाफ ने नींद में होने का बहाना बनाकर दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। तड़के इलाज और ऑक्सीजन की कमी से किरण की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में तैनात नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर मौके से चले गए। परिजन और रिश्तेदार अस्पताल में जमा होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। परिजन ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।
सीनियर डॉक्टर रिंकू सांगवान ने मौके पर आकर परिजनों को शांत किया और दोषी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
दूसरी ओर, वैशाली नगर इलाके में पेट दर्द की शिकायत पर निजी अस्पताल में भर्ती 27 वर्षीय महिला की मौत के बाद भी विरोध प्रदर्शन हुआ। परिजन ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला को कई अस्पतालों में रेफर किया गया, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। परिजन ने एक करोड़ रुपए मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किरण की हालत खराब होने पर अस्पताल में क्या हुआ?
- परिजन ने लगातार नर्सिंग स्टाफ को मरीज की बिगड़ती हालत की सूचना दी, लेकिन स्टाफ ने दरवाजा अंदर से बंद कर नींद में होने का बहाना बनाया।
- सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों को क्या आश्वासन दिया?
- सीनियर डॉक्टर रिंकू सांगवान ने दोषी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया और परिजनों को शांत किया।
- दूसरी महिला की मौत के पीछे क्या कारण बताए गए हैं?
- परिजन ने इलाज में देरी और लापरवाही को मौत का कारण बताया है और महिला को कई अस्पतालों में रेफर किया गया था।
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