दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बीच डूसू चुनाव के नतीजे घोषित
मतगणना शनिवार सुबह 8 बजे शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के नतीजे 19 सितंबर को घोषित किए गए, जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने विजय जुलूस पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 8 बजे शुरू हुई और चुनाव में एबीवीपी, एनएसयूआई तथा आईसा-एसएफआई प्रमुख प्रत्याशी रहे। हाईकोर्ट ने चुनाव के दौरान नियमों के उल्लंघन पर चिंता जताई और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (डूसू) चुनाव के नतीजे 19 सितंबर को घोषित किए गए। दिल्ली हाईकोर्ट ने नतीजे जारी होने के बाद विजय जुलूस पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मतगणना शनिवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
डूसू अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार केंद्रीय पदों के लिए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई। दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2,000 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए। स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही।
मतगणना स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत वीडियोग्राफी भी कराई गई। उम्मीदवारों की मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया और सभी कंट्रोल यूनिट्स को कैमरे की निगरानी में गिनती वाली मेजों तक ले जाया गया।
डूसू चुनाव में शुक्रवार को लगभग 40.46 प्रतिशत मतदान हुआ। कई कॉलेजों में मतदान 30 से 45 फीसदी के बीच रहा। इस बार भी एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कड़ा मुकाबला था, जबकि आईसा-एसएफआई की एंट्री ने चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव के दौरान लिंग्दोह कमेटी की सिफारिशों के उल्लंघन पर चिंता जताई। कोर्ट ने सभी छात्र संगठनों और उम्मीदवारों से पूछा कि नियम तोड़ने पर उन पर चुनावी नुकसान की भरपाई का आदेश क्यों न दिया जाए।
चुनाव के दौरान मनाही के बावजूद कुछ स्थानों पर प्रिंटेड पर्चे उड़ाए गए। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सभी उम्मीदवारों को शांतिपूर्ण मतगणना और विजेताओं की घोषणा सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।
मतगणना स्थल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और छात्रों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। मुख्य सड़कों पर पाबंदियां लगाई गईं और ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक सुचारू बनाए रखने के इंतजाम किए।
एबीवीपी ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष के लिए ईशू मौर्य, सचिव के लिए रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव के लिए लक्ष्यराज सिंह को मैदान में उतारा। एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष के लिए वीर छतरथ, सचिव के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव के लिए गोपाल चौधरी को प्रत्याशी बनाया। आईसा-एसएफआई गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष के लिए अक्षत शिखर, सचिव के लिए स्टैनजिन डेस्क्योंग और संयुक्त सचिव पद के लिए बी. को मैदान में उतारा।
प्रोफेसर राजेश सिंह ने कहा, "हमारी पूरी व्यवस्था बहुत अच्छी तरह से आयोजित और सुव्यवस्थित है।" डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया, "दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार डूसू चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद आज कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा।" उन्होंने कहा, "वोटों की गिनती को ध्यान में रखते हुए, स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- डूसू चुनाव में सुरक्षा के क्या उपाय किए गए?
- मतगणना स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत वीडियोग्राफी की गई और छात्रों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।
- डूसू चुनाव में किस-किस संगठन ने उम्मीदवार उतारे?
- एबीवीपी, एनएसयूआई, और आईसा-एसएफआई गठबंधन ने विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में उतारे।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव के दौरान किन नियमों का उल्लंघन बताया?
- कोर्ट ने लिंग्दोह कमेटी की सिफारिशों के उल्लंघन पर चिंता जताई और नियम तोड़ने पर चुनावी नुकसान की भरपाई के आदेश देने की संभावना पर सवाल उठाया।
- मतदान प्रतिशत का विवरण क्या है?
- कुछ कॉलेजों में 30 से 45 फीसदी के बीच मतदान हुआ, जिससे चुनाव में अच्छी भागीदारी देखी गई।
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