एबीवीपी ने डूसू चुनाव में तीन पदों पर हासिल की बड़ी जीत
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने राहुल गांधी की नकारात्मक राजनीति को खारिज किया
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन सफल रहे। कांग्रेस से जुड़ी एनएसयूआई को किसी भी पद पर सफलता नहीं मिली। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने इस जीत को राष्ट्र विरोधी ताकतों के प्रति संदेश बताया।
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस जीत को राष्ट्र विरोधी ताकतों को स्पष्ट संदेश बताया। भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने राहुल गांधी की राजनीति को खारिज करने वाला जनादेश बताया।
एबीवीपी ने डूसू चुनाव के तीन मुख्य पदों- अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव- पर जीत हासिल की है। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस से जुड़ी एनएसयूआई को किसी भी पद पर सफलता नहीं मिली।
भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से एक भारत विरोधी एजेंडा बना रहे थे और युवाओं को राष्ट्रवादी विचारों से दूर करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि डूसू चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस और वाम दलों द्वारा बनाए गए इस विमर्श को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देश के सभी राज्यों के छात्रों का संगम है और यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं की मनोस्थिति का प्रतिबिंब है। उन्होंने इस जीत को उन राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश बताया जो युवाओं को अपने एजेंडे की प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं।
डूसू अध्यक्ष पद के चुनाव में एबीवीपी के यश डबास ने 24,576 वोट लेकर एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों से हराया। सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट लिए, जबकि समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव को 15,778 वोट मिले।
एबीवीपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि इस जीत से नई ऊर्जा मिली है और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेकर परिषद के कार्यकर्ता छात्र हित और राष्ट्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि एबीवीपी की जीत युवाओं के सकारात्मक छात्र राजनीति में भरोसे को दर्शाती है।
सिद्धार्थ यादव ने कहा, "दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने राहुल गांधी की झूठ और नकारात्मक प्रचार की राजनीति को खारिज कर दिया है।" उन्होंने इसे राहुल गांधी के लिए करारा तमाचा बताया।
मंत्री अमित शाह ने पूछा, "क्या राहुल गांधी की आवाज़ सुनाई दे रही है या नहीं?" उन्होंने इस जबर्दस्त जीत को राष्ट्र विरोधी ताकतों को स्पष्ट संदेश बताया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एबीवीपी की जीत पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने क्या कहा?
- अमित शाह ने इसे राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश बताया और देश के युवाओं की मनोस्थिति का प्रतिबिंब करार दिया।
- राहुल गांधी की राजनीति को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने क्या टिप्पणी की?
- सिद्धार्थ यादव ने राहुल गांधी की राजनीति को झूठ और नकारात्मक प्रचार बताया और इसे चुनाव में करारा तमाचा बताया।
- डूसू के अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने किन विरोधी उम्मीदवारों को हराया?
- यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों से हराया।
- एबीवीपी की इस जीत से अध्यक्ष नितिन नवीन की क्या उम्मीदें हैं?
- नितिन नवीन ने कहा कि यह जीत नई ऊर्जा लाएगी और वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित होकर छात्र हित और राष्ट्र निर्माण में काम करेंगे।
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